आप यहाँ है :

राजनीति
 

  • कहीं अपने होने का अर्थ ही न खो दें राहुल गांधी !

    कहीं अपने होने का अर्थ ही न खो दें राहुल गांधी !

    समय आ गया है जब राहुल गांधी कांग्रेस की समान संभाल लें। लेकिन राहुल हैं कि पता नहीं किस दिन का इंतजार कर रहे हैं। वक्त बीता जा रहा है। कुछ समय और निकल गया, फिर अगर वे अध्यक्ष बन भी जाएंगे, तो भी इस देश में कोई बहुत बड़ा तूफान खड़ा नहीं होनेवाला। क्योंकि तब तक कांग्रेस के फिर से खड़े होने की क्षमता ही खत्म हो जाएगी।

  • केजरीवालः हर रोज नया बवाल

    केजरीवालः हर रोज नया बवाल

    अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी में इन दिनों जो कुछ चल रहा है, उससे राजनीतिज्ञों के प्रति अविश्वास और गहरा हुआ है। वे उम्मीदों को तोड़ने वाले राजनेता

  • केजरीवाल: बद अच्छा बदनाम बुरा?

    केजरीवाल: बद अच्छा बदनाम बुरा?

    भारतीय राजस्व सेवा की प्रथम श्रेणी की अफ़सरशाही छोडक़र जन आंदोलनों से गुज़रते हुए भ्रष्टाचार मिटाने के उद्देश्य से राजनीति में क़दम रखने वाले अरविंद केजरीवाल इन दिनों विभिन्न राजनैतिक दलों के अतिरिक्त मीडिया के लिए भी घोर आलोचना का केंद्र बने हुए हैं। जिस भारतीय मीडिया को अरविंद केजरीवाल में एक

  • सवाल केजरीवाल का नहीं, आम आदमी के सपनों का है

    सवाल केजरीवाल का नहीं, आम आदमी के सपनों का है

    आम आदमी पार्टी गंभीर संकट से जूझ रही है। देश के आम आदमी को उम्मीदों की नयी रोशनी दिखाते हुए साढ़े चार साल पहले जब पार्टी सामने आयी थी,

  • कश्मीर में हिंसा और वार्ता नहीं चल सकते एक साथ

    कश्मीर में हिंसा और वार्ता नहीं चल सकते एक साथ

    बड़ा सवाल है कि क्या हिंसा और बातचीत साथ-साथ चल सकती है? कश्मीर में पत्थरबाज़ उपद्रवियों पर पैलेट गन का इस्तेमाल प्रतिबंधित नहीं करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने इस सवाल का जवाब दे दिया है कि हिंसा और वार्ता एक साथ नहीं हो सकते। जम्मू कश्मीर बार एसोसिएशन की पैलेट गन के ख़िलाफ़

  • कांग्रेस क्षेत्रीय नेताओं को आगे लाए

    आज़ादी के बाद देश पर सबसे लम्बे अरसे तक एक छत्र शासन करने वाली कांग्रेस प्रदेशों में क्षेत्रीय नेताओं को आगे करके ख़ुद को मज़बूत बना सकती है.

  • कश्मीर में सरकार आपकी पर ‘राज’ किसका?

    कश्मीर में सरकार आपकी पर ‘राज’ किसका?

    कश्मीर में सुरक्षा बलों की दुर्दशा और अपमान के जो चित्र वायरल हो रहे हैं, उससे हर हिंदुस्तानी का मन व्यथित है। एक जमाने में कश्मीर को लेकर हुंकारे भरने वाले समूह भी खामोश हैं। ऐसे में यह सवाल पूछने का मन हो रहा है कि कश्मीर में सरकार तो आपकी है पर ‘राज’ किसका है ? कश्मीर एक ऐसी अंतहीन आग में जल

  • डरे – डरे से राहुल और सहमी – सहमी सी कांग्रेस

    डरे – डरे से राहुल और सहमी – सहमी सी कांग्रेस

    कार्यकर्ताओं के टूटते मनोबल और चुनाव में लगातार मिल रही हार ने कांग्रेस और उसके नेता बुरी तरह परेशान है। हालात सुधारने के लिए मंथन किया जा रहा है। लेकिन पहली कोशिश ही फेल हो गई। कांग्रेस अध्य़क्ष सोनिया गांधी ने सांसदों से मिलने के लिए भोज का आयोजन किया। सबको न्यौता दिया।

  • योगी हिन्दुओं के नहीं, पूरे प्रदेश के मुख्य मंत्री साबित होंगे

    योगी हिन्दुओं के नहीं, पूरे प्रदेश के मुख्य मंत्री साबित होंगे

    आजादी के बाद शायद भाजपा ही पहली सियासी पार्टी है जो इतने भारी बहुमत से जीती है। भाजपा के 11 मार्च को जीतने के बाद लगभग 11 दिनों तक जद्दो-जहद के बाद भाजपा हाई कमान मुख्यमंत्री की कुर्सी पर आदित्यनाथ योगी जैसे ज्ञानी को विराजमान कराने में कामयाब हो सका। योगी जी के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर विराजमान होते ही ज्यादातर मुस्लिम वर्ग के लोगों में एक तरह का खौफ पैदा हो गया, उस खौफ को पैदा करने वाले भी हमारे सियासी लोग ही हैं।

  • ‘आप’ की लगातार गिरती साख

    ‘आप’ की लगातार गिरती साख

    अपने स्वार्थ हेतु, महत्वाकांक्षा हेतु, प्रतिष्ठा हेतु, राजनीति बयानों की ओट में नेतृत्व झूठा श्रेय लेता रहे और भीड़ भी आरती उतारती रहे- यह राजनीतिक अवसरवादिता है। इसी अवसरवादिता के प्रतीक है अरविन्द केजरीवाल। सार्वजनिक जीवन में नैतिकता और ईमानदारी की दुहाई देकर दिल्ली में प्रचंड बहुमत से सत्ता में आई ‘आप’ की लगातार छीजती छवि की एक और घटना से न केवल केजरीवाल की साख को बट्टा लगा है बल्कि आम आदमी पार्टी के सितारे भी गर्दिश में जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। निजी

  • Page 2 of 12
    1 2 3 4 12

ईमेल सबस्क्रिप्शन

PHOTOS

VIDEOS

Back to Top

Page 2 of 12
1 2 3 4 12