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  • अंगोला के बहाने इस्लाम को प्रतिबंधित करने की साजि़श?

    पश्चिमी देशों द्वारा इस्लामी देशों में लगातार की जा रही दखलअंदाज़ी और सैन्य हस्तक्षेप  इस्लामी जगत में पश्चिमी देशों के विरुद्ध आक्रोश तथा हिंसा व आतंकवाद का रूप धारण करता जा रहा है। यह स्थिति गत 2 दशकों से यह संकेत दे रही थी कि हो न हो एक दिन इस्लाम धर्म को तथा इस्लाम […]

  • भारत रत्न किस लिए?

    सचिन तेंदुलकर 24 वर्ष के सफल कैरियर से सन्यास ले लिये। सचिन के चाहने वालों में एक निराशा हुई कि सचिन अब मैदान पर खेलते हुए नहीं दिखेंगे। सचिन के चाहने वालों ने उनको ईडेन गार्डन से लेकर वानखेड़े स्टेडियम व भारत के अनेकों शहरों कस्बों में अपने अपने तरीकों से याद किया और विदाई […]

  • ड्रोन हमले: पाकिस्तान के लिए ज़हमत या रहमत?

    अफगानिस्तान-पाकिस्तान के क़बाइली इलाकों विशेषकर पाक-अफगान सीमांत क्षेत्र के उत्तरी वज़ीरिस्तान में आए दिन होने वाले ड्रोन हमले पाकिस्तान में चर्चा का विषय बने हुए हैं। ड्रोन हमलों की मुखालिफत करने वाला वर्ग इन हमलों को पाकिस्तान की संप्रभुता पर अमेरिकी हमला बता रहा है। जबकि पाकिस्तान का एक बड़ा अमनपसंद वर्ग इन हमलों को […]

  • पीर पराई नेताओं का जीवनसूत्र क्यों नहीं बनता?

    हमारी राजनीति एक त्रासदी बनती जा रही है। राजनेता सत्ता के लिये सब कुछ करने लगा और इसी होड़ में राजनीति के आदर्श ही भूल गया, यही कारण है देश की फिजाओं में विषमताओं और विसंगतियों का जहर घुला हुआ है और कहीं से रोशनी की उम्मीद दिखाई नहीं देती। ऐसा लगता है कि आदमी […]

  • आम आदमी पार्टी ने जारी किया घोषणा पत्र

    आम आदमी पार्टी ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए अपना घोषणापत्र जारी करते हुए सरकार बनने पर 15 दिन के भीतर दिल्ली जनलोकपाल विधेयक पारित करने, बिजली की दरों में 50 प्रतिशत की कमी करने, स्थानीय मुद्दों का फैसला मोहल्ला सभा को सौंपने और दिल्ली पुलिस और दिल्ली नगर निगमों को केन्द्र सरकार के दायरे […]

  • मोक्षदायिनी को बचाने का प्रत्येक व्यक्ति का कर्त्यव्य भी है और धर्म भी

    कार्तिक पूर्णिमा का पर्व आस्था और श्रद्धा के साथ देश भर में मनाया जारहा है। देश और दुनिया के लाखों गंगा भक्त ठंड के बावजूद गंगा किनारेप्रवास किये हुए हैं। भक्ति, ध्यान, साधना, जप, तप और पूजा-अर्चना करलोक-परलोक सुधारने की कामना करते देखे जा रहे हैं। आस्था, श्रद्धा और परंपरा के चलते गंगा की प्रति दिन […]

  • कलियुग के पाखंडी चेहरे!

    भारतवर्ष को दुनिया में अध्यात्मवाद का दर्शन देने वाले एक देश के रूप में पहचाना जाता है। और एक अध्यात्मवादी देश के रूप में  भारत का डंका सदियों से बजता आ रहा है। निश्चित रूप से यही वजह रही होगी कि लगभग सभी धर्मों के संतों, फकीरों, ऋषियों-मुनियों व अध्यात्मवाद का पाठ पढ़ाने वाले स्वदेशी […]

  • रवीश कुमार की बात पर, मोहर नहीं हैं हाथ पर !

    रवीश कुमार बिहार में अपने गांव जाकर आए हैं। गांव में जो उन्होंने देखा, जाना, समझा, महसूस किया और पाया, वह पूरी बेबाक किस्म की ईमानदारी से अपनी कलम से निचोड़कर उन्होंने जस का तस पेश कर दिया। रवीश की बातों के सार को अपने शब्दों में पेश करते हुए एक लाइन में तो सिर्फ […]

  • लोकतांत्रिक छवि पेश कर रहा है म्यांमार

    पांच दशक के सैन्य शासन के बाद करीब दो साल पहले लोकतंत्र की राह पर निकला म्यांमार जल्द ही महत्वपूर्ण मुकाम हासिल करना चाहता है, इसलिए राष्ट्रपति थ्येन सेन बड़े वैश्विक आयोजनों में शामिल होने से पहले राजनीतिक बंदियों की रिहाई करके दुनिया के समक्ष देश की नई तस्वीर पेश करने की भरपूर कोशिश कर […]

  • संगीनों के साये में ‘लोकतंत्र’ का महापर्व

    छत्तीसगढ़ के 18 सीटों पर करीब 67 प्रतिशत मतदान होने की खबर आ रही है। जिसे भारत की मुख्य मीडिया, छत्तीसगढ़ सरकार व भारत का शासक वर्ग एक जीत के रूप में देख रहा है। सभी अखबारों में बुलेट पर भारी बैलट नामक शीर्षक से खबरें बनाई गई हैं। इसे लोकतंत्र की जीत माना जा […]

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