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व्यंग्य
 

  • दिवाली क्या गई जीना हराम कर गई

    दिवाली क्या गई जीना हराम कर गई

    उनकी सेहत की एक मात्र शुभ चिंतक याने उनकी धर्मपत्नी का सुबह घूमने जाने के लिए किया जाने वाला तगादा,जो उनके फेसबुक और व्हॉटसएप चलाते हुए दिनभर सोफे पर पड़े रहने

  • नियम तो एक सजा है

    नियम तो एक सजा है

    देश की सरकार से लेकर किसी भी छोटे बड़े आयोजन के मंच का माईक जिनके पास होता है। वो सारे नियम तोड़ने का अधिकार रखता है।

  • कब तक मात खाओगे मियां…!

    संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा घोषित 25 आतंकी संगठनों को पालने से अच्छा है आप अपने देश की भावी पीढ़ी के भविष्य की चिंता करें।

  • हनी की वैतरणी

    हनी की वैतरणी

    हमारे यहॉ जब भी ट्रैप होती है तो कुछ डायरियां, कुछ मोबाइल नम्बर और कुछ सीडी पकड़ने की खबरें अखबारों की सुर्खियाँ बनती है।

  • खुद मियाँ फजीहत…

    खुद मियाँ फजीहत…

    मैं कलमघसीट इतना ही लिख पाया था कि मेरे दाहिने हाथ में सप्ताह भर से हो रहा दर्द एकाएक बढ़ गया, तीव्र वेदना होने लगी। इस लिए लेखन कार्य को विराम देना पड़ा।

    • By: भूपेन्द्र सिंह गर्गवंशी
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    • In: व्यंग्य
  • क्रांतिकारी की कथा

    क्रांतिकारी की कथा

    उसका एक दोस्त आया। बोला, “तुम्हारे फादर कह रहे थे कि तुम पत्नी को लेकर सीधे घर क्यों नहीं आए। वे तो काफी शांत थे। कह रहे थे, लड़के और बहू को घर ले आओ।”

  • लोकतंत्र में गिरने- गिराने की परम्परा है

    लोकतंत्र में गिरने- गिराने की परम्परा है

    वैसे भी बच्चा जब चलना सीखता है तो पहले थोड़ा चलता है और फिर गिरता भी है। चलने का प्रयास जारी रहता है चंदन गाड़ी के सहारे चलता है वह भी फिसलती है फिर गिरता है।

  • आप “ई” नहीं हैं तो कुछ भी नहीं हैं

    आप “ई” नहीं हैं तो कुछ भी नहीं हैं

    वर्तमान में “ई” प्लेटफार्म की खासियत है आप “ही” है तो ठीक-ठीक हैं और यदी आप “शी” हैं तो आप विशेष हैं।

  • नहीं सुने वो सब गुने

    सुख से सम्बन्धित बातें तो बहुत सारी की जा सकती हैं लेकिन कुछ बातें अनुभव की करी जाए तो उसका आनंद अलग है ।

  • न घर के रहेंगे न घाट के

    न घर के रहेंगे न घाट के

    फिल्म देखो फिल्म का ज्ञान मत लो, श्मशान में जाओ कोई निपट रहा है तो कुछ देर मन को दृवित करो, सब कुछ होने के बाद संसार धर्म को निभाने के लिए निकल पड़ो वरना जी नहीं पाओगे

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