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  • दो नेताओं की सहज मुलाकात या राजनीतिक पाप ?

    दो नेताओं की सहज मुलाकात या राजनीतिक पाप ?

    इसीलिए बिहारी समुदाय के खलनायक के रूप में खड़ी शिवसेना के संजय राऊत से फडणवीस की इस मुलाकात के बारे में माना जा रहा है कि बिहार की प्रजा के भरोसे को तोड़ने का भाजपा ने

  • कांग्रेस में नई जान फूंकने की कोशिश में सोनिया

    कांग्रेस में नई जान फूंकने की कोशिश में सोनिया

    रणदीप सुरजेवाला को, जिन्हें राहुल गांधी का सबसे खास सिपहसालार माना जाता है। दोनों के बारे में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने जो निर्णय लिया है, वह संगठन के लिए ठीक माना जा रहा है। और रही बात पार्टी में राहुल गांधी के

  • दुआ कीजिये इस घटिया राजनीति का अंत हो

    दुआ कीजिये इस घटिया राजनीति का अंत हो

    साल 2005 का कोहिनूर मिल विवाद किससे छुपा है जिसमें शिवसेना मुख्यालय के ठीक पास की पाँच एकड़ ज़मीन राज और मनोहर जोशी के बेटे उन्मेष जोशी ने 421 करोड़ रुपये में मिलकर खरीदी थी।

  • काँग्रेस का वर्तमान संकट एवं वंशवाद

    काँग्रेस का वर्तमान संकट एवं वंशवाद

    यदि गंभीरता और गहनता से विचार करें तो यह वंशवाद, परिवारवाद एवं भाई-भतीजावाद ही भारतीय राजनीति में व्याप्त अनेकानेक बुराइयों की जननी है| लोकतांत्रिक एवं युवा भारत की प्रगति एवं समृद्धि के लिए यह आवश्यक है कि

  • बीजेपी इतनी ढीली क्यों है कार्यसमिति की बैठक पर!

    बीजेपी इतनी ढीली क्यों है कार्यसमिति की बैठक पर!

    बीजेपी के केंद्रीय संगठन में बड़े पद पर बैठे एक पदाधिकारी का विश्वास है कि आनेवाले कुछ समय में राष्ट्रीय कार्यकारिणी हो सकती है। वे वर्तमान हालात में कोविड संकट का हवाला देते हुए इस बैठक के छह महीने

  • यह कांग्रेस के अंत की पटकथा या कुछ और ?

    यह कांग्रेस के अंत की पटकथा या कुछ और ?

    कांग्रेस अंदरूनी घमासान से आजाद नहीं हो पा रही है। पार्टी में सबसे ज्यादा संख्या उन लोगों की है, जो हर हाल में सोनिया गांधी या राहुल का ही नेतृत्व बनाए रखना चाहते हैं।

  • ‘नौ दिन चले अढ़ाई कोस’ वाली कहावत दोहरा दी गई !

    ‘नौ दिन चले अढ़ाई कोस’ वाली कहावत दोहरा दी गई !

    अनंतोगत्वा कांग्रेस कार्यसमिति ने एक बार फिर यह तय किया कि सोनिया गांधी को ही पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष बने रहना चाहिए। इस समिति ने एक साल पहले भी यही तय किया था।

  • सोनिया साल भर, फिर कांग्रेस की नियती

    सोनिया साल भर, फिर कांग्रेस की नियती

    दोनों ही चुनावों में कांग्रेस की क्या हालत होनी है, किसी से कुछ भी छिपा नहीं है। राहुल गांधी के खाते में वैसे भी कोई कम हार दर्ज नहीं है। ऐसे में राहुल गांधी अगर फिर से अध्यक्ष पद पर आते, तो आते ही दोनों असफलताएं उनके

  • मोदी के मंत्रिमंडल से कुछ जाएंगे, तो  कुछ नए आएंगे!

    मोदी के मंत्रिमंडल से कुछ जाएंगे, तो कुछ नए आएंगे!

    मंत्रिमंडल के साथ साथ बीजेपी में बदलाव की बयार बहती दिखेगी। बीजेपी के जानकार कहते हैं कि कि बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा को अध्यक्ष बने साल भर होने जा रहा है। लेकिन उनकी टीम नहीं बनी है।

  • सांस्कृतिक पुनर्जागरण व राष्ट्रीय एकता का ऐतिहासिक दिन

    सांस्कृतिक पुनर्जागरण व राष्ट्रीय एकता का ऐतिहासिक दिन

    एक साल के भीतर किसी भी अलगाववादी नेता का बयान सार्वजनिक नहीं हुआ है।पीएसए कानून में नजरबंद तमाम अलगाववादी नेता अपनी जमीन खिसकती देख चेहरा छिपाए बैठे हैं।

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