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दुनिया मेरे आगे
 

  • पर्यावरण और विकास

    पर्यावरणीय समृद्धि की चाहत, जीवन का विकास करती है, विकास की चाहत, सभ्यताओं का। सभ्यता को अग्रणी बनाना है, तो विकास कीजिए। जीवन का विकास करना है, तो पर्यावरण को समृद्ध रखिए। स्पष्ट है कि पर्यावरण और विकास, एक-दूसरे का पूरक होकर ही इंसान की सहायता कर सकते हैं; बावजूद इस सच के आज पर्यावरण और विकास की चाहत रखने वालों ने एक-दूसरे को परस्पर विरोधी मान लिया है।

  • पेड़ों की पुकार सुनिए

    पेड़ों की पुकार सुनिए

    कुछ दिन पहले मुझे दिल्ली की भागदौड़ से दूर उत्तराँचल के एक छोटे से हिल स्टेशन पर जाने का मौका मिला. रास्ते भर हरे भरे चीड और देवदार के पेड़ और सुहानी हवा आँखों और मन को शीतल कर रहे थे. हिल स्टेशन पहुँचते ही सुंदर फूलों की क्यारियों और आडू, आलूबुखारे, खुमानी, सेब और नाशपाती से लदे पेड़ों ने हमारा स्वागत किया. इतनी सुंदर और फलों -फूलों से भरपूर जगह मैंने पहली बार देखी थी.

  • संभल : जहाँ एक मस्जिद आज भी हरिहर मंदिर कहलाती है

    संभल : जहाँ एक मस्जिद आज भी हरिहर मंदिर कहलाती है

    मेरा जन्म इसी हरिहर मंदिर के ठीक सामने ही हुआ था, कहते हैं कि इसी मंदिर के ऊपर बाबर ने मस्जिद बनाई थी

  • आखिर कैम्ब्रिज दुनिया का सर्व श्रेष्ट अध्ययन केंद्र क्यों है

    आखिर कैम्ब्रिज दुनिया का सर्व श्रेष्ट अध्ययन केंद्र क्यों है

    मेरी शुरआती पढाई किसी सेंट टाट पट्टी स्कूल (यानि सरकारी प्राइमरी स्कूल ) में भी नहीं हुई . हुआ. यूँ कि मेरा जन्म और बचपन उत्तर प्रदेश के बहुत छोटे कसबे संभल में हुआ , माँ और बाबूजी पोस्टिंग के कारण नगीना में थे, दादी मेरी पढाई को लेकर काफी प्रोटेक्टिव थीं, इसलिए उन्होंने

  • अम्ब्रेला शॉप : बुन्देलखण्ड के किसान की चलती फिरती दुकान

    अम्ब्रेला शॉप : बुन्देलखण्ड के किसान की चलती फिरती दुकान

    पिछले 2 महीनों में शायद ही कोई ऐसा दिन गया हो जब गाँव से निकलती खबर में किसी किसान के खलिहान में रखी फसल में आग लगने का मामला न आया हो । लेकिन इस पर भी सिर्फ सियासी दांवपेंच खेले जा रहे हैं। चारों तरफ सियासत का माहौल गर्म है मगर उन गाँव का हाल जस का तस है जहाँ

  • जहाँ  विदेश में भारतीयों को मिलता है अपने घर का माहौल

    जहाँ विदेश में भारतीयों को मिलता है अपने घर का माहौल

    भारतीय विद्यार्थी संगठन अमेरिकी विश्वविद्यालयों में भारत से आए विद्यार्थियों की मदद करते हैं और उन्हें अपनी जड़ों से जोड़े रखते हैं। पढ़ाई के लिए अमेरिकी कॉलेजों में दाखिला लेने जा रहे भारतीय विद्यार्थी खुशकिस्मत हैं। इंडियन स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (आईएसओ), इंडियन स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आईएसए), स्टूडेंट्स ऑफ इंडिया एसोसिएशन (एसआईए) और हिंदू स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (एचएसओ) जैसे संगठनों और एसोसिएशन

  • मोगरी से पुरुषों की पिटाई का सन्देश क्यों?

    मोगरी से पुरुषों की पिटाई का सन्देश क्यों?

    मध्यप्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव द्वारा महिलाओं को अपने शराबी पति की कपड़ों को पीट कर धोने की ‘मोगरी’ से पिटाई करने की नसीहत देना एवं एक सार्वजनिक सामूहिक विवाह समारोह अपनी ओर से वहां मौजूद सात सौ नई दुल्हनों को ‘मोगरी’ भेंट किया जाना न केवल कानून

  • तुर्की राष्ट्रपति की भारत यात्रा तुर्की के साथ संबंधों में कई पेच हैं

    तुर्की राष्ट्रपति की भारत यात्रा तुर्की के साथ संबंधों में कई पेच हैं

    भारत और तुर्की के संबंध कभी ऐसे नहीं रहे जिसके भविष्य को लेकर ज्यादा उत्साहित हुआ जाए। जाहिर है, तुर्की के राष्ट्रपति रज्जब तैयब एर्दोगन जब दो दिवसीय भारत यात्रा पर आए तो भी बहुत ज्याद अपेक्षा किसी को नहीं रही होगी। हालांकि तुर्की इस्लामी दुनिया का एक प्रमुख देश है, लेकिन वह पाकिस्तान से

  • राम जन्म भूमि याद है, सीता जन्म भूमि को भूल गए

    राम जन्म भूमि के लिए हम दशको से लंबी लड़ाई लड़ रहे हैं लेकिन इन सबके बीच कुछ ऐसा भी है जो हमारी घोर उपेक्षा का शिकार है।सीताराम, राधेश्याम या गौरीशंकर जब भी इनकी पूजा होती है तो हम मां सीता राधा गौरी देवी का सम्बोधन अवश्य करते है देवीओन का नाम देवताओं से पहले आता है

  • नव निर्माण के लिए हुआ ध्वंस हॉल ऑफ नेशंस

    नव निर्माण के लिए हुआ ध्वंस हॉल ऑफ नेशंस

    दिल्ली की वह मशहूर इमारत जो, राजधानी के प्रगति मैदान को पहचान थी, ढहा दी गयी है. इस हॉल ऑफ नेशंस नामक ऐतिहासिक हॉल में अमिताभ बच्चन और शशि कपूर स्टारर फिल्म त्रिशूल की भी शूटिंग हुई थी।

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