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चर्चा संगोष्ठी
 

  • आयोजन नए मिज़ाज की एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का

    हैदराबाद। विभिन्न विश्वविद्यालयों, संस्थानों और महाविद्यालयों में फरवरी-मार्च के महीने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की संगोष्ठियों के होते हैं. इसलिए अगर विशाखपट्णम में भी हिंदी की कई संगोष्ठियाँ इस दौरान हो रही हैं तो यह सामान्य सी बात है. लेकिन अगर कोई राष्ट्रीय संगोष्ठी ऐसी हो जिसमें भाग लेने वाले विद्वान – अध्यक्ष और मुख्य […]

  • नई सदी की हिंदी कविता पर द्वि-दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी संपन्न

    विजयपुर (कर्नाटक) ।बी.एल.डी.इ संस्था के एस.बी.कला एवं के.सी.पी. विज्ञान महाविद्यालय, विजयपुर(कर्नाटक) तथा रानी चन्नम्मा विश्वविद्यालय कॉलेज हिंदी प्राध्यापक संघ के तत्वावधान में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यू.जी.सी.) के सहयोग से ‘नई सदी की हिंदी कविता : दशा और दिशा’ विषयक द्वि-दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया. यरनाल विरक्त मठ के संगनबसव महास्वामी जी ने दीप […]

  • नया मीडिया तूफान की आहट: विजय सहगल

    भोपाल। सूचना क्रांति ने नए प्रतिमान खड़े किए हैं तो कई चुनौतियां और सवाल भी खड़े हो गए हैं। नए मीडिया की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। उत्तरप्रदेश और असम में भड़के दंगों के दौरान नए मीडिया की जो भूमिका रही, उससे नए मीडिया की जिम्मेदारी के भाव और विश्‍वसनीयता पर सवाल […]

  • पानी की उपलब्धता अल्प जहां, उद्यमिता, समरसता व जीवन्तता अधिक वहां – मेहता

    उदयपुर। जिन क्षेत्रों में बरसात की कमी से पानी की उपलब्धता अल्प रही है, वहां के समाज में उद्यमिता, समरसता व जीवन्तता अधिक है। राजस्थान के शेखावटी व मारवाड़ सहित पूरा पश्चिमी राजस्थान इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है। इस क्षैत्र ने उच्च कोटि के साहित्यकार, उद्योगपति, रंगकर्मी दिये है। वहीं जहां पानी की बहुतायतता है, वहां […]

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