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राजनीति
 

  • पश्चिम रेलवे ने जीते 5 राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण पुरस्कारॉ

    पश्चिम रेलवे ने जीते 5 राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण पुरस्कारॉ

    मुंबई।पश्चिम रेलवे ने पिछले कुछ वर्षों के विजयी सिलसिले को जारी रखते हुए इस बार भी विभिन्न श्रेणियों में ऊर्जा मंत्रालय द्वारा स्थापित 5 राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार जीते हैं। ये पुरस्कार प्रतिवर्ष राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस पर प्रदान किये जाते हैं। पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक श्री जी. सी. अग्रवाल ने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के लिए पूरी टीम को बधाई दी है।

  • वो बड़ा खेल और भारत

    वो बड़ा खेल और भारत

    उन्नीसवीं शताब्दी में और बीसवीं शताब्दी के शुरु में एशिया में अपना प्रभुत्त्व जमाने के लिए रूसी साम्राज्य और ब्रिटिश साम्राज्य के बीच खींचतान हुई। इस खींचतान को तब नाम दिया गया था - द ग्रेट गेम यानी वो बड़ा खेल।

  • जम्मू कश्मीर राज्य में महिलाओं के मूल अधिकारों का भी हनन हो रहा है

    जम्मू कश्मीर राज्य में महिलाओं के मूल अधिकारों का भी हनन हो रहा है

    मुख्यमंत्री मुफ़्ती मोहमद सईद जी ने जम्मू कश्मीर राज्य के लोगों की दयनीय स्थिति १ मार्च २०१५ को यह कह कर संक्षिप्त में बयान कर दी थी कि जम्मू क्षेत्र के लोग अगर ‘उत्तर हैं तो फिर कश्मीर घाटी के लोग दक्षिण हैं’. जो राज्य कभी भाई चारे के लिए जाना जाता था उस की अगर ६० साल की आज़ादी के बाद ऐसी स्थिति है तो यह बड़ी पीड़ा जनक बात हैजम्मू कश्मीर राज्य के जन-मानस को कभी अनुच्छेद ३७० के नाम पर , कभी भारत के साथ २६ अक्टूबर १९४७ के अधिमिलन (एक्सेशन ) के नाम पर या कभी पाकिस्तान के नाम पर या कभी पाकिस्तान

  • जब संसद भी बेमानी हो जाए

    जब संसद भी बेमानी हो जाए

    प्रदर्शन सड़क पर होने चाहिए और बहस संसद में। लेकिन हो उल्टा रहा है प्रदर्शन संसद में हो रहे हैं, बहस सड़क और टीवी न्यूज चैनलों पर। ऐसे में हमारी संसदीय परम्पराएं और उच्च लोकतांत्रिक आदर्श हाशिए पर हैं। राजनीति के मैदान में जुबानी कड़वाहटें अपने चरम पर हैं और मीडिया इसे हवा दे रहा है। सही मायने में भारतीय संसदीय इतिहास के लिए ये काफी बुरे दिन हैं।

  • कब तक ठगाते रहेंगे जम्मू कश्मीर के लोग

    कब तक ठगाते रहेंगे जम्मू कश्मीर के लोग

    जम्मू कश्मीर का आम निबासी तो अंग्रेज के भारत से जाने और शक्सी राज खत्म होने के करीब ७ दशक बाद भी कई प्रकार की यातनाएं और राजनीतिक प्रताड़ना झेल रहा है . जम्मू कश्मीर के शीर्ष नेता कहते हैं इस राज्य के पास कोई विशेष दर्जा है और बे इस को इस राज्य के आम जन के हित में दिखाते हुए उसी आमजन को हर रोज एक नई उलझन में डाल देते हैं.

  • जम्मू कश्मीर का भारत में विलयः भ्रांतियाँ और तथ्य

    जम्मू कश्मीर का भारत में विलयः भ्रांतियाँ और तथ्य

    26 अक्तूबर को जम्मू-कश्मीर के देशभक्त लोग हर बरस विलय दिवस मनाते हैं। इसी रोज 1947 में यहां के तत्कालीन शासक महाराजा हरि सिंह ने अपनी रियासत के भारत में विलय के लिए विलय-पत्र पर दस्तखत किए थे। गवर्नर जनरल माउंटबेटन ने 27 अक्तूबर को इसे मंजूरी दी। विलय-पत्र का खाका हूबहू वही था जिसका भारत में शामिल हुए अन्य सैंकड़ों रजवाड़ों ने अपनी-अपनी रियासत को भारत में शामिल करने के लिए इस्तेमाल किया था। न इसमें कोई शर्त शुमार थी और न ही रियासत के लिए विशेष दर्जे जैसी कोई मांग।

  • प्रधानमंत्री की खामोशी के अर्थ-अनर्थ

    प्रधानमंत्री की खामोशी के अर्थ-अनर्थ

    तय मानिए यह देश नरेंद्र मोदी को, मनमोहन सिंह की तरह व्यवहार करता हुआ सह नहीं सकता। पूर्व प्रधानमंत्री मजबूरी का मनोनयन थे, जबकि नरेंद्र मोदी देश की जनता का सीधा चुनाव हैं। कई मायनों में वे जनता के सीधे प्रतिनिधि हैं। जाहिर है उन पर देश की जनता अपना हक समझती है और हक इतना कि प्रधानमंत्री होने के बावजूद वे अपनी व्यस्तताओं के बीच भी हर छोटे-बड़े प्रसंग पर संवाद करें, बातचीत करें।

  • हाँ, आरएसएस राजनीति करता है

    हाँ, आरएसएस राजनीति करता है

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ इस दशहरे (22 अक्टूबर, 2015) पर अपने नब्बे वर्ष पूरे कर रहा है। डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने वर्ष 1925 में जो बीज बोया था, आज वह वटवृक्ष बन गया है। उसकी अनेक शाखाएं समाज में सब दूर फैली हुई हैं। संघ लगातार दसों दिशाओं में बढ़ रहा है। नब्बे वर्ष के अपने जीवन काल में संघ ने भारतीय राजनीति को दिशा देने का काम भी किया है।

  • बिहारमें विकास के नाम पर मतदान हुआ तो

    बिहारमें विकास के नाम पर मतदान हुआ तो

    देश का दूसरा सबसे बड़ा राज्य बिहार शीघ्र ही विधानसभा चुनावों से रूबरू होने जा रहा है। राज्य में मुख्य मुक़ाबला भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन तथा राज्य में सत्तारुढ़ जनता दल युनाईटेड के नेतृत्व में बने नए-नवेले महागठबंधन के मध्य है।

  • बिहार चुनावः अग्निपरीक्षा किसकी?

    बिहार चुनावः अग्निपरीक्षा किसकी?

    बिहार का चुनाव वैसे तो एक प्रदेश का चुनाव है, किंतु इसके परिणाम पूरे देश को प्रभावित करेंगें और विपक्षी एकता के महाप्रयोग को स्थापित या विस्थापित भी कर देगें। बिहार चुनाव की तिथियां आने के पहले ही जैसे हालात बिहार में बने हैं, उससे वह चर्चा के केंद्र में आ चुका है।

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