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  • शिक्षक दिवस पर विशेषः उत्सवधर्मी औपचारिकता से ऊपर है शिक्षक की गरिमा

    शिक्षक दिवस पर विशेषः उत्सवधर्मी औपचारिकता से ऊपर है शिक्षक की गरिमा

    पाँच सितम्बर को एक बार फिर सारा देश भारत के पूर्व राष्ट्रपति सर्वपल्ली डा. राधाकृष्णन का जन्मदिवस 'शिक्षक दिवस' के रूप में मनाने जा रहा है।

  • अधिकार नहीं ज़रूरत बने आरक्षण व्यवस्था

    अधिकार नहीं ज़रूरत बने आरक्षण व्यवस्था

    हमारे देश में नौकरी,पदोन्नति,शिक्षण संस्थाओं में दाख़िला तथा संसदीय निर्वाचन व्यवस्था जैसे और भी कई क्षेत्रों में लागू की गई जाति आधारित आरक्षण व्यवस्था को लेकर देश में कई बार हालात बेक़ाबू होते देखे गए हैं।

  • इलाहाबाद उच्च न्यायालय के शिक्षा संबंधी फैसले की पूरे देश को ज़रूरत

    इलाहाबाद उच्च न्यायालय के शिक्षा संबंधी फैसले की पूरे देश को ज़रूरत

    हमारे देश की लगभग सभी सरकारें व सभी राजनैतिक दलों के नेता प्राय: गला फाड़-फाड़ कर यह चीख़ते-चिल्लाते दिखाई देते हैं कि ‘हमारे देश के बच्चों को शिक्षा के समान अवसर मिलने चाहिए तथा सभी को शिक्षा का समान अधिकार होना चाहिए’।

  • विरोध इसलिए कि संस्थान में संस्कारवान लोग नहीं चाहिए

    मुंबई फिल्म उद्योग के ज्यादातर दिग्गज जहां जहां बाहुबली पर मुंह सिले हुए हैं वहीं वे एफटीआईआई में अध्यक्ष पद पर फिल्म एवं टीवी अभिनेता गजेन्द्र चौहान की नियुक्ति के मामले में खूब मुखर दिखते हैं। ऋषि कपूर और उनके बेटे रणबीर कपूर ने क्या बयान दिए, ये सब जानते हैं। अब कोई इनसे पूछे […]

  • भारत के संबिधान के अनुच्छेद 35ए की वैधता ही संदेह के दायरे में

    क्या  सिर्फ राष्ट्रपति के एक आदेश संबिधान ( जम्मू कश्मीर को लागु होना) आदेश १९५४ स.आ.४८  मई १४ १९५४ द्वारा संबिधान के अनुच्छेद ३७० के खंड -१ से शक्ति ले कर  भारत के संविधान में संशोधन किया जा सकता है इस पर मैंने लगातार पिछले ५ साल से प्रश्न किए हैं .विधि विशेषज्ञों को  संबिधान […]

  • क्षेत्रवाद की राजनीति से जम्मू-कश्मीर के लोगों के हितों पर कुठाराघात

    जम्मू कश्मीर राज्य के निबासी पहले ही ६ दशकों से भी अधिक समय से मानसिक दूविदाओं और विवादों के वातावरण से जूझ रहे है इस लिए क्षेत्रबाद की राजनिति करने बालों को रोकने के लिए इस राज्य के लोगों को एकजुट होना होगा . जिस डंग से आल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज जम्मू कश्मीर […]

  • प्रधानमंत्री कार्यालय में अंग्रेजी का राज

    माननीय प्रधानमंत्री हिंदी को वरीयता देते हैं पर उनके कार्यालय ("प्रमका") के अधिकारियों को राजभाषा हिन्दी से कोई लेना देना नहीं है इसलिए भारत सरकार द्वारा आरम्भ की आम जनता की योजनाओं की जानकारी केवल अंग्रेजी में जारी कर रहे हैं और स्वयं प्रमं के दृष्टिकोण को पलीता लग रहा है और हर योजना -राजकार्य […]

  • हाईवे पर फैला लूट व ठगी का जाल

    लोगों के घरों व दुकानों में जाकर तथा रास्ता चलते राहगीरों को बहला-फुसला कर या उन्हें झांसा अथवा लालच देकर ठगने अथवा लूटने की दास्तानें तो हम अक्सर सुनते ही रहते हैं। कभी कोई शातिर ठग अथवा लुटेरा किसी के आभूषणों को साफ करने के बहाने उसके सोने व चांदी के ज़ेवरात उड़ा ले जाता […]

  • सब मेरे चाहने वाले हैं, मेरा कोई नहीं

    सब मेरे चाहने वाले हैं, मेरा कोई नहीं मैं भी इस मुल्क में उर्दू की तरह रहता हूं मशहूर शायर हसन काज़मी साहब का यह शेअर देश में उर्दू की हालत को बयान करने के लिए काफ़ी है. हालांकि इस मुल्क में उर्दू के कई अख़बार हैं, लेकिन ज़्यादातर अख़बारों की माली हालत अच्छी नहीं […]

  • अनुच्छेद 35A: संविधान की आत्मा का हनन

    जम्मू-कश्मीर विधान सभा के चुनाव में किसी दल को पूर्ण बहुमत न मिलने के कारण दो विरोधी या विपरीत विचारधारा व मत वाले दल ने मिलकर सरकार का गठन किया है। भाजपा व पीडीपी ने न्यूनतम साझा कार्यक्रम के आधार पर सहमत हुए है। सबसे असहमति के विषय अनुच्छेद 370 व एफस्पा से बचने की […]

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