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दुनिया मेरे आगे
 

  • सिर्फ़ अपनी पीठ न थपथपाये सरकार

    देश में आज भी छोटे-बड़े क़स्बों और गांव-देहात में पारंपरिक चूल्हे पर खाना पकाया जाता है। इनमें लकड़ियां और उपले जलाए जाते हैं। इसके अलावा अंगीठी का भी इस्तेमाल किया जाता है। अंगीठी में लकड़ी और पत्थर के कोयले जलाए जाते हैं।

  • तुष्टीकरण की आग में जल रहे हैं पश्चिम बंगाल के हिंदू

    तुष्टीकरण की आग में जल रहे हैं पश्चिम बंगाल के हिंदू

    रामकृष्ण परमहंस, स्वामी विवेकानंद, सुभाषचंद्र बोस और रविन्द्र नाथ ठाकुर की जन्मभूमि पश्चिम बंगाल आज सांप्रदायिकता की आग में जल रही है। वहाँ हिंदू समुदाय का जीना मुहाल हो गया है। यह स्थितियाँ अचानक नहीं बनी हैं।

  • मैं गरीब हूं, इबारत गरीबी का मजाक है

    मैं गरीब हूं, इबारत गरीबी का मजाक है

    राजस्थान में गरीबों का मखौल उड़ाने का एक गंभीर मामला सामने आया है, जो हमारी राजनीति के साथ-साथ प्रशासनिक मूल्यहीनता एवं दिशाहीनता का परिचायक है। राजनीतिक लाभ लेने के लिये किस तरह सरकार के द्वारा जनयोजनाआंें को भुनाने के प्रयत्न होते हैं, उसका राजस्थान एक घिनौना एवं अमानवीय उदाहरण बनकर प्रस्तुत हुआ है।

  • ‘भाई’ हो तो ऐसा ???

    ‘भाई’ हो तो ऐसा ???

    तकनीक के तेवर रिश्तों को तहस नहस कर रहे हैं। मुकेश अंबाजी और अनिल अंबानी को ही देख लीजिए। दोनों भाई हैं। सगे भाई। धीरूभाई अंबानी के स्वर्ग सिधारते ही रिश्तों में दूरियां आ गई थी, और दोनों मन से बहुत दूर हो गए।

  • कमाई का योग, योग की कमाई

    कमाई का योग, योग की कमाई

    दिल्ली का राजपथ गवाह है जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर 21 जून, 2015 को विश्व के 192 देश योगपथ पर भारत के साथ चले तो पूरे विश्व में योग का डंका बजने लगा।

  • ब्रिटेन की जनता ने क्यों दिया त्रिशंकू संसद

    ब्रिटेन की जनता ने क्यों दिया त्रिशंकू संसद

    पूरी दुनिया की नजर ब्रिटेन में ब्रिटेन में हुए मध्यावधि चुनाव पर लगी थी। इसका कारण साफ था, क्योंकि प्रधानमंत्री थेरेसा मे ने समय पूर्व चुनाव कराने का जोखिम यूरोपीय संघ से अलग होने में कठोरता बरतने तथा अपने अनुसार निर्णय करने लायक स्थिति में आने के लिए उठाया था।

  • यह आंदोलन, वह आंदोलन  ….!!

    यह आंदोलन, वह आंदोलन ….!!

    इसे संयोग ही मानता हूं कि मध्य प्रदेश के मंदसौर में जिस दिन पुलिस फायरिंग में छह किसानों की मौत हुई, उसी रोज कभी मध्य प्रदेश का हिस्सा रहे छत्तीसगढ़ से मैं अपने गृहप्रदेश पश्चिम बंगाल लौटा था। मानवीय स्वभाव के नाते शुक्र मनाते हुए मैं खुद को भाग्यशाली समझने लगा कि इस मुद्दे पर विरोधियों की ओर से आयोजित बंद की चपेट में आने से पहले ही मैं ट्रेन से अपने गृहनगर लौट आया।

  • अमेरिका का पेरिस जलवायु समझौते से अलग होना

    अमेरिका का पेरिस जलवायु समझौते से अलग होना

    अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप का पेरिस जलवायु समझौते से अलग होने का ऐलान पूरी दुनिया के लिए बड़े आघात जैसा है। लंबी कवायद के बाद तो दिसंबर 2015 में 195 देशों के बीच पेरिस में ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन और धरती के बढ़ते तापमान को कम करने को लेकर एक सहमति बनी थी और स्वयं अमेरिका ने उसकी अगुवाई की थी।

  • शिक्षा से जुड़े सवालों पर न कोई सोच न कोई हलचल

    शिक्षा से जुड़े सवालों पर न कोई सोच न कोई हलचल

    दुनिया के परिदृश्य में भारत में जिस रफ्तार से प्रगति हो रही है, चाहे वह आर्थिक हो, सांस्कृतिक हो, वैज्ञानिक हो, कृषि की हो, तकनीक की हो, उस अनुपात में देश में शिक्षा की अपेक्षित प्रगति आजादी के 70 वर्ष बाद भी हासिल न होना शोचनीय है। नरेंद्र मोदी भारत के प्रधानमंत्री बने तब से […]

  • भीड़तंत्र की हिंसा से जख्मी होता समाज

    भीड़तंत्र की हिंसा से जख्मी होता समाज

    उत्तर प्रदेश के आगरा में भाजपा नेता की हत्या के बाद भीड़ ने ही दो हमलावरों में से एक को पीट-पीटकर मार डाला। दिल्ली में खुलेआम दो लड़कों को पेशाब करने से रोकने पर गतदिनों एक ई-रिक्शा चालक की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई।

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