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दुनिया मेरे आगे
 

  • देश वो नहीं है जो मीडिया दिखा रहा हैः श्री अशोक गोयल

    देश वो नहीं है जो मीडिया दिखा रहा हैः श्री अशोक गोयल

    मीडिया देश की नकारात्मक छवि पेश कर रहा है और इससे ऐसा लगता है कि देश में कुछ भी अच्छा नहीं हो रहा है, जबकि स्थिति इसके ठीक विपरीत है। देश में ऐसे कई लोग, संस्थाएँ और संगठन हैं जो बगैर किसी सरकारी मदद के समाज के हर क्षेत्र में अपना योगदान दे रहे हैं।

  • दुर्व्यवस्था का शिकार नेपाल का ऐतिहासिक नगर जनकपुर

    दुर्व्यवस्था का शिकार नेपाल का ऐतिहासिक नगर जनकपुर

    पिछले दिनों अपने दरभंगा (बिहार)प्रवास के दौरान भारत-नेपाल के सीमावर्ती मिथिलांचल परिक्षेत्र के अंतर्गत पडऩे वाले नेपाल के जनकपुर शहर में भ्रमण करने का अवसर मिला। वैसे तो हमारे देश के भी कई नगर व कस्बे ऐसे हैं जो प्रशासनिक दुव्र्यवस्था का शिकार हैं।

  • अब मात्र तीन शब्दयुग्म में समेट जाएगा आपका पता

    अब मात्र तीन शब्दयुग्म में समेट जाएगा आपका पता

    अमरीका के किसी भी नगर में किसी व्यक्ति या कम्पनी का डाक का पता बहुत ही आसान है

  • यह तो भारतीय संस्कृति नहीं है

    यह तो भारतीय संस्कृति नहीं है

    प्रकृति यानी एक ऐसी कृति जो पहले से ही अस्तित्व में है । कभी लोप न होने वाले इस अस्तित्व के कारण ही सभी जड़-चेतन एक सामंजस्य के साथ गतिमान है; यहां तक कि समूचे ब्रह्माण्ड की गतिशीलता का मूल भी प्रकृति ही है।

  • सपनों की मायावी दुनिया का सच

    सपनों की मायावी दुनिया का सच

    स्वप्न का हमारे जीवन के साथ गहरा तादात्म्य है। स्वप्न क्यों आते हैं, उनका वास्तविक जीवन से क्या संबंध है, क्या स्वप्न सच के प्रतिबिम्ब होते हैं, क्या स्वप्न जीवन को प्रभावित करते हैं- ऐसे अनेक प्रश्न है जो बंद पलकों के पीछे की इस रोमांचक दुनिया से जुडे़ है।

  • ईमानदारी को मिले प्रशासनिक योग्यता का सहज सम्मान

    ईमानदारी को मिले प्रशासनिक योग्यता का सहज सम्मान

    मौजूदा दौर में माना जा रहा है कि दुखी बढ़ रहे हैं या यह कहें कि सुखी कम हो रहे हैं। वैसे दोनों बातें एक ही हैं लेकिन एक प्रश्न है ‘सुख को बढ़ाने से दु:ख कम होगा या दु:ख को घटाने से सुख बढ़ेगा ?’ इन दोनों में से कौन सी बात सही है […]

  • देश की एकता व अखंडता के लिए बलिदान हो गए डॉ. मुखर्जी

    देश की एकता व अखंडता के लिए बलिदान हो गए डॉ. मुखर्जी

    मुंबई। मुंबई के कमल ज्योति फाउंडेशन द्वारा आयोजित स्व. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्य तिथि पर आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय लघु, सूक्ष्म एवँ अति सूक्ष्म उद्योग मंत्री श्री कलराज मिश्र ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने देश की एकता व अखंडता का स्वप्न ही नहीं देखा इस स्वप्न को साकार करने के लिए उन्होंने अपने प्राणों का उत्सर्ग कर दिया।

  • धर्मगुरुओं का व्यावसायी हो जाना!

    धर्मगुरुओं का व्यावसायी हो जाना!

    हाल में हमारे देश में अनेक ऐसे धर्मगुरुओं का उभार हुआ है, जिन्होंने धर्म को धन से जोड़ दिया है। वे भारत में सबसे तेज रफ्तार से उपभोक्ता सामान बेच कर लोकप्रियता हासिल कर रहे हैं।

  • प्रतापगढ़ का पानी और प्रशासन

    प्रतापगढ़ का पानी और प्रशासन

    बुंदेलखण्ड का सूखा, एक नजीर बन चुका है। सो, स्थानीय संगठनों की पहल पर उत्तर प्रदेश का शासन कुछ नजीर पेश करने के मूड में आता दिखाई दे रहा है। उसने वहां 100 परंपरागत तालाबों के पुनर्जीवन की घोषणा की है; 50 तालाब महोबा में और 50 उत्तर प्रदेश के हिस्से वाले शेष बुंदेलखण्ड में।

  • घरेलू महिलाओं के अस्तित्व से जुड़े प्रश्न

    घरेलू महिलाओं के अस्तित्व से जुड़े प्रश्न

    एक महिला एक कंपनी में काम करती है। निश्चित अवधि एवं निर्धारित दिनों तक काम करने के बाद उसे एक निर्धारित राशि वेतन के रूप में मिलती है।

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