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व्यंग्य
 

  • वो टॉर्च बेचता रहा, दूसरा प्रकाश पुंज बन गया

    वो टॉर्च बेचता रहा, दूसरा प्रकाश पुंज बन गया

    वह पहले चौराहों पर बिजली के टार्च बेचा करता था । बीच में कुछ दिन वह नहीं दिखा । कल फिर दिखा । मगर इस बार उसने दाढी बढा ली थी और लंबा कुरता पहन रखा था ।

  • आप हमारे लीडर नहीं हो …!

    आप हमारे लीडर नहीं हो …!

    पहले दिल्ली और लखनऊ में टिकट के लिए हाथ फैलाते हैं फिर जनता के पास आकर वोट के लिए । अगर आपकी दिल्ली -लखनऊ में बात नही बनी तो वहीं विचारों में मतभेद बताकर आप दूसरी पार्टी में भी छलांग लगाकर कूदने से बाज नही आते हो ।

  • सेल्फी चिंतन

    एक महाशय सुबह से इसी बात पे नाराज थे कि जिसे देखो वो सेल्फी खींच कर डालने पर अड़ा है, पड़ा है सड़ा है . सेल्फी देख देखकर कुढा रहे थे.' मैंने भी पूछ ही लिया -"क्या हुआ भाई क्यों बडबडा रहे हो... बैठे बैठे.'

  • बेवकूफी का तमाशा

    बेवकूफी का तमाशा

    अप्रैल आने वाला था. बेवकूफ बनाने वाले लोगों को बेवकूफ बनाने की फ़िराक में थे. वैसे अब कोई महीना निश्चित नहीं है. अप्रैल का महीना भी अपमानित हो रहा है कि आखिर बेवकूफ बनाने का दर्जा हमसे क्यों छीन लिया है. अब तो हर दिन बेवकूफ बनाया जा रहा है अवाम को.

  • ईमानदारी का पर्व और वो

    क रात जब देश सोने की तैयारी कर रहा था, उस वक्त देश के आला अधिकारी ने बड़े नोटों को बंद करने का ऐलान कर दिया. जिस ऐलान को देश हित में बताया गया. अगले दिन सुबह बैंक बंद दो दिन एटीएम बंद. रातोंरात मेहनत से कमाया पैसा कागज के टुकड़े हो गये.

  • विवाद की आग जलती रहे, फिल्म वालों की तिजोरी भरती रहे…!!

    विवाद की आग जलती रहे, फिल्म वालों की तिजोरी भरती रहे…!!

    अब स्वर्ग सिधार चुके एक ऐसे जनप्रतिनिधि को मैं जानता हूं जो युवावस्था में किसी तरह जनता द्वारा चुन लिए गए तो मृत्यु पर्यंत अपने पद पर कायम रहे। इसकी वजह उनकी लोकप्रियता व जनसमर्थन नहीं बल्कि एक अभूतपूर्व तिकड़म थी। जिसमें उनके परिवार के कुछ सदस्य शामिल हेोते थे। दरअसल उन साहब ने अपने घर में कृत्रिम विभीषण तैयार कर लिया था।

  • व्यंग्य की जुगल बंदी मोबाईल से

    हिंदी साहित्य में व्यंग्य को लेकर बहुत ज्यादा प्रयोग देखने को नहीं मिलते है और जो अभी तक हुए है उनका भी सही से मूल्याकन नहीं हो पाया है . लेकिन फिर भी व्यंग्यकारों ने से एक अनोखा प्रयोग किया - व्यंग्य की जुगलबंदी।

  • महेश शर्मा के सुरक्षा गार्ड को ओलंपिक में भेजेंगे

    महेश शर्मा के सुरक्षा गार्ड को ओलंपिक में भेजेंगे

    ओलंपिक में चारों तरफ भारतीय खिलाड़ियों की हार को केंद्र सरकार ने गंभीरता से लिया है। इधर केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा के सुरक्षा गार्ड का वीडिओ सामने आने के बाद तो भारत सरकार के अधिकारियों ने महसूस किया कि इतने सालों में खिलाड़ियों पर यूँ ही फालतू खर्चा कर ओलंपिक में भेजा। इसकी बजाय अगर महेश शर्मा के गार्ड को भेजा होता तो मुक्के बाजी में भारत को स्वर्ण पदक आसानी से मिल सकता था।

  • एक झटके में बन जाईये टीवी पर बहस करने वाले विशेषज्ञ

    एक झटके में बन जाईये टीवी पर बहस करने वाले विशेषज्ञ

    इन दिनों टीवी पर अलग-अलग विषय पर बोलने वाले विशेषज्ञों की भारी मांग है। हर चैनल को हर विषय पर बोलने के लिए कुछ ऐसे लोग चाहिए जो उस विषय को छोड़कर किसी भी विषय पर धाराप्रवाह बोल सके और इतना बोले कि दूसरे को बोलने का मौका ही नहीं दे।

  • देशभक्ति की ओवर डोज

    नए भारत में देशभक्ति के मायने औए पैमाने बदल गये हैं. इसीलिए भारतीय संस्कृति की महान परम्परा का जितना प्रचार प्रसार भारत में किया जाता है शायद ही कोई ऐसा देश होगा जो यह सब करता हो.

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