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राजनीति
 

  • संसद में ही बैठे हैं बलात्कार, चोरी, डकैती, लूट के आरोपी

    संसद में ही बैठे हैं बलात्कार, चोरी, डकैती, लूट के आरोपी

    नई दिल्ली: ऐसे में जबकि आए दिन महिला अपराध खासकर बलात्कार के मामले सामने आ रहे हों उस वक्त एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) और नेशनल इलेक्शन वॉच ने देश के मौजूदा सांसदों और विधायकों द्वारा अपने ऊपर घोषित अपराधों की स्टडी की है. यह स्टडी यह पता लगाने के लिए की गई कि देश के कितने सांसदों पर कितने और किस तरह के महिला विरोधी अपराध दर्ज हैं. एडीआर द्वारा जारी की गई रिपोर्ट दावा करती है कि पिछले 5 सालों में विभिन्न पार्टियों ने कुल 26 ऐसे राजनेताओं को टिकट दिया जिन पर 'स्वघोषित' बलात्कार के आरोप लगे हुए थे. इस क्रम में सबसे बुरी हालत महाराष्ट्र की निकली, जहां कुल 12 राजनेताओं (सांसद एवं विधायक) पर महिला विरोधी अपराध दर्ज हैं.

  • सभी आपराधिक राजनेताओं को वनवास मिले

    सभी आपराधिक राजनेताओं को वनवास मिले

    चारा घोटाले के दुमका कोषागार से जुड़े चैथे मामले में रांची की एक विशेष सीबीआई अदालत ने शनिवार को बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को अलग-अलग धाराओं के तहत 7-7 साल की दो सजा सुनाई। यानि उन्हें 14 साल की सजा सुनाई गई है। इसके साथ ही उन पर 60 लाख का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना नहीं भरने की सूरत में उनकी सजा की अवधि एक साल और बढ़ जाएगी। चारा घोटाले के एक और मामले में लालू प्रसाद को सजा सुनाया जाना एक महत्त्वपूर्ण राजनीतिक घटना है। हमारे देश में ताकतवर आरोपियों के खिलाफ चल रहे मामलों का अंजाम तक पहुंच पाना विरल ही माना जाता रहा है। लेकिन शीर्ष राजनेताओं को सजा सुनाये जाने का यह सिलसिला निश्चित ही भारत के लोकतंत्र के शुद्धिकरण का उपक्रम है।

  • राहुल गांधी ने किया रक्षा का वादा

    राहुल गांधी ने किया रक्षा का वादा

    किसी भी देश की तरक़्क़ी के लिए, किसी भी समाज की ख़ुशहाली के लिए चैन-अमन सबसे ज़रूरी है।

  • महबूबा मुफ़्ती ने जो कहा है क्या  उससे  केन्द्र सरकार भी  से सहमत है ?

    महबूबा मुफ़्ती ने जो कहा है क्या उससे केन्द्र सरकार भी से सहमत है ?

    इसी २ फरवरी के दिन जम्मू कश्मीर की मुख्य मंत्री महबूबा मुफ़्ती जी ने विधान सभा में कहा है “मैंने कई बार वताने की कोशिश की, सेल्फ रूल कोई आउट साइड भारतीय संविधान नहीं है , उस की खूबसूरती तो यही है, जो सेल्फ रूल है यह जम्मू कश्मीर को पूरी दुनिया के सामने खोल देता है यह दोनों कश्मीरों को मिलाता है पर कहीं भी हमारे मुल्क के संविधान से अलग नहीं है, सार्वभौमिकता का मतलब समजौता नहीं नहीं होती,.... हमारे संविधान में.. इतना लचीलापन है कि हम जम्मू कश्मीर की अपेक्षाओं को पूरी तरह से उस में डाल सकते हैं और हमें कुछ भी नहीं करना होगा, कहीं भी कॉमा, पूर्णविराम कुछ भी बदलने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी।

  • लोकसभा में मोदीजी के धोबी पछाड़ से कांग्रेस चित्त

    लोकसभा में मोदीजी के धोबी पछाड़ से कांग्रेस चित्त

    नई दिल्ली। लोकसभा में पीएम नरेंद्र मोदी का भाषण और दूसरी तरफ विपक्ष का जोरदार हंगामा। राष्‍ट्रपति के अभिभाषण को लेकर धन्‍यवाद प्रस्‍ताव पर चर्चा हो में श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति जी का भाषण किसी दल का नही होता है और उसका सम्मान होना चाहिए। इस दौरान उन्होंने विपक्ष कांग्रेस पर कई तीखे वार किए और साथ ही अपनी उपलब्धियां भी गिना दीं। बता दें कि राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण के साथ ही बजट सत्र की शुरुआत हुई थी। आइए जानते हैं पीएम मोदी के भाषण की मुख्य बातें...

  • उपचुनावों की हार की दस्तक सुनें

    उपचुनावों की हार की दस्तक सुनें

    राजस्थान व पश्चिम बंगाल में हुए लोकसभा व विधानसभा उपचुनावों में देश में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी की करारी हार से साफ हो गया है कि भाजपा से जनता का मोहभंग होना शुरु हो गया है और उसकी उल्टी गिनती की संभावनाएं भी व्यक्त कीक जाने लगी है। जनता अब समझदार हो चुकी है। आसपास घटने वाली हर घटना को वह गुण-दोष के आधार पर परखकर, समीक्षा कर, प्रतिक्रिया ज़ाहिर कर देती है। अधिकांशतः ये प्रतिक्रियाएं राष्ट्रभर में एक-सी होती हैं और यही उनके सही होने का माप है। मतदाता अब समझदार और जागरूक है। वह उन मूल मुद्दों की परवाह करता हैं जिनसे उनके हितों का संबंध है और जिनसे भारत का लोकतन्त्र सशक्त होता है।

  • ये हैं वो सिपाहसालार, जिनके बिना राहुल गाँधी काम नहीं चलता

    ये हैं वो सिपाहसालार, जिनके बिना राहुल गाँधी काम नहीं चलता

    कांग्रेस में सोनिया युग खत्म हो चुका है और राहुल राज का आगाज। 19 साल पार्टी की बागडोर संभालने के बाद शुक्रवार को सोनिया गांधी की जगह राहुल गांधी को कांग्रेस अध्यक्ष का कार्यभार सौंपा गया। लेकिन न्यूज18 के मुताबिक पुराने अध्यक्ष के जाने के बाद राहुल के पास अपनी एक खास टीम है, जो उन्हें कामकाज में मदद करेगी। आज हम आपको राहुल गांधी की खास टीम के सदस्यों से रूबरू कराएंगे।

  • जब राहुल गांधी ने मां की पेशानी चूमी

    जब राहुल गांधी ने मां की पेशानी चूमी

    कांग्रेस की वरिष्ठ नेता श्रीमती सोनिया गांधी ने बीते शनिवार को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के मुख्यालय में आयोजित एक समारोह में राहुल गांधी को पार्टी के अध्यक्ष पद की ज़िम्मेदारी सौंपी. इस मौक़े पर राहुल गांधी ने अपनी मां की पेशानी (माथे) को चूमकर अपने जज़्बात का इज़हार किया. हमेशा मौक़े की ताक में बैठे रहने वाले ’राष्ट्रवादी’ लोगों ने इस बात पर ही बवाल खड़ा कर दिया. उनका कहना था कि राहुल गांधी ने अपनी मां की पेशानी चूमकर विदेशी होने का सबूत दिया है. उन्हें सोनिया गांधी के पैर छूकर आशीर्वाद लेना चाहिए था. ऐसा नहीं है कि राहुल गांधी पहली बार ट्रोल हुए हैं. एक गिरोह उन्हें और उनकी मां को हमेशा विदेशी साबित करने पर आमादा रहता है.

  • गुजरात से निखरी राहुल गांधी की तस्वीर और गहलोत निकले चाणक्य

    गुजरात से निखरी राहुल गांधी की तस्वीर और गहलोत निकले चाणक्य

    गुजरात विधानसभा चुनाव के नतीजों को एक तरफ रख दीजिए। वे जो हैं, सो हैं। कांग्रेस, कांग्रेसियों और राहुल गांधी के शुभचिंतकों के लिए खुशी की बात यह है कि इस चुनाव में राहुल एक तपे हुए, मंजे हुए और धारदार नेता बनकर देशभर में ऊभरे हैं। इससे भी ज्यादा खुशी की बात यह है कि राहुल गांधी उस गुजरात से नेता बनकर निकले हैं, जहां बीजेपी के दो सबसे बड़े नेता, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह उनके सबसे मुख्य विरोधी के रूप में प्रमुख उपस्थिति में थे। गुजरात में पूरे चुनाव के दौरान राहुल गांधी बिल्कुल निखरे निखरे से, आक्रामक तेवरवाले पूरे देश के नेता से लगे। इस चुनाव में रणनीतिक सफलता के बाद उन्हें देश में सही मायने में राजनेता के रूप में स्वीकारा जाने लगा है। अब जब लोग राहुल गांधी को टीवी पर भाषण देता देखते हैं, तो चैनल नहीं बदलते, सुनते है। गंभीरता से लेते हैं।

  • राहुल गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बैद किस दिशा में जाएगी कांग्रेस

    एक लम्बे इंतज़ार के बाद आख़िरकार राहुल गांधी कांग्रेस के अध्यक्ष बन गए। पिछले काफ़ी अरसे से पार्टी में उन्हें अध्यक्ष बनाए जाने की मांग उठ रही थी। कांग्रेस नेताओं का मानना था कि पार्टी की बागडोर अब राहुल गांधी के सुपुर्द कर देनी चाहिए। सोमवार को पार्टी अध्यक्ष पद के प्रस्तावित चुनाव के लिए नामांकन की आख़िरी तारीख़ थी। राहुल गांधी के ख़िलाफ़ किसी ने भी परचा दाख़िल नहीं किया था। कांग्रेस नेता मुल्लापल्ली रामचंद्रन ने कहा कि नामांकन के 89 प्रस्ताव दाख़िल किए गए थे। सभी वैध पाए गए। सिर्फ़ एक ही उम्मीदवार मैदान में है, इसलिए मैं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष पद पर राहुल गांधी के निर्वाचन की घोषणा करता हूं। कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष पद पर राहुल गांधी निर्विरोध चुन लिए गए हैं।

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