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दुनिया मेरे आगे
 

  • प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आपातकालीन प्रसूति सेवाओं का अभाव

    भारतीय शोधकर्ताओं के इस अध्ययन में इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पॉपुलेशन सांइसेज द्वारा देश भर में किए गए सर्वेक्षण से प्राप्त आंकड़ों को आधार बनाया गया है।

  • यह एक नए युग के शुरुआत का अवसर हो सकता है

    यह एक नए युग के शुरुआत का अवसर हो सकता है

    हमारे भारत देश का संस्कार ही ऐसा है जहां शास्त्रार्थ की महान परंपरा अब बहस और वाद-विवाद के रुप में परिणत हुआ है और कुछ मायने में विकृत भी हुआ है।

  • बस्तों का बोझ कम करने का सराहनीय उपक्रम 

    बस्तों का बोझ कम करने का सराहनीय उपक्रम 

    बच्चों के मानसिक तनाव को कम करने के प्रयास निरर्थक होते नजर आने लगे एवं बच्चों का बचपन लुप्त होने लगा, ऐसे जटिल हालात में सरकार ने स्कूली बच्चों के पाठ्यक्रम का बोझ कम करने का जो फैसला किया है,

  • भारतीय संस्कृति में पर्यावरण का महत्व 

    भारतीय संस्कृति में प्रकृति को महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। इसी कारण भारत में प्रकृति के विभिन्न अंगों को देवता तुल्य मानकर उनकी पूजा-अर्चना की जाती है।

  • पाकिस्तान पर भरोसे करने की कीमत कब तक चुकाए?

    पाकिस्तान पर भरोसे करने की कीमत कब तक चुकाए?

    पाकिस्तान की ओर से एक बार फिर जिस तरह संघर्ष विराम उल्लंघन किया गया और जिसमें सीमा सुरक्षा बल के दो जवानों को शहादत का सामना करना पड़ा उससे यही स्पष्ट हुआ कि इस पड़ोसी देश पर भरोसा करना अपने पांव पर कुल्हाड़ी चलाने के समान है।

  • स्टरलाइट प्लांट पर तालेबंदी से जुड़े प्रश्न

    स्टरलाइट प्लांट पर तालेबंदी से जुड़े प्रश्न

    चौदह लोगों की मौत के बाद तमिलनाडु की पलानीसामी सरकार ने वेदांता के थुथुकुड़ी स्थित स्टरलाइट प्लांट को बन्द करने के आदेश जारी कर दिये हैं। सरकार ने इसके विस्तार के लिए अधिगृहीत 342.22 एकड़ जमीन का आवंटन भी रद्द कर दिया और जमीन की कीमत वापस की जा रही है। इतने निर्दोष लोगों की मौत के बाद यदि सरकार जागी तो इसे जनता की जीत कहा जासक

  • वाराणसी हादसे से उपजे सवाल

    वाराणसी हादसे से उपजे सवाल

    नमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी में जिस तरह निर्माणाधीन फ्लाईओवर का एक हिस्सा गाड़ियों के रेले पर जा गिरा, वह कई स्तरों पर लापरवाही एवं कोताही का संकेत देता है। यह कैसा विकास है? यह कैसी विकास की मानसिकता है, जिसमें लोगों की जान की कोई कीमत नहीं है। लोग कई महीनों से चिल्ला रहे थे कि पुल हिल रहा है लेकिन अधिकारियों और राज्य सरकार ने कोई ध्यान नहीं दिया। अब लोगों की जान चली गई तो सरकार ने तुरन्त मृतकों और घायलों के लिए मुआवजे का ऐलान कर दिया। क्या इस फ्लाईओवर के निर्माण में भ्रष्टाचार की बू

  • भाषा के सन्दर्भ में फड़णवीस की अनूठी पहल

    भाषा के सन्दर्भ में फड़णवीस की अनूठी पहल

    महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस देश के ऐसे पहले मुख्यमंत्री हैं, जिन्होंने सरकार के सारे अंदरुनी काम-काज से अंग्रेजी के बहिष्कार का आदेश जारी कर दिया है, राष्ट्रीयता को सुदृढ़ करने की दिशा में ए

  • दम तोड़ती संवेदनाएं…

    दम तोड़ती संवेदनाएं…

    भारतवर्ष महादानियों व परोपकारियों का देश माना जाता है। यदि हम अपने देश में चारों ओर नज़र उठाकर देखें तो लगभग प्रत्येक राज्य में लंगर,भंडारे,छबीलें,मुफ्त स्वास्थय सुविधाएं,गरीब कन्याओं की शादियां,आंखों के मुफ्त ऑप्रेशन कैंप,गरीबों को सर्दियों में स्वेटर तथा कंबल बांटने,गरीब बच्चों को मुफ्त शिक्षा देने जैसी गतिविधियां संचालित होती दिखाई देती हैं। इन्हें देखकर तो यही प्रतीत होता है गोया परोपकारियों के इस देश में किसी गरीब व्यक्ति को किसी भी प्रकार की दु:ख-तकलीफ तो हो ही नहीं सकती। इसमें कोई संदेह भी नहीं कि गरीबों के कल्याण के लिए संचालि

  • कावेरी पर राजनीतिक कालिमा क्यों?

    कावेरी पर राजनीतिक कालिमा क्यों?

    एक बार फिर कावेरी जल बंटवारे के मसला चर्चा में है। अदालत ने जल बंटवारे के बारे में फैसला फरवरी में ही सुना दिया था। दरअसल सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार का पक्ष रखते हुए अटॉर्नी जनरल के.के. वेणुगोपाल ने कहा कि ड्राफ्ट कैबिनेट के सामने पेश किया गया है, लेकिन प्रधानमंत्री के कर्नाटक चुनाव में व्यस्त होने के कारण वह अभी तक इसे देख नहीं पाए हैं। केंद्र

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