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  • म.प्र. चुनाव में बनते-बिगड़ते समीकरणः हारेंगे या हरायेंगे !

    बात अजीब-सी है, लेकिन सच है. मामला मध्यप्रदेश भाजपा से सम्बन्धित है. विधानसभा चुनाव के महज तीन हफ्ते ही बचे हैं. लेकिन पार्टी में असंतोष, बगावत और विरोध अपने चरम पर है. भाजपा के नेता अपनी-अपनी दावेदारी के लिये नेताओं, खासकर प्रदेश अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, संगठन महामंत्री अरविंद मेनन और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान […]

  • अब भी व्यापक चुनाव सुधारों की दरकार

    पूर्व चुनाव आयुक्त टी एन शेषन द्वारा शुरु की गई चुनाव सुधार प्रक्रिया के पश्चात भारत में संपन्न होने वाले संसदीय,विधानसभा व स्थानीय स्तर के चुनावों में हालांकि काफी सुधार हुआ है। जो चुनाव आयोग पहले कभी राजनैतिक दलों के उम्मीदवारों के प्रति नरम रवैया अपनाता नज़र आता था वही चुनाव आयोग अब चुनाव आचार […]

  • अपने भक्तों ही के साथ इतना बड़ा विश्वासघात?

    पाखंडी संत आसाराम व उनके परिवार पर नित्य नए आरोप लगते जा रहे हैं। कानून का शिकंजा भी इस परिवार के सदस्यों विशेषकर आसाराम व उसके पुत्र नारायण साईं पर और अधिक कसता जा रहा है। आसाराम जेल की रोटी खा रहा है तो पुत्र नारायण साईं को अपना काला मुंह छुपाकर इधर-उधर पनाह लेनी […]

  • … और सीपी जोशी का समय शुरू होता है अब !

    <p><span style="line-height:1.6em">सीपी जोशी को गुस्सा बहुत जल्दी आता है। छोटी सी बात पर भी भड़क जाते हैं और किसी को भी खूब सुना भी देते हैं। कार्यकर्ताओं को कभी कभी तो ऐसी झाड़ पिला देते हैं कि कच्चा &ndash; पोचा तो उनके सामने खड़ा भी नहीं रह सकता। फिर भले ही उसे पुचकार भी देते […]

  • मालदीव में चुनाव… भारत पर वैश्विक दबाव

    मालदीव में राष्ट्रपति पद के लिए मतदान शुरू होने से ठीक पहले अचानक चुनाव प्रक्रिया रोकने से माली में लोकशाही के भविष्य पर संकट गहरा गया, लेकिन इस निर्णय से हतप्रभ विश्व समुदाय का भारत पर वहां जल्द लोकतंत्र स्थापित कराने में अहम भूमिका निभाने का दबाव बढ़ गया है।         मालदीव दक्षिण एशियाई […]

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