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पुस्तक चर्चा
 

  • सजग पत्रकार की दृष्टि में मोदी-युग

    सजग पत्रकार की दृष्टि में मोदी-युग

    पुस्तक ‘मोदी युग’ का शीर्षक देखकर प्रथम दृष्टया लगा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्तुति में धड़ाधड़ प्रकाशित हो रही पुस्तकों में एक कड़ी और जुड़ गई। अल्पजीवी पत्र-पत्रिकाओं के लेखों के साथ ही एक के बाद एक सामने आ रही पुस्तकों में मोदी सरकार की जो अखंड वंदना चल रही है, वो अब उबाऊ लगने लगी है।

  • भारत में आए सूफियों की हकीकत का खुलासा करती किताब

    भारत में मुगलों ने अपने शासनकाल में यहां के समाज को किस तरह से तिरस्कृत किया, उसका इतिहास सर्वविदित है। पूरे भारतवर्ष में मंदिरों का विध्वंस करके उनके स्थान पर उन्हीं से तोड़कर निकाली सामग्री से मस्जिदें, दरगाहें और मदरसे बनवाए गए, इसके भी कम प्रमाण नहीं हैं।

  • मारवाड़ी कारोबारीः  दूरदृष्टि, आत्मविश्वास और आस्था का संगम

    मारवाड़ी कारोबारीः दूरदृष्टि, आत्मविश्वास और आस्था का संगम

    पिछले दिनों जब कुछ वेबसाइटों ने दावा किया सुजीत सराफ का उपन्यास हरिलाल ऐंड संस दुनिया का पहला मारवाड़ी उपन्यास है तो मैंने झट उसे ऑर्डर कर दिया। सराफ की पिछली किताब द कन्फेशंस ऑफ सुल्ताना डाकू भी बेहतरीन थी।

  • ‘बुंदेली दोहे’ सांस्कृतिक शब्द छवियाँ मन मोहे

    ‘बुंदेली दोहे’ सांस्कृतिक शब्द छवियाँ मन मोहे

    विश्ववाणी हिंदी का कालजयी छंद दोहा अपनी मिसाल आप है। संक्षिप्तता, सारगर्भितता, लाक्षणिकता, मर्मबेधकता, कालजयिता, उपयोगिता तथा लोकप्रियता के सप्त सोपानी निकष पर दोहा जन सामान्य से लेकर विद्वज्जनों तक अपनी प्रासंगिकता निरंतर बनाए रख सका है।

  • आत्ममंथन से व्यंग्यमंथन तक

    आत्ममंथन से व्यंग्यमंथन तक

    वरिष्ठ व्यंग्यकार हरीश नवल की पुस्तक "कुछ व्यंग्य की कुछ व्यंग्यकारों की " जब मेरे हाथों में उन्होंने सौंपी, तो कुछ समय के लिए तो मुझे विश्वास ही नहीं हुआ. बस दो पल का आत्मीय मिलन सदियों पुराना बन गया.

  • कश्मीर की एक क्रांतिकारी जोगन थी ललद्दद

    कश्मीर की एक क्रांतिकारी जोगन थी ललद्दद

    मेरा उपन्यास *ललद्यद* कश्मीरी भाषा की आदि-कवयित्री ललद्यद के जीवन संघर्षों पर आधारित है।वह एक जुनूनी जोगन थी । इसी संसार में रहकर वह वहां पहुंची जहां संसार नहीं पहुंचता, जहां सारे धर्म और विश्वास पीछे छूट जाते हैं ।

  • मन के तलघर का प्रकाश – काव्य संग्रह का लोकार्पण समारोह

    मन के तलघर का प्रकाश – काव्य संग्रह का लोकार्पण समारोह

    मुंबई। प्रकाश गणपत जाधव के मूल मराठी कविता संग्रह का हिन्दी अनुवाद “ मन के तलघर का प्रकाश “ तथा “ एकताच्या पाऊलखुणा “ नामक संकलित मराठी कविताओं के पुस्तक का लोकार्पण समारोह रवीन्द्र नाट्य मंदिर के मिनी थिएटर में संपन्न हुआ. इस अवसर पर बतौर प्रमुख अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. सूर्यबाला ने कहा कि संग्रह की कविताएं दिल को छू लेती हैं, जितनी अच्छी कविताएं हैं उतना ही सुंदर अनुवाद रमेश यादव और अरविंद लेखराज ने किया है.

  • किताब खरीदकर पढ़ें तो ही उसका लाभ मिलता हैः श्री राम नाईक

    किताब खरीदकर पढ़ें तो ही उसका लाभ मिलता हैः श्री राम नाईक

    आगरा। हिंदी दैनिक हिन्दुस्तान के प्रधान संपादक शशि शेखर की किताब ‘लीक से हटकर’ बाज़ार में आ गई है। इस किताब का विमोचन उत्तर प्रदेश के राज्यपाल श्री राम नाइक ने आगरा के जेपी पैलेस होटल में आयोजित एक कार्यक्रम में किया।

  • भारत को चाहिए राष्ट्रपति प्रणाली

    भारत को चाहिए राष्ट्रपति प्रणाली

    नई दिल्ली। संसदीय प्रणाली बनाम राष्ट्रपति प्रणाली की बहस नई नहीं है। स्वतंत्रता से पहले, स्वतंत्रता के बाद और संविधान अपनाए जाने तक संसदीय शासन प्रणाली की क्षमता पर गहन बहस चलती रही है। संविधान सभा में भी बहुत से सदस्यों ने भारत जैसे बड़े और विविधता वाले देश में संसदीय

  • ‘चिनगारी बन गयी मशाल’ काव्य कृति का विमोचन

    ‘चिनगारी बन गयी मशाल’ काव्य कृति का विमोचन

    कांग्रेस के पूर्व नगरसेवक और कवि दिवंगत दशरथ कृष्णाजी मधुकुंटा द्वारा रचित काव्य कृति 'चिनगारी बन गयी मशाल' का विमोचन साकीनाका के सेंट ज्यूड स्कूल में किया गया। एक मजदूर से मजदूर नेता, फिर नगरसेवक और बाद में कवि का सफर तय करनेवाले मधुकुंटा तेलगू भाषी होते हुए हिंदी पर वर्चस्व रखते थे।

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