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राजनीति
 

  • राज महाराज का, नाम शिवराज का

    राज महाराज का, नाम शिवराज का

    विंध्य क्षेत्र से 3,महाकौशल से 2 और मध्य से 2 मंत्रियों को शपथ दिलाई गई.सभी मंत्रियों को मंत्रालय में कक्ष भी आवंटित कर दिए गए हैं.जातीय संतुलन की बात करें तो सभी वर्ग को भरपूर प्रतिनिधित्व मिला है जिसमें तीन ब्राम्हण

  • आज से एक नए युग की शुरूआत – नीरज डांगी

    आज से एक नए युग की शुरूआत – नीरज डांगी

    वफादारी सहित बड़े नेताओं के प्रति जबरदस्त सम्मान को देखते हुए मार्च 2020 में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्यसभा के लिए उम्मीदवार बनाया और आखिर 19 जून को वे राज्यसभा के लिए निर्वाचित घोषित कर दिए गए।

  • कोरोना संकट में शिवराज के सौ दिन

    कोरोना संकट में शिवराज के सौ दिन

    कोरोना लड़ाई में मध्यप्रदेश रिकवरी रेट में देश में दूसरे स्थान पर है तो इसका सबसे बड़ा कारण प्रदेश में कोरोना मरीजों की सहीं समय पर पहचान होकर उनका इलाज होना है। प्रदेश में कोरोना मरीजों के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह

  • ‘देव’ सोने से पहले स्थापित होंगे शिव के ‘मंत्री’

    ‘देव’ सोने से पहले स्थापित होंगे शिव के ‘मंत्री’

    चार्तुमास में किसी भी शुभ कार्य को करना अच्छा नहीं माना गया है. इन चार महीनों में शादी विवाह, मुंडन संस्कार, गृह प्रवेश, यज्ञोपवित, नई बहुमूल्य वस्तुओं की खरीद और नामकरण संस्कार जैसे धार्मिक कार्य वर्जित मानें गए हैं…

  • क्या इंदिरा गांधी सचमुच में एक क्रूर तानाशाह थीं ?

    क्या इंदिरा गांधी सचमुच में एक क्रूर तानाशाह थीं ?

    आपातकाल लागू करना अगर देश में तानाशाही हुकूमत की शुरुआत थी तो क्या उसकी समाप्ति की घोषणा इंदिरा गांधी की उन प्रजातांत्रिक मूल्यों और परम्पराओं में वापसी नहीं थी जिनकी बुनियाद पंडित जवाहरलाल नेहरू ने रखी थी ?

  • चंबल में  क्या  जीती  हुई बाजी फिर जीत पाएंगे महाराज

    चंबल में क्या जीती हुई बाजी फिर जीत पाएंगे महाराज

    बीजेपी और बीएसपी दोनों पार्टियों के प्रदेश अध्यक्ष मुरैना के है । मुरैना जिले की पांच विधानसभा सीटों पर भी उपचुनाव होना है ।ऐसे में वोटर किसका साथ दे कि दोनों की राजनीति चमके और उनका कद बड़े।जनता असमंजस्य की स्थिति में है

  • बुखार और आपातकाल सूचना देकर नहीं आते, लक्षणों से ही समझना पड़ेगा

    बुखार और आपातकाल सूचना देकर नहीं आते, लक्षणों से ही समझना पड़ेगा

    बुखार और आपातकाल दोनों ही सूचना देकर नहीं आते।लक्षणों से ही समझना पड़ता है।वैसे भी अब किसी आपातकाल की औपचारिक घोषणा नहीं होने वाली है।सरकार भी अच्छे से जान गई है कि दुनिया के इस सबसे लम्बे तीन महीने के

  • सीमा पर तनाव और सत्ता के गलियारों में पसरा हुआ सन्नाटा !

    सीमा पर तनाव और सत्ता के गलियारों में पसरा हुआ सन्नाटा !

    पूछा यह भी जा रहा है कि चीनी घुसपैठ के मामले में पाँच मई से पंद्रह जून तक पैंतालीस दिनों का धैर्य प्रधानमंत्री ने कैसे दिखा दिया ? पुलवामा में तो कार्रवाई तत्काल की गई थी और उसके नतीजे भी चुनाव परिणामों में नज़र आ गए

  • थोड़ा इतिहास भी ठीक से पढें राहुल गांधी

    थोड़ा इतिहास भी ठीक से पढें राहुल गांधी

    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने लदाख के पास वास्तविक नियंत्रण रेखा के निकट भारत व चीन के बीच उत्पन्न तनावपूर्ण स्थिति को लेकर केन्द्र सरकार पर निशाना साधा है ।

  • अब ‘एक देश ,एक पार्टी‘ की ओर बढ़ते कदम ?

    अब ‘एक देश ,एक पार्टी‘ की ओर बढ़ते कदम ?

    प्रधानमंत्री बार-बार कह रहे हैं कि महामारी ने हमारी जीवन शैली को पूरी तरह से बदल कर रख दिया है।और कि कोरोना के बाद हमारी ज़िंदगी पहले जैसी नहीं रहने वाली है।इसके आगे की बात देश की जनता के लिए समझने की है

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