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राजनीति
 

  • भाजपाः वैचारिक हीनग्रंथि से मुक्ति का समय

    भाजपाः वैचारिक हीनग्रंथि से मुक्ति का समय

    उत्तर प्रदेश अरसे बाद एक ऐसे मुख्यमंत्री से रूबरू है, जिसे राजनीति के मैदान में बहुत गंभीरता से नहीं लिया जा रहा था। उनके बारे में यह ख्यात था कि वे एक खास वर्ग की राजनीति करते हैं और भारतीय जनता पार्टी भी उनकी राजनीतिक शैली से पूरी तरह सहमत नहीं है। लेकिन उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों में भारी विजय के बाद भाजपा ने जिस तरह का भरोसा जताते हुए राज्य का ताज योगी आदित्यनाथ को पहनाया है, उससे पता चलता है कि ‘अपनी राजनीति’ के प्रति भाजपा का आत्मदैन्य कम हो रहा है।

  • ऐसे ’अपनों’ से बचें राहुल गांधी

    ऐसे ’अपनों’ से बचें राहुल गांधी

    पिछले के कई बरसों से देश में कोई भी चुनाव हो, राहुल गांधी की जान पर बन आती है. पिछले लोकसभा चुनाव हों, उससे पहले के विधानसभा चुनाव हों या उसके बाद के विधानसभा चुनाव हों,

  • मुसलमानों को योगी के नाम से कौन डरा रहा है?

    मुसलमानों को योगी के नाम से कौन डरा रहा है?

    उत्तरप्रदेश में योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री बनाए जाने के बाद से जिन्हें प्रदेश में मुसलमानों के लिए संकट दिखाई दे रहा है, वे लोग पूर्वाग्रह से ग्रसित तो हैं ही, भारतीय समाज के लिए भी खतरनाक हैं। उनके पूर्वाग्रह से कहीं अधिक उनका बर्ताव और उनकी विचार प्रक्रिया सामाजिक ताने-बाने के लिए ठीक नहीं है। योगी आदित्यनाथ को मुस्लिम समाज के लिए हौव्वा बनाकर यह लोग उत्तरप्रदेश का सामाजिक सौहार्द बिगाडऩा चाहते हैं। योगी आदित्यनाथ सांप्रदायिक हैं, वह कट्टर हैं, मुख्यमंत्री पद के लिए उनके नाम की घोषणा के बाद से ही मुस्लिम समुदाय के लोग दहशत में है, अब उत्तरप्रदेश में मुस्लिमों के बुरे दिन आ गए, उन्हें मारा-पीटा जाएगा और उनका शोषण होगा, इस प्रकार की निराधार आशंकाएं व्यक्त करने का और क्या अर्थ हो सकता है?

  • अगला राष्ट्रपति कौन… ये, वो या फिर कोई और ?

    अगला राष्ट्रपति कौन… ये, वो या फिर कोई और ?

    राजनीति की रपटीली राहों पर राष्ट्रपति चुनाव की बिसात बिछनी शुरू हो गई है। पांच राज्यों में चुनाव हो गए। चार राज्यों में बीजेपी की सरकारें बन गई। दो में जोड़ तोड़ से, तो दो में ऐतिहासिक बहुमत से। यूपी में बीजेपी को मिला भारी बहुमत उसके लिए राष्ट्रपति चुनाव की राह आसान करने का साधन साबित हो गया है। लेकिन कौन बनेगा राष्ट्रपति, यह सबसे बड़ा सवाल है। दुनिया के सबसे बड़े गणतंत्र के इस सर्वोच्च सर्वशक्तिमान बीजेपी में बहुत सारे दावेदार हैं। सूची लंबी है। बहुत लंबी। कई केंद्रीय मंत्री भी कतार में हैं।

  • गुजरात चुनाव भाजपा के लिए एक बड़ी चुनौती है

    गुजरात चुनाव भाजपा के लिए एक बड़ी चुनौती है

    पांच राज्यों के विधानसभाओं में भारतीय जनता पार्टी की प्रभावी, ऐतिहासिक एवं शानदार जीत के बाद अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मुख्य निशाना गुजरात है। यही कारण है कि चुनाव प्रचार खत्म होते ही वे गुजरात के सोमनाथ मन्दिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की।

  • मोदी और अमित शाह के बाद अब योगी आदित्यनाथ सबसे ताकतवर !

    मोदी और अमित शाह के बाद अब योगी आदित्यनाथ सबसे ताकतवर !

    योगी आदित्यनाथ भारतीय राजनीति में अब तीसरे नंबर के सबसे ताकतवर नेता बन गए हैं। पहले नंबर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। उनके बाद बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह। और अब योगी। उत्र प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी को कट्टर हिंदुत्व एवं प्रखर राष्ट्रवाद का प्रतीक माना जाता हैं।

  • कांग्रेस सावधान…  कचूमर निकालने निकल पड़े हैं मोदी के ‘हनुमान’ !

    कांग्रेस सावधान… कचूमर निकालने निकल पड़े हैं मोदी के ‘हनुमान’ !

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबसे मजबूत सेनापति अमित शाह फिर से काम पर लग गए हैं। पांच राज्यों के चुनाव के तत्काल बाद वे अपने नए अभियान पर हैं। इस साल के अंत में और अगले साल होनेवाले करीब 15 विधानसभाओं के चुनाव के साथ सथ नका फोकस उन 200 लोकसभा क्षेत्रों पर है

  • मायावती की ‘माया’ और बहुजन समाज पार्टी

    मायावती की ‘माया’ और बहुजन समाज पार्टी

    हालांकि पिछले दिनों पांच राज्यों के चुनाव नतीजे सामने आए परंतु जैसाकि अनुमान था सबसे अधिक चर्चित चुनाव परिणाम उत्तर प्रदेश विधानसभा का ही रहा। भारतीय जनता पार्टी व राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ सहित मीडिया के बड़े से बड़े दिग्गजों व चुनाव विश£ेषकों के सभी पूर्वानुमानों व चुनाव परिणाम की भविष्यवाणियों को दरकिनार किया। भारतीय जनता पार्टी ने राज्य में ऐतिहासिक दो तिहाई बहुमत से जीत हासिल करते हुए राज्य की कुल 403 सदस्यों की विधानसभा में 323 सीटें हासिल कीं। इस चुनाव परिणाम के वैसे तो

  • राहुल गांधी में दम है, तो कांग्रेस का दम क्यों निकल रहा है ?

    राहुल गांधी में दम है, तो कांग्रेस का दम क्यों निकल रहा है ?

    कांग्रेस की हालत खराब होती जा रही है। लगातार होती हार पर हार राहुल गांधी की नेतृत्व क्षमता और राजनीतिक समझ पर सवालिया निशान खड़े कर रही हैं। यूपी में कांग्रेस की हाल ही में हुई हालत में राहुल गांधी की जिम्मेदारी क्यों तय नहीं होनी चाहिए। सवाल यह है कि राहुल के नेतृत्व में कांग्रेस अब कैसे फिर से पैरों पर खड़ी होगी।

  • पंजाब में कांग्रेस की नहीं, अमरिंदर की जीत!

    पंजाब में कांग्रेस की नहीं, अमरिंदर की जीत!

    क्या यूपी में नरेंद्र मोदी ने खुद आगे बढ़कर चुनाव लड़ा, वैसे अगर कैप्टन अमरिंदर सिंह अपनी इज्जत दांव पर लगाकर नहीं लड़ते, तो क्या पंजाब में कांग्रेस जीत पाती ? अगर पंजाब में भी राहुल गांधी और प्रशांत किशोर को खुली छूट मिल जाती, तो क्या इतना बहुमत मिल पाता ?

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