आप यहाँ है :

आपकी बात
 

  • सांप्रदायिक हिंसा विरोधी कानून का औचित्य क्या है?

    सांप्रदायिक हिंसा विरोधी विधेयक संसद में लाने तथा इसे संसद में पास कराकर कानून की शक्ल दिए जाने की कवायद हालांकि सन् 2005 से चल रही है। परंतु मु य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी द्वारा इस बिल का विरोध किए जाने के चलते इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था। पिछले दिनों मुज़्ज़फरनगर […]

  • भारतीय न्यायचरित मानसः बड़ा आदमी जेल से बाहर सज़ा भुगते?

    अक्सर मीडिया और अग्रणी लोगों द्वारा प्रसारित किया जाता है कि देश के न्यायालय लोकतंत्र की रक्षा में मजबूती से खड़े हैं किन्तु मेरे स्वतंत्र मतानुसार वास्तविक स्थिति इससे भिन्न है| भ्रष्ट और शक्तिशालों लोगों को यदाकदा दण्डित करने मात्र से 125 करोड़ का जनतंत्र मजबूत नहीं होता है| न्यायालयों के तो समस्त निर्णयों में […]

  • सरकार की जीत मगर जनता की हार

    हाल ही में इंडोनेशिया के बाली में विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) की नौवीं मंत्रिस्तरीय बैठक हुई। गौरतलब है कि डब्ल्यूटीओ को बने २० साल हो चुके हैं, पर अब तक इसमें एक भी सर्वसम्मत समझौता नहीं हो पाया है। कारण यह है कि अमेरिका व यूरोपीय संघ के देश विकासशील देशों के संसाधनों और बाजार […]

  • मुनाफे की आग में मजदूरों की मौत

    2 नवम्बर, 2013 दिपावली की पूर्व संध्या (जिसे छोटी दिपावली भी कहते हैं) के दिन न्यू पटेल नगर के रिहाईशी इलाके में गैर कानूनी रूप से चल रही फैक्ट्री 2151/3 में शाम 6 बजे आग लग गई, जिसमें पूजा, मीरा, सोनिया, द्रोपदी, पियुष व राहुल की जल कर मृत्यु हो गई तथा दर्जनों घायल हो […]

  • मूर्तियों के अनावरण की राजनीति

    मूर्ति पूजा भारत में कोई नई बात नहीं है, यहां पर कई करोड़ देवी-देवताओं को मूर्ति बनाकर पूजा जाता है। इन्सानों को भगवान बना दिया जाता है यहां तक कि मूर्ति विरोधी लोगों को मूर्ती बनाकर पूजा जाने लगता है। जैसा कि बुद्ध को भगवान बना दिया गया उनकी पूजा होने लगी यहां तक झारखंड […]

  • मात्र हस्ताक्षर के लिए गरीब देश में इतना वेतन और सुविधाएं देना कैसे न्यायोचित ?

    अमेरिका में प्रति लाख जनसंख्या 256 और भारत में 130 पुलिस है जबकि अमेरिका में भारत की तुलना में प्रति लाख जनसंख्या 4 गुणे मामले दर्ज होते हैं| फिर भी भारत में प्रति लाख जनसंख्या 56 केन्द्रीय पुलिस बल इसके अतिरिक्त हैं| अमेरिका में प्रति लाख जनसंख्या 5806 मुकदमे दायर होते हैं जबकि भारत में […]

  • अपराध जगत में महिलाओं की घुसपैठ

    भारतवर्ष में महिलाओं को प्राय: अबला अथवा बेचारी के रूप में देखा जाता है। महिला उत्पीडऩ की घटनाएं भी देश में प्रतिदिन कहीं न कहीं घटित होती ही रहती हैं। खासतौर पर पिछले कुछ वर्षों में महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों ने विशेषकर सेक्स अपराधों ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। […]

  • ‘आप’: भारतीय लोकतंत्र का नया राजनैतिक अवतार

    मध्यप्रदेश,राजस्थान,छत्तीसगढ़,दिल्ली तथा मिज़ोरम आदि पांच राज्यों मेंं पिछले दिनों हुए विधानसभा चुनावों के परिणाम आने के बाद अगले वर्ष होने वाले लोकसभा चुनावों के परिणामों को लेकर अभी से कयास लगाए जाने लगे हैं। इन पांच राज्यों में जहां कांग्रेस पार्टी को राजस्थान की सत्ता गंवानी पड़ी है वहीं मिज़ोरम में कांग्रेस ने सत्ता पर […]

  • काँग्रेस ने अपने दुश्मन को देर से पहचाना

    विधानसभा चुनाव की जंग और बयानों की उलटबांसियों के बीच एक अचरजभरा बयान केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश की ओर से आया. जीत या हार के कयासों के बीच एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि हमारी लड़ाई भाजपा से नहीं बल्कि आरएसएस यानि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से है! इस पर बात आगे बढ़े, उसके […]

  • हे बेशर्मी तेरा आसरा!

    दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा 2009 में जिस समय समलैंगिक संबंधों को वैध कऱार देने संबंधी एक याचिका पर निर्णय सुनाते हुए इसे वैध ठहराया था उस समय भी देश में यह मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना था। गौरतलब है कि 2001 में समलैंगिक संबंधों को वैध ठहराने हेतु ऐसे संबंधों की पैरवी व […]

Back to Top