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आपकी बात
 

  • इंटरनेट का इस्तेमाल मानव अधिकार बने ?

    फेसबुक के सह-संस्थापक मार्क जुकरबर्ग ने इंटरनेट के इस्तेमाल को मानव अधिकार बताते हुए कहा है कि सोशल नेटवर्किग साइट की तरफ से किए गए सर्वे में यह पाया गया है कि 69 प्रतिशत भारतीय यह नहीं जानते कि इंटरनेट से उन्हें क्या फायदे हैं। केवल 30 साल के इस नौजवान बिलेनियर ने कहा कि […]

  • केजरीवाल के आदेश पर दिल्ली सचिवालय के बाहर मज़दूरों पर बर्बर लाठी चार्ज

    ​25 मार्च को दिल्ली में मज़दूरों पर जो लाठी चार्ज हुआ वह दिल्ली में पिछले दो दशक में विरोध प्रदर्शनों पर पुलिस के हमले की शायद सबसे बर्बर घटनाओं में से एक था। ध्यान देने की बात यह है कि इस लाठी चार्ज का आदेश सीधे अरविंद केजरीवाल की ओर से आया था, जैसा कि […]

  • ये देश के शहीदों के साथ क्रूर मजाक नहीं तो क्या है

    पिछले दिनों कठुआ/जम्मू में आतंकी हमले में एक आतंकी को ढेर करके और अपने चालीस साथियों की जानबचाने वाले अपने लाडले शहीद को जींद(हरियाणा)वासियों ने अंतिम विदाई दी.इधर इस जांबाज़ सिपाही को जींदवासी भावबीनी अंतिम विदाई दे रहे थे और उधर हमारे नेता/मंत्री और जानेमाने कश्मीरी अलगाववादीदिल्ली में पकिस्तान-दिवस-समारोह में बढ़चढ़ कर हिस्सा ले रहे […]

  • साइबर क्राइम से बचने के सटीक उपाय

    साइबर क्राइम को कम्प्यूटर क्राइम या इंटरनेट क्राइम के नाम से भी जाना जाता है. कम्प्यूटर्स और इंटरनेट के द्वारा की गई किसी भी तरह की आपराधिक गतिविधियां साइबर क्राइम की श्रेणी में आती है. साइबर क्राइम के माध्यम से कही दूर बैठा हैकर आपके सरकारी या महत्वपूर्ण कारोबारी दस्तावेजों या आपकी निजी महत्वपूर्ण जानकारी […]

  • कौशल और स्वावलम्बन का ‘युवा बजट’ प्रदेश की नई इबारत

    ———————————————— राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ में एक ऐतिहासिक कदम के तहत घोषित पृथक युवा बजट को लायंस केबिनेट एडवाइज़र, डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन चेयरमैन और राज्य अलंकरण से सम्मानित दिग्विजय कालेज के प्राध्यापक डॉ.चन्द्रकुमार जैन ने क्रांतिकारी निरूपित किया है। उनका मंतव्य है कि इससे प्रदेश के युवाओं में नई उम्मीद के साथ कुछ नया कर दिखाने का नया […]

  • बराबरी के भाव के अभाव को दूर करने से गुरेज़ आखिर कब तक ?

    पुरुषों की तुलना में स्त्रियों का घट रहा अनुपात पहले से ही चेतावनी दे रहा था लेकिन 2011 की जनगणना के अनुसार यह सूचना, कि 0 से 6 वर्ष समूह के लड़कों की तुलना में लड़कियों की संख्या 71 लाख कम है, एक बेहद खतरनाक भविष्य की ओर संकेत करने लगी है। 2001 की जनगणना […]

  • श्री प्रभु ने दुस्साहस दिखाया रेल्वे में सुधार का

    जैसी कि अपेक्षा थी, रेलवे बजट में आम लोगों की कुछ चिंताओं-समस्याओं पर ध्यान दिया गया है। रेल बजट में सरकार ने लोकलुभावन तौर-तरीकों से हटते हुए एक बड़ा बदलाव किया है और जुलाई 2014 में लाई गई कुछ अव्यावहारिक परियोजनाओं के मद्देनजर नई योजनाओं से परहेज करते हुए कोई नई ट्रेन शुरू नहीं करने […]

  • अंग्रेज चले गए कानून और गुलामी मानसिकता छोड़ गए

    वरिष्ठ चिन्तक व विचारक राकेश कुमार आर्य ने अपने विभिन्न लेखों मे आजादी पूर्व अंग्रेजो के कुकृत्यों की चर्चा की है उन लेखों के अंश यहाँ प्रस्तुत है।   1857 की क्रांति के पश्चात अंग्रेजों ने भारत के लिए 1858 का भारत शासन अधिनियम लागू किया। इसके बाद 1861 में भारत परिषद् अधिनियम, 1892 में […]

  • धारा 370 पर हर नेता झूठ बोलता है!

    जम्मू कश्मीर राज्य के संवैधानिक प्रावधानों  में राज्य के स्थाई निवासी संबंधी परिभाषा का समावेश किया गया और इसके लिए महाराजा हरी सिंह के शासन द्वारा राज्यों  के विषयों को लेकर वर्ष 1927 और 1932 में जारी की गई सूचनाओं के कुछ प्रावधानों को आधार बनाया गया। लेकिन दुर्भाग्य से जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस ने […]

    • By: डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री
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    • In: आपकी बात
  • सांप्रदायिक हिंसा विरोधी कानून का औचित्य क्या है?

    सांप्रदायिक हिंसा विरोधी विधेयक संसद में लाने तथा इसे संसद में पास कराकर कानून की शक्ल दिए जाने की कवायद हालांकि सन् 2005 से चल रही है। परंतु मु य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी द्वारा इस बिल का विरोध किए जाने के चलते इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था। पिछले दिनों मुज़्ज़फरनगर […]

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