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चर्चा संगोष्ठी
 

  • श्री कृष्ण गोपाल ने कहा, “असहिष्णु” लोग भारतीय संस्कृति के अनुसार अपना व्यवहार बदलें

    श्री कृष्ण गोपाल ने कहा, “असहिष्णु” लोग भारतीय संस्कृति के अनुसार अपना व्यवहार बदलें

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के वरिष्ठ नेता श्री कृष्ण गोपाल ने जयपुर में कहा कि “असहिष्णु” लोगों को भारतीय संस्कृति के अनुसार अपना व्यवहार बदल लेना चाहिए। एक कार्यक्रम में आरएसएस के सह सरकार्यवाह श्री कृष्ण गोपाल ने कहा कि चाहे वो कारोबार हो या सेवा क्षेत्र हिंदू समाज

  • पीटीएस के उत्साही जवानों ने प्रो.चन्द्रकुमार जैन से  सीखी अच्छे व्यवहार से छवि निर्माण की बारीकियाँ

    पीटीएस के उत्साही जवानों ने प्रो.चन्द्रकुमार जैन से सीखी अच्छे व्यवहार से छवि निर्माण की बारीकियाँ

    राजनांदगांव। संस्कारधानी के यशस्वी शिक्षाविद, सामाजिक सचेतक, साहित्यकार और दिग्विजय कालेज के राजकीय सम्मान से विभूषित प्रोफ़ेसर डॉ.चन्द्रकुमार जैन ने कहा है

  • पीटीएस में डॉ.चन्द्रकुमार जैन का प्रेरक व्याख्यान 6 मई को

    पीटीएस में डॉ.चन्द्रकुमार जैन का प्रेरक व्याख्यान 6 मई को

    राजनांदगांव। संस्कारधानी के सतत सृजनरत प्रभावी एवं प्रखर वक्ता, दक्ष प्रशिक्षक, सामाजिक कार्यकर्त्ता तथा शासकीय दिग्विजय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के हिन्दी विभाग के राष्ट्रपति सम्मानित प्रोफ़ेसर डॉ.चन्द्रकुमार जैन व्यवहार कौशल, व्यक्तित्व विकास और पुलिस-जनता सम्बन्ध पर छह मई को सुबह 11 बजे पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय में प्रेरक व्याख्यान देंगे। डॉ.जैन इस गौरवशाली संस्थान में प्रशिक्षणरत जवानों को सामाजिक नियंत्रण और प्रभावी व्यवस्था के मद्देनज़र

  • मीडिया में कहीं लुप्त हो गया है ‘भारत’

    मीडिया में कहीं लुप्त हो गया है ‘भारत’

    दादा माखनलाल चतुर्वेदी के साथ 'एक भारतीय आत्मा' का संबोधन जुड़ा है। लेकिन, जब हम आज के मीडिया को देखते हैं, तब प्रश्न उठता है कि उसमें कहीं भी 'भारतीय आत्मा' मौजूद है क्या? क्या आज की पत्रकारिता में 'भारत' दिखाई देता है? दरअसल, हमने अपनी बुनियाद की ओर देखना ही बंद कर दिया है।

  • स्त्री साहित्य पर एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी संपन्न

    स्त्री साहित्य पर एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी संपन्न

    हैदराबाद। साठ्ये महाविद्यालय, विले पार्ले, मुंबई के तत्वावधान में ‘स्त्री साहित्य’ विषय पर एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की गई। संगोष्ठी का उद्घाटन जे. एस. विश्वविद्यालय, उत्तर प्रदेश के कुलपति डॉ. हरिमोहन ने किया। बीज वक्तव्य प्रख्यात साहित्यकार डॉ. सूर्यबाला ने दिया. अध्यक्षता डॉ. कविता रेगे ने की तथा संचालन डॉ. ऋषभदेव शर्मा ने किया।

  • आगरा विश्वविद्यालय में  सेमीनार

    आगरा विश्वविद्यालय में सेमीनार

    आगरा। डॉ. भीमराव अम्बेडकर यूनिवर्सिटी आगरा के स्कूल ऑफ लाइफ साइंसेज के बायोटेक्नोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी और बायोकेमिस्ट्री विभागों ने सामूहिक रूप से ‘‘मिटिगेशन ऑफ टॉक्सिक इफेक्ट ऑफ जीनोबायोटिक्स बाय फायटोकेमिकल्स ’’ विषय पर सेमीनार का आयोजन कराया। जिसमें मुख्य अथिति के रूप में डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के बायोकेमिस्ट्री विभाग के विभागाध्यक्ष एवं बायोटेक्नोलॉजी प्रोग्राम

  • शिक्षक की भाषा और प्रभावी अभिव्यक्ति क्षमता से निखरती है विद्यार्थी की प्रतिभा

    शिक्षक की भाषा और प्रभावी अभिव्यक्ति क्षमता से निखरती है विद्यार्थी की प्रतिभा

    राजनांदगांव । शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय के हिंदी के विभाग के राष्ट्रपति सम्मानित प्राध्यापक और ख्याति प्राप्त प्रेरक वक्ता डॉ.चंद्रकुमार जैन ने उच्च शिक्षा के भाषायी परिवेश पर यादगार व्याख्यान दिया।

  • शशि थरुर ने कहा, रामायण और महाभारत पढ़ाई जाए स्कूलों में

    शशि थरुर ने कहा, रामायण और महाभारत पढ़ाई जाए स्कूलों में

    जयपुर। कांग्रेस नेता और तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर ने महाभारत और रामायण को स्कूली शिक्षा में शामिल करने की हिमायत की है ताकि आने वाली पीढ़ी अपने इतिहास को बेहतर तरह से समझ पाए। जयपुर साहित्य उत्सव में रविवार को बोलते हुए शशि थरूर ने कहा कि भारतीय महाकाव्यों को शिक्षा का अंग बनाना चाहिए।

  • रूसा के तहत क्षमता और व्यक्तित्व विकास पर डॉ.चंद्रकुमार जैन के व्याख्यान से युवा अभिभूत

    रूसा के तहत क्षमता और व्यक्तित्व विकास पर डॉ.चंद्रकुमार जैन के व्याख्यान से युवा अभिभूत

    राजनांदगांव। ख्यातिप्राप्त मोटिवेशनल स्पीकर, कलमकार, सामाजिक सचेतक और दिग्विजय कालेज के हिन्दी विभाग के प्रोफ़ेसर डॉ.चंद्रकुमार जैन ने राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के तहत क्षमता विकास तथा व्यक्तित्व विकास पर दो प्रभावशाली व्याख्यान देकर युवाओं को अभिभूत कर दिया।

  • भारत के चिंतन का आधार अध्यात्म

    भारत के चिंतन का आधार अध्यात्म

    माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में डॉ. मनमोहन वैद्य का विद्यार्थियों के साथ संवाद एवं भारत की अवधारणा विषय पर व्याख्यान भोपाल। भारत दुनिया में एक विशेष स्थान क्यों रखता है?

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