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आपकी बात
 

  • साइबर क्राइम से बचने के सटीक उपाय

    साइबर क्राइम को कम्प्यूटर क्राइम या इंटरनेट क्राइम के नाम से भी जाना जाता है. कम्प्यूटर्स और इंटरनेट के द्वारा की गई किसी भी तरह की आपराधिक गतिविधियां साइबर क्राइम की श्रेणी में आती है. साइबर क्राइम के माध्यम से कही दूर बैठा हैकर आपके सरकारी या महत्वपूर्ण कारोबारी दस्तावेजों या आपकी निजी महत्वपूर्ण जानकारी […]

  • कौशल और स्वावलम्बन का ‘युवा बजट’ प्रदेश की नई इबारत

    ———————————————— राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ में एक ऐतिहासिक कदम के तहत घोषित पृथक युवा बजट को लायंस केबिनेट एडवाइज़र, डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन चेयरमैन और राज्य अलंकरण से सम्मानित दिग्विजय कालेज के प्राध्यापक डॉ.चन्द्रकुमार जैन ने क्रांतिकारी निरूपित किया है। उनका मंतव्य है कि इससे प्रदेश के युवाओं में नई उम्मीद के साथ कुछ नया कर दिखाने का नया […]

  • बराबरी के भाव के अभाव को दूर करने से गुरेज़ आखिर कब तक ?

    पुरुषों की तुलना में स्त्रियों का घट रहा अनुपात पहले से ही चेतावनी दे रहा था लेकिन 2011 की जनगणना के अनुसार यह सूचना, कि 0 से 6 वर्ष समूह के लड़कों की तुलना में लड़कियों की संख्या 71 लाख कम है, एक बेहद खतरनाक भविष्य की ओर संकेत करने लगी है। 2001 की जनगणना […]

  • श्री प्रभु ने दुस्साहस दिखाया रेल्वे में सुधार का

    जैसी कि अपेक्षा थी, रेलवे बजट में आम लोगों की कुछ चिंताओं-समस्याओं पर ध्यान दिया गया है। रेल बजट में सरकार ने लोकलुभावन तौर-तरीकों से हटते हुए एक बड़ा बदलाव किया है और जुलाई 2014 में लाई गई कुछ अव्यावहारिक परियोजनाओं के मद्देनजर नई योजनाओं से परहेज करते हुए कोई नई ट्रेन शुरू नहीं करने […]

  • अंग्रेज चले गए कानून और गुलामी मानसिकता छोड़ गए

    वरिष्ठ चिन्तक व विचारक राकेश कुमार आर्य ने अपने विभिन्न लेखों मे आजादी पूर्व अंग्रेजो के कुकृत्यों की चर्चा की है उन लेखों के अंश यहाँ प्रस्तुत है।   1857 की क्रांति के पश्चात अंग्रेजों ने भारत के लिए 1858 का भारत शासन अधिनियम लागू किया। इसके बाद 1861 में भारत परिषद् अधिनियम, 1892 में […]

  • धारा 370 पर हर नेता झूठ बोलता है!

    जम्मू कश्मीर राज्य के संवैधानिक प्रावधानों  में राज्य के स्थाई निवासी संबंधी परिभाषा का समावेश किया गया और इसके लिए महाराजा हरी सिंह के शासन द्वारा राज्यों  के विषयों को लेकर वर्ष 1927 और 1932 में जारी की गई सूचनाओं के कुछ प्रावधानों को आधार बनाया गया। लेकिन दुर्भाग्य से जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस ने […]

    • By: डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री
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    • In: आपकी बात
  • सांप्रदायिक हिंसा विरोधी कानून का औचित्य क्या है?

    सांप्रदायिक हिंसा विरोधी विधेयक संसद में लाने तथा इसे संसद में पास कराकर कानून की शक्ल दिए जाने की कवायद हालांकि सन् 2005 से चल रही है। परंतु मु य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी द्वारा इस बिल का विरोध किए जाने के चलते इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था। पिछले दिनों मुज़्ज़फरनगर […]

  • भारतीय न्यायचरित मानसः बड़ा आदमी जेल से बाहर सज़ा भुगते?

    अक्सर मीडिया और अग्रणी लोगों द्वारा प्रसारित किया जाता है कि देश के न्यायालय लोकतंत्र की रक्षा में मजबूती से खड़े हैं किन्तु मेरे स्वतंत्र मतानुसार वास्तविक स्थिति इससे भिन्न है| भ्रष्ट और शक्तिशालों लोगों को यदाकदा दण्डित करने मात्र से 125 करोड़ का जनतंत्र मजबूत नहीं होता है| न्यायालयों के तो समस्त निर्णयों में […]

  • सरकार की जीत मगर जनता की हार

    हाल ही में इंडोनेशिया के बाली में विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) की नौवीं मंत्रिस्तरीय बैठक हुई। गौरतलब है कि डब्ल्यूटीओ को बने २० साल हो चुके हैं, पर अब तक इसमें एक भी सर्वसम्मत समझौता नहीं हो पाया है। कारण यह है कि अमेरिका व यूरोपीय संघ के देश विकासशील देशों के संसाधनों और बाजार […]

  • मुनाफे की आग में मजदूरों की मौत

    2 नवम्बर, 2013 दिपावली की पूर्व संध्या (जिसे छोटी दिपावली भी कहते हैं) के दिन न्यू पटेल नगर के रिहाईशी इलाके में गैर कानूनी रूप से चल रही फैक्ट्री 2151/3 में शाम 6 बजे आग लग गई, जिसमें पूजा, मीरा, सोनिया, द्रोपदी, पियुष व राहुल की जल कर मृत्यु हो गई तथा दर्जनों घायल हो […]

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