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  • मनीला में भारत की सफल कूटनीति

    मनीला में भारत की सफल कूटनीति

    यह आजाद भारत के इतिहास में पहली बार होगा कि हमारे गणतंत्र दिवस समारोह में इस बार एक साथ दस देशों के राष्ट्राध्यक्ष मुख्य अतिथि के रुप में विराजमान होंगे।

  • मनीला में भारत की सफल कूटनीति

    मनीला में भारत की सफल कूटनीति

    यह आजाद भारत के इतिहास में पहली बार होगा कि हमारे गणतंत्र दिवस समारोह में इस बार एक साथ दस देशों के राष्ट्राध्यक्ष मुख्य अतिथि के रुप में विराजमान होंगे।

  • यही है मोदी के आर्थिक सुधारों का प्रयोजन

    यही है मोदी के आर्थिक सुधारों का प्रयोजन

    विश्व बैंक ने भारत में विदेशी व्यापार की संभावनाओं को नई ऊर्जा दे दी है। इससे आशा की जाती है कि आने वाले समय में भारत में देसी एवं विदेशी निवेश की बाढ़ आएगी, क्योंकि दूसरे देशों की तुलना में भारत में व्यापार करना आसान हो गया है।

  • क्या कुछ हासिल होगा कश्मीर वार्ता से

    क्या कुछ हासिल होगा कश्मीर वार्ता से

    कश्मीर अगर शांत हो जाए तो भारत के कलेजे में चुभता हुआ शूल हमेशा के लिए बाहर निकल जाएगा। हर भारतवासी चाहता है कि कश्मीर में शांति और स्थिरता कायम हो, वह अन्य राज्यों की तरह एक सामान्य राज्य बने। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने जब कश्मीर में सभी पक्षों से बातचीत की घोषणा करते हुए खुफिया ब्यूरो के पूर्व निदेशक दिनेश्वर शर्मा को वार्ताकार नियुक्त किया तो उनके कथनों के सार भी यही था।

  • दिल्ली जल बोर्डः बदहाल आपूर्ति, तरक्की पर भ्रष्टाचार

    दिल्ली जल बोर्डः बदहाल आपूर्ति, तरक्की पर भ्रष्टाचार

    मुख्यमंत्री श्री केजरीवाल के लिए यह याद करने का एकदम सही वक्त है कि यदि पानी के बिल में छूट का लुभावना वायदा आम आदमी पार्टी के लिए दिल्ली विधानसभा की राह आसान बना सकता है, तो दिल्ली जलापूर्ति की गुणवत्ता और मात्रा में मारक दर्जे की गिरावट तथा मीटर रीडरों की कारस्तानियां राह में रोड़े भी अटका सकती हैं।

  • बच्चों की मौत से जुड़े सवाल

    बच्चों की मौत से जुड़े सवाल

    गुजरात में विधानसभा चुनावों की गहमागहमी के बीच अहमदाबाद के सिविल अस्पताल में 24 घंटों के बीच आईसीयू में 9 नवजात शिशुओं की मौत पर हड़कम्प मच गया है। बदइंतजामी की वजह से अगस्त में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृहनगर गोरखपुर के बीआरडी चिकित्सालय में तीन-चार दिनों के अंदर तीस से ज्यादा बच्चों की मौत हो गई थी

  • 35 ए को न सरकारें समझी न अदालतें, फिर भी ये लागू रहा-4

    35 ए को न सरकारें समझी न अदालतें, फिर भी ये लागू रहा-4

    भारत के संविधान के अनुषेद 370 को अकसर विवादों के घेरे में धकेला जाता रहा है. इस में कोई शक नहीं है कि अनुच्दछे -370 को संविधान में डालने की आवश्यकता पर प्रश्न खड़े किए जा सकते हैं

  • धारा 35 एः हकीकत जो हर बार छुपाई जाती रही है ः2

    धारा 35 एः हकीकत जो हर बार छुपाई जाती रही है ः2

    1947 में जब भारत का विधान लिखा गया उस समय भारत के नेता पहली बार एक विधान लिख रहे थे इस लिए उस समय किसी बात की ओर उनका सूक्ष्मता से ध्यान न गया हो ऐसा हो सकता है इस लिए कुछ कमियाँ उस समय की सोच और फैसलों में रह सकती है .

  • धारा 35 एः  शहीद सैनिकों की राष्ट्र भक्ति पर भी सवाल उठाती है-1

    धारा 35 एः शहीद सैनिकों की राष्ट्र भक्ति पर भी सवाल उठाती है-1

    आज के दिन भारत के जम्मू कश्मीर राज्य के संधर्व में ‘अनुच्छेद 35A‘ चर्चा में है ! इस अनुच्छेद पर चर्चा अनुच्छेद 370 से भी उग्र रूप लेती जा रही है और जम्मू कश्मीर के कुछ नेताओं ने , ख़ास कर कश्मीर घाटी के नेताओं ने तो एक तरह से भारतीय सुप्रीम कोर्ट को भी चेतावनियाँ दे डाली हैं क्यों कि इस अनुच्छेद के अस्तित्व कपर ही प्रश्न करने वाली एक याचिका उच्चतम न्यायालय के सामने है !

  • धारा 35 एः  शहीद सैनिकों की राष्ट्र भक्ति पर भी सवाल उठाती है-1

    धारा 35 एः शहीद सैनिकों की राष्ट्र भक्ति पर भी सवाल उठाती है-1

    भारत का संविधान लिखने के बाद और भारत की रियासत जम्मू कश्मीर के लिए जम्मू कश्मीर के विधान के लिखने के पहले भारत के उस समय के कांग्रेस के शीर्ष नेता जवाहर लाल नेहरु ने उस समय के महाराजा हरी सिंह द्वारा नियुक्त किए गए प्रधानमंत्री शेख मोहमद अब्दुल्लाह के साथ 1952 में एक समझोता किया था .

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