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पुस्तक चर्चा
 

  • पुस्तक “दी ट्राइस्ट बिट्रेड ; रिफ्लेक्शन्स ऑन डिप्लोमेसी एण्ड डेवलपमेंट” के पेपर बेक संस्करण का लोकार्पण

    समय से  आगे सोचने वाले कूटनीतिज्ञ एवं भविष्य भांप लेने वाला दूरद्रष्टा थे जगत मेहता   उदयपुर 16 जुलाई, पूर्व विदेश सचिव पद्मभूषण स्व.  जगत मेहता के तिरानवे वे जन्मदिवस के अवसर पर उनकी लिखी  पुस्तक “दी ट्राइस्ट बिट्रेड ; रिफ्लेक्शन्स ऑन डिप्लोमेसी एण्ड डेवलपमेंट “के पेपर बेक संस्करण का लोकार्पण करते हुए उन्हें भावभीनी […]

  • आपातकाल के कुछ काले किस्से

    पत्रकार कूमी कपूर ने अपनी किताब 'द इमर्जेंसी, अ पर्सनल हिस्ट्री' में संजय गांधी की कार परियोजना के बारे में बहुत गहरी जानकारी दी है। आपातकाल की भयावहता को दोहराते वक्त अधिकांश टीकाकारों ने देश के इतिहास में विकृत पूंजीवाद और भ्रष्टाचार की सबसे निर्लज्ज मानी जा सकने वाली एक दास्तान की अनदेखी कर दी। […]

  • दादा गुरुदेव के स्वर्गारोहण महोत्सव पर गूंजेंगी भक्ति गीतों की स्वर लहरियाँ

    गौरवशाली आयोजन की भव्य तैयारी राजनांदगाँव। श्रमण संस्कृति की विश्व विभूति, जंगम युग प्रधान, प्रथम दादा गुरुदेव श्री जिनदत्त सूरि जी महाराज साहब का 861 वां स्वर्गारोहण महोत्सव संस्कारधानी में उत्साह पूर्वक मनाया जाएगा। दादा श्री जिनदत्त सूरि सेवा संघ ट्रस्ट की दिव्य परंपरा के अनुरूप इस वर्ष भी अखिल भारतीय भक्ति गीत स्पर्धा सहित […]

  • उत्तर आधुनिकता, साहित्य और मीडिया पर एक उपयोगी पुस्तक

    यों तो उत्तर आधुनिक विमर्श पर केंद्रित अनेक पुस्तकें बाजार में उपलब्ध हैं जो विद्वत्तापूर्ण सामग्री से लबरेज हैं, किंतु उनकी एक बड़ी सीमा यह है कि प्रायः विद्वत्ता के बोझ के कारण विषय की संप्रेषणीयता खतरे में पड़ जाती है और सामान्य पाठक कोई दिशा प्राप्त करने के बजाय फतवेबाजी के भवंरजाल में फँसकर […]

  • अलका अग्रवाल के पहले कहानी संग्रह “मुर्दे इतिहास नहीं लिखते” का विमोचन

    मुंबईः लंबे समय से विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से अपनी उपस्थित दर्ज कराने वाली मुंबई की कथाकार अलका अग्रवाल सिगतिया का पहला कहानी संग्रह “मुर्दे इतिहास नहीं लिखते” का विमोचन रविवार को गीतकार माया गोविंद, दूरदर्शन मुंबई के प्रमुख मुकेश शर्मा और वरिष्ठ पत्रकार विश्वनाथ सचदेव समेत कई विभूतियों के कर-कमलों से हुआ। इस […]

  • राजीव गाँधी ज्योति बसु को प्रधान मंत्री बनाना चाहते थे!

    देश के इतिहास में सबसे अधिक समय 23 वर्ष तक लगातार मुख्यमंत्री रहे प्रख्यात वामपंथी नेता ज्योति बसु अपनी पार्टी की एक ‘भूल’ के कारण 1996 में देश के प्रधानमंत्री नहीं बन पाये और इससे पहले कांग्रेस के नेता राजीव गांधी भी उन्हें दो बार पीएम पद की पेशकश कर चुके थे। 95 वर्ष की […]

  • सामने आया नेहरु का एक और महाझूठ

    एक नई किताब में दावा किया गया है कि भारत के पहले पीएम जवाहरलाल नेहरू ने राजेंद्र प्रसाद को देश का पहला राष्ट्रपति बनने से रोकने के लिए झूठ बोला था।   'नेहरूः अ ट्रबल्ड लीगेसी' नामक यह किताब पूर्व खुफिया अधिकारी आरपीएन सिंह ने लिखी है। इसमें उन्होंने लिखा है, 'नेहरू ने प्रसाद को […]

  • पृथ्वीराज कपूर का एक यादगार संस्मरण

     दरियागंज की एक छोटी-सी गली में, एक छोटे-से मकान की, एक छोटी सी बैठक के छोटे-से दरवाजे में घुसते ही, एक छोटी-सी चारपाई पर एक विशाल मूर्ति को बैठे देख, मैं मंत्रमुग्ध कुछ झुका-झुका सा, बस, खड़ा-खड़ा-सा ही रह गया। मूर्ति की पीठ मेरी ओर थी। शरद जो मुझे वहाँ लिवा ले गए थे लपक […]

  • ‘जानकीदास तेजपाल मैनशन’ उच्च कोटि का साहित्यः डॉ. चन्द्रा पांडेय

    ‘जानकीदास तेजपाल मैनशन’ पर आयोजित परिचर्चा में साहित्य-प्रेमियों की उमड़ी भीड़   कोलकाता । ‘विमर्शों के इस दौर में जब साहित्य खॉंचों में विभाजित हो गया है, उनमें विमर्श अधिक है और साहित्य कम। ऐसी स्थिति में अलका सरावगी का साहित्य बहुत राहत लेकर आया है। बढ़ते वैश्विक गाँव के परिप्रेक्ष्य में यदि हम साहित्य […]

  • दुःख ,सन्तोष श्रीवास्तवकी कहानियों का स्थाई भाव है

    "दुःख सन्तोष श्रीवास्तव की कहानियों का स्थाई भाव है ।उन्होंने दुःख को जिया है और ज़िन्दगी के कई रंग इनकी कहानियों में शिद्दत के साथ महसूस किये जा सकते हैं ये बातें सूरज प्रकाश ने अपने अध्यक्षीय वक्तव्य में संतोष श्रीवास्तव के कहानी सन्ग्रह 'आसमानी आँखों का मौसम ' के लोकार्पण के अवसर पर कहीं […]

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