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  • संघ के नेता श्री कृष्ण गोपाल ने कहा, रोजगार खत्म होने का कारण नई वैज्ञानक खोजें

    संघ के नेता श्री कृष्ण गोपाल ने कहा, रोजगार खत्म होने का कारण नई वैज्ञानक खोजें

    पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने ‘जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान’ का नारा दिया था। मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वैज्ञानिकों को इनोवेशन के लिए प्रोत्‍साहित कर रहे हैं। ऐसे में आरएसएस के एक प्रभावशाली नेता ने रोजगार के अवसर खत्‍म होने के लिए वैज्ञानिकों की नई खोज को जिम्‍मेदार ठहराया है। आरएसएस के सह सर कार्यवाह डॉक्‍टर कृष्ण गोपाल ने कहा कि नए प्रयोगों से पूंजी का केंद्रीकरण हो गया है। विश्व की साढ़े तीन अरब से ज्‍यादा की आबादी के बराबर की संपत्ति मात्र आठ लोगों के पास है। भारतीय संस्कृति पर उन्होंने कहा कि विश्व के जानेमाने अर्थशास्त्रियों ने लिखा है कि मौजूदा हालात से बचना है तो भारत का दर्शन और विचार को जानें। कृष्ण गोपाल ने कहा कि भारत देश की शक्ति अध्यात्म है। पश्चिमी सभ्यता और संस्‍कृति को अपनाने के मुद्दे पर उन्‍होंने कहा क‍ि यह गति पकड़ेगी, लेकिन जितनी जरूरत हो उतना ही इससे लिया जाना चाहिए। उनके अनुसार, आज पूरी दुनिया भारतीय संस्‍कृति की ओर उम्‍मीद से देख रही है।

  • शोध का समाजोपयोगी बन जाना उसकी सार्थकता – डॉ. चंद्रकुमार जैन

    राजनांदगांव। संस्कारधानी के सतत सृजनरत यशस्वी वक्ता और दिग्विजय कालेज के हिंदी विभाग के राष्ट्रपति सम्मानित प्राध्यापक डॉ. चंद्रकुमार जैन ने कहा है कि आज अध्यापन के अलावा दूसरे क्षेत्रों में विशेषज्ञों की बढ़ती मांग ने शोध के प्रति रुझान बढ़ाया है। लेकिन, आज अकादमिक शोध के गिरते स्तर और शोधार्थियों को पेश आ रही मुश्किलों को ध्यान में रखते हुए शोध के बारे में एक बुनियादी समझ बनाना जरूरी हो गया है। शोध का सन्दर्भ बन जाना उसकी अकादमिक सफलता है, किन्तु शोध का समाजपयोगी बन जाना उसकी सार्थकता है।

  • भारत के संविधान ने देश के लोगों को दिया अपना भाग्य  आप लिखने का अनोखा अधिकार – डॉ. चन्द्रकुमार जैन

    भारत के संविधान ने देश के लोगों को दिया अपना भाग्य आप लिखने का अनोखा अधिकार – डॉ. चन्द्रकुमार जैन

    राजनांदगांव। शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय के राष्ट्रपति सम्मानित प्राध्यापक और सतत सृजनरत प्रखर वक्ता डॉ. चन्द्रकुमार जैन ने संविधान दिवस पर आयोजित विशिष्ट व्याख्यान-सत्र में भारत के संविधान की प्रस्तावना पर मर्मस्पर्शी और ज्ञानवर्धक विचार व्यक्त किया। महाविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग के इस गरिमामय आयोजन में बड़ी संख्या में उपस्थित छात्र-छात्राओं को डॉ. जैन ने बहुत सरल शब्दों में अपनी सुपरिचित तथा प्रभावशाली शैली से संविधान की प्रस्तावना के आदर्श, उद्देश्य और प्रभाव की जानकारी दी। एक-एक शब्द को एक-एक पल पूरी जिज्ञासा के साथ मंत्रमुग्ध होकर सुनने के बाद विद्यार्थियों ने एकमतेन स्वीकार किया कि उन्हें अपने संविधान और राष्ट्र पर गर्व करने नया फलसफ़ा मिल गया।

  • मीडिया : समाज तथा शासन का वास्तविक दर्पण

    भारत में विकास तथा गवर्नेंस का क्षेत्र हाल ही में एक नया उदाहरण बना है, जिसका मुख्य आधार नई नीतिगत अर्थ व्यवस्था, परिवर्तित व्यवसाय, परिवेश और ज्ञान की शक्ति का सर्वस्वीकृत होना है। नए हालातों में पत्रकारिता की प्रासंगिकता व्यापक रूप से बढ़ गई है। आज लोकतंत्र का यह चौथा स्तम्भ अपने महत्व और विस्तार […]

  • एकात्म मानव दर्शन के प्रणेता पंडित दीनदयाल जी  भारत के सच्चे संस्कृति दूत थे – डॉ. चन्द्रकुमार जैन

    एकात्म मानव दर्शन के प्रणेता पंडित दीनदयाल जी भारत के सच्चे संस्कृति दूत थे – डॉ. चन्द्रकुमार जैन

    राजनांदगांव। शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय के हिंदी विभाग के राष्ट्रपति सम्मानित प्राध्यापक, सामाजिक सचेतक और अक्षर आदित्य अलंकरण से विभूषित सतत सृजनरत प्रखर वक्ता डॉ.चन्द्रकुमार जैन ने बिलासपुर के पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय में आयोजित शाश्वत भारत राष्ट्रीय संगोष्ठी में पंडित दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानव दर्शन पर विशिष्ट व्याख्यान देकर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। सत्र की अध्यक्षता दुर्ग विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.एन.पी. दीक्षित के की।

  • शाश्वत भारत महामंथन में डॉ. चन्द्रकुमार जैन  देंगे पंडित दीनदयाल जी पर विशिष्ट व्याख्यान

    शाश्वत भारत महामंथन में डॉ. चन्द्रकुमार जैन देंगे पंडित दीनदयाल जी पर विशिष्ट व्याख्यान

    राजनांदगांव। शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय के हिंदी विभाग के राष्ट्रपति सम्मानित प्राध्यापक और सतत सृजनरत प्रखर वक्ता डॉ.चन्द्रकुमार जैन, बिलासपुर के पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय में आयोजित शाश्वत भारत राष्ट्रीय संगोष्ठी में पंडित दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानव दर्शन पर विशिष्ट व्याख्यान देंगे।

  • मुक्तिबोध जन्म शती पर डॉ. चन्द्रकुमार जैन से

    मुक्तिबोध जन्म शती पर डॉ. चन्द्रकुमार जैन से

    गजानन माधव मुक्तिबोध की जन्म शताब्दी पर 'सापेक्ष' के सम्पादक और प्रतिष्ठित साहित्यकार महावीर अग्रवाल ने शहर के सुपरिचित कलमकार, प्रखर वक्ता और शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय के हिंदी विभाग के राष्ट्रपति सम्मानित प्राध्यापक डॉ. चन्द्रकुमार जैन ने सारगर्भित बातचीत की।

  • प्रयोग से बढ़ेगा छत्तीसगढ़ी का मान – डॉ. सुधीर शर्मा

    प्रयोग से बढ़ेगा छत्तीसगढ़ी का मान – डॉ. सुधीर शर्मा

    राजनांदगांव । शासकीय दिग्विजय स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय के हिंदी विभाग में कल्याण स्नातकोत्तर महाविद्यालय, भिलाई के प्राध्यापक डॉ. सुधीर शर्मा ने प्रेरक अतिथि व्याख्यान देते हुए कहा कि सतत प्रयोग और सृजन से ही छत्तीसगढ़ी भाषा का ज्ञान और मान बढ़ेगा।

  • मैं हर सुबह कुछ नया करना चाहता हूँः डॉ. सुभाष चन्द्रा

    मैं हर सुबह कुछ नया करना चाहता हूँः डॉ. सुभाष चन्द्रा

    डॉ. सुभाष चंद्रा ने कहा कि आजकल लोगों की आकांक्षाएं, पैसे की उपलब्धता, तकनीकी और मांग व आपूर्ति की स्थिति बदल रही है। ऐसे माहौल मेंउपभोक्ता ही सबसे बड़ा प्रेरणाकेंद्र है।

  • मतदाता जागरूकता पर यादगार वाद-विवाद में  अंकिता तोतवानी और प्रीति वैष्णव ने मारी बाज़ी

    मतदाता जागरूकता पर यादगार वाद-विवाद में अंकिता तोतवानी और प्रीति वैष्णव ने मारी बाज़ी

    राजनांदगांव। शासकीय दिग्विजय स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय के तत्त्वावधान तथा प्राचार्य डॉ.आर.एन.सिंह के मार्गदर्शन में स्वीप प्लान के अंतर्गत जिला स्तरीय निबंध एवं वाद-विवाद प्रतियोगिता उत्साह पूर्ण वातावरण में, सफलता पूर्वक सम्पन्न हुईं।

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