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पुस्तक चर्चा
 

  • रूमानियत और मधुर प्रेम की जो दुनियाः अभी तुम इश्क़ में हो

    रूमानियत और मधुर प्रेम की जो दुनियाः अभी तुम इश्क़ में हो

    "अकाल में उत्सव" "ये वो सहर तो नहीं" जैसे सामाजिक सरोकारों पर आधारित उपन्यास लिखने वाले पंकज सुबीर जी "कितने घायल कितने बिस्मिल" "रेपिश्क" जैसी देह के इस पार और उस पार गहरे अहसासों को खंगालती कहानियाँ लिखने वाले पंकज सुबीर "कसाब एट द रेट ऑफ यरवदा डॉट को डॉट इन" जैसी आतंकवाद की जड़ों को ढूंढती कहानी लिखने वाले पंकज सुबीर जब एक नई किताब लेकर आते हैं जिसका नाम हो "अभी तुम इश्क. में हो" तो हैरानी और जिज्ञासा एक साथ होती है,कि क्या लिखा होगा ? ज्यादा आश्चर्य जब होता है जब बुक हाथ में लेने पर मालूम होता है कि

  • राष्ट्रवाद से जुड़े विमर्शों को रेखांकित करती एक किताब

    राष्ट्रवाद से जुड़े विमर्शों को रेखांकित करती एक किताब

    देश में राष्ट्रवाद से जुड़ी बहस इन दिनों चरम पर है। राष्ट्रवाद की स्वीकार्यता बढ़ी है। उसके प्रति लोगों की समझ बढ़ी है। राष्ट्रवाद के प्रति बनाई गई नकारात्मक धारणा टूट रही है। भारत में बुद्धिजीवियों का एक वर्ग ऐसा है, जो हर विषय को पश्चिम के चश्मे से देखते है और वहीं की कसौटियों पर कस कर उसका परीक्षण करता है। राष्ट्रवाद के साथ भी उन्होंने यही किया। राष्ट्रवाद को भी उन्होंने पश्चिम के दृष्टिकोण से देखने का प्रयास किया। जबकि भारत का राष्ट्रवाद पश्चिम के राष्ट्रवाद से सर्वथा भिन्न है। पश्चिम का राष्ट्रवाद एक राजनीतिक विचार है। चूँकि वहाँ राजनीति ने रा

  • चिपको आंदोलन ने  एक नया इतिहास बनाया

    चिपको आंदोलन ने एक नया इतिहास बनाया

    चिपको आंदोलन की आज 45वीं वर्षगांठ है. इस मौके पर गूगल ने एक खूबसूरत डूडल इसे समर्पित किया है. साथ ही इस आंदोलन के बारे में गूगल ने लिखा है कि यह एक ‘ईको-फेमिनिस्ट’ आंदोलन था जिसका पूरा ताना-बाना महिलाओं ने ही बुना था.

  • दीपक चोऋषिया की पुस्तक कूड़ा धन का विमोचन किया श्रीमती सुमित्रा महाजन ने

    दीपक चोऋषिया की पुस्तक कूड़ा धन का विमोचन किया श्रीमती सुमित्रा महाजन ने

    वरिष्ठ पत्रकार और इंडिया न्यूज़ चैनल के मुख्य संपादक दीपक चौऋषिया की पुस्तक 'कूड़ा धन' का मंगलवार की शाम कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में विमोचन हुआ। इस कार्यक्रम के दौरान बतौर अतिथि लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी उपस्थित थे। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की प्रतिमा के पर फूलों की माला अर्पित करने और दीप प्रज्जवलित करने के साथ की गई।

  • डॉ. रमन सिंह द्वारा शोध पत्रिका  ‘मेधा’ के 22वें अंक का का विमोचन

    डॉ. रमन सिंह द्वारा शोध पत्रिका ‘मेधा’ के 22वें अंक का का विमोचन

    मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने अपने निवास कार्यालय में संस्कृत शोध पत्रिका ‘मेधा’ के 22वें अंक का विमोचन किया। इसका प्रकाशन शासकीय दूधाधारी श्रीराजेश्री महन्त वैष्णवदास स्नातकोत्तर संस्कृत महाविद्यालय द्वारा किया गया है। उल्लेखनीय है कि यह महाविद्यालय संस्कृत भाषा का प्रमुख शोध केन्द्र भी है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्यामण्डलम् के पूर्व अध्यक्ष डॉ. गणेश कौशिक, महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. श्रीमती राधा पाण्डेय, उच्च शिक्षा विभाग की संयुक्त सचिव डॉ. किरण गजपाल, शोध पत्रिका के प्रधान संपादक डॉ. सत्येन्दु शर्मा, संपादक डॉ. राघवेन्द्र शर्मा और अंग्रेजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. राजीव तिवारी इस अवसर पर उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने शोध पत्रिका के प्रकाशन पर सभी लोगों को बधाई और शुभकामनाएं दी। इस पत्रिका में संस्कृत, हिन्दी और अंग्रेजी भाषाओं में वेद, ज्योतिष, व्याकरण, दर्शन और साहित्य जैसे विषयों पर शोध पत्र प्रकाशित किए गए हैं।

  • ‘श्रीराम संस्कृति की झलक’ पुस्तक का विमोचन

    ‘श्रीराम संस्कृति की झलक’ पुस्तक का विमोचन

    रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने अपने निवास पर ‘श्रीराम संस्कृति की झलक’ पुस्तक का विमोचन किया। इस पुस्तक के लेखक पूर्व विधायक श्री राजेश्री डॉ. महंत राम सुन्दर दास हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि 946 पृष्ठों की इस पुस्तक में छत्तीसगढ़ के सभी मंदिरों की स्थापत्य कला, मंदिर के रख-रखाव, पूजा के विधान तथा छत्तीसगढ़ के विभिन्न धार्मिक पर्वों और व्रतों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है।

  • श्री राम नाईक के संस्मरणों की पुस्तक  ‘चरैवेति! चरैवेति को पुरस्कार

    श्री राम नाईक के संस्मरणों की पुस्तक ‘चरैवेति! चरैवेति को पुरस्कार

    महाराष्ट्र राज्य साहित्य एवं संस्कृति विभाग द्वारा मराठी भाषा गौरव दिन के अवसर पर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक को उनके मराठी संस्मरण संग्रह ‘चरैवेति! चरैवेति!!’ को लक्ष्मीबाई तिलक पुरस्कार तथा रुपये एक लाख रुपये की राशि प्रदान की गई। मुंबई में आयोजित समारोह में महाराष्ट्र सरकार के मंत्री विनोद तावड़े ने यह अवार्ड देकर राज्यपाल को सम्मानित किया।

  • वरिष्ठ पत्रकार आलोक मेहता की किताब देखकर प्रधानमंत्री ने जताई ये इच्छा…

    वरिष्ठ पत्रकार आलोक मेहता की किताब देखकर प्रधानमंत्री ने जताई ये इच्छा…

    पद्मश्री पुरस्‍कार से सम्‍मानित वरिष्‍ठ पत्रकार आलोक मेहता ने ‘नमन नर्मदा’ नाम से अंग्रेजी में एक किताब लिखी है। 105 पेज की इस किताब में 1312 किलोमीटर लंबी नदी के 80 रंगीन फोटोग्राफ भी हैं, जिनमें से कई तो दुर्लभ किस्म के हैं। उनकी किताब शुभी पब्लिकेशन द्वारा प्रकाशित की गई है।

  • देश के गुमनाम नायकों पर पत्रकार विष्णु शर्मा ने लिखी शानदार पुस्तक

    देश के गुमनाम नायकों पर पत्रकार विष्णु शर्मा ने लिखी शानदार पुस्तक

    इतिहास यूं तो हमेशा से ही विवादों से घिरा रहता है, इतिहास का एक हीरो किसी के लिए हीरो होता है तो दूसरी जमात उसकी ऐतिहासिक खामियां ढूंढ कर उसकी छवि खराब करने की कोशिश में लग जाती है। अकबर, राणा प्रताप, सावरकर और गांधीजी तक इसके शिकार रहे हैं। ऐसे में नई पीढ़ी, जो इतिहास की स्कॉलर नहीं है, काफी कनफ्यूज्ड रहती है। ऐसे दौर में पॉजिटिव नजरिए से इतिहास लिखना एक मुश्किल काम है। विष्णु शर्मा ने अपनी किताब ‘इतिहास के गुमनाम नायकों की गौरवशाली गाथाएं’ में ये प्रयास किया है।

  • अमरीश पुरीः  परदे पर जिनकीमौजूदगी ही दर्शकों में सिहरन पैदा कर देती थी

    अमरीश पुरीः परदे पर जिनकीमौजूदगी ही दर्शकों में सिहरन पैदा कर देती थी

    अमरीश पुरी अपनी आत्मकथा में जिक्र करते हैं कि संघ का सदस्य रहने के दौरान ही उन्होंने यह पक्का इरादा कर लिया था कि वे फिल्मों में कभी काम नहीं करेंगे। हिंदी सिनेमा के महानतम खलनायक अमरीश पुरी कभी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सदस्य भी थे।

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