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राजनीति
 

  • राजनीति के लिये सतत क्रांति की जरूरत

    राजनीति के लिये सतत क्रांति की जरूरत

    जैसे-जैसे 2019 में होने वाले आम चुनाव नजदीक आते जा रहे हैं वैसे-वैसे राजनीतिक सरगर्मियां तेज होती जारही है। संभवतः आजादी के बाद यह पहला आम चुनाव होगा, जिसके लिये इतनी अग्रिम चुनावी सरगर्मियां देखने को मिल रही है। न केवल भाजपा बल्कि सभी राजनीतिक दलों में आम चुनाव का

  • सेवा दल को कांग्रेस की तवज्जो मिली

    देश में कुछ संगठन ऐसे हैं, जो निस्वार्थ भाव से जन सेवा के काम में जुटे हैं। अखिल भारतीय कांग्रेस सेवा दल भी एक ऐसा ही संगठन है, जो मुश्किल

  • सत्ता प्राप्ति की आपाधापी से उपजी समस्याएं

    सत्ता प्राप्ति की आपाधापी से उपजी समस्याएं

    मुद्दे एवं समस्याएं आम भारतीय नागरिक को भ्रम में डालने वाली है एवं इनको गर्माकर राजनीतिक स्वार्थ की रोटियां सेंकने का सोचा-समझा प्रयास किया जा रहा है।

  • नेतृत्व के प्रश्न पर गहराता धुंधलका

    नेतृत्व के प्रश्न पर गहराता धुंधलका

    आज जबकि देश और दुनिया में सर्वत्र नेतृत्व के प्रश्न पर एक घना अंधेरा छाया हुआ है, निराशा और दायित्वहीनता की चरम पराकाष्ठा ने वैश्विक, राजनीति, सामाजिक, धार्मिक, आर्थिक नेतृत्व को जटिल दौर में लाकर खड़ा कर दिया है।

  • पूर्व राष्ट्रपति को लेकर मीडिया, सोशल मीडिया मंथन

    पूर्व राष्ट्रपति को लेकर मीडिया, सोशल मीडिया मंथन

    पूर्व राष्ट्रपति डॉ. प्रणव मुखर्जी की मीडिया में इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। चर्चा में बननें का एक ही विषय है, कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के निमत्रण पर 7 जून को आरएसएस मुख्यालय

  • केंद्र सरकार के चार वर्ष पूर्ण होने पर भाजपा युवा मोर्चा ने निकाली बाइल रैली

    केंद्र सरकार के चार वर्ष पूर्ण होने पर भाजपा युवा मोर्चा ने निकाली बाइल रैली

    आगरा। केंद्र सरकार के चार वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में भारतीय जनता युवा मोर्चा द्वारा पश्चिमपुरी चौराहे से मोहम्मदपुर चौराहे तक युवा मोर्चा के संयोजक डॉ सुनील राजपूत के नेतृत्व में बाइक रैली नि

  • राष्ट्रनीति के बिना राजनीति अधूरी है।

    आप लोगों ने अक्सर देश के अंदर राजनीति पार्टियों के नाम पर चुनाव होते हुए देखा होगा। कोई कांग्रेस पार्टी के नाम पर चुनाव लड़ता है, तो कोई भाजपा के नाम पर तो कोई सपा और बसपा के नाम पर। लेकिन वास्तव में जिस चिरविजयी राष्ट्र के नाम पर उसकी पहचान है। उसके नाम पर कोई चुनाव नही लड़ता। इसी आबोहवा के अंदर देश में कई संगठनों का निर्माण भी हुआ, ले

  • राष्ट्रवाद, पंथनिरपेक्षता और लोकतंत्र पर चर्च का हमला

    राष्ट्रवाद, पंथनिरपेक्षता और लोकतंत्र पर चर्च का हमला

    यह विचार करने की बात है कि चर्च को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी की सरकार से क्या दिक्कत हो रही है कि पादरियों ने सियासी पत्राचार प्रारंभ कर दिया है। ईसाई संप्रदाय में प्रमुख स्थान रखने वाले आर्कबिशप (प्रधान पादरी) भाजपा सरकार के विरुद्ध खुलकर दुष्प्रचार कर रहे हैं। सबसे पहले गुजरात चुनाव में आर्कबिशप थॉमस मैकवान ने चिट्ठी लिखकर ईसाई

  • कर्नाटक का जनमत किसके पक्ष में है?

    कर्नाटक का जनमत किसके पक्ष में है?

    चुनावों के दौरान चलने वाला सस्पेन्स आम तौर पर परिणाम आने के बाद खत्म हो जाता है लेकिन कर्नाटक के चुनावी नतीजों ने सस्पेन्स की इस स्थिति को और लम्बा खींच दिया है। राज्य में जो नतीजे

  • कांग्रेस अपने गिरेबां में भी तो झांके

    कांग्रेस अपने गिरेबां में भी तो झांके

    पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह सहित कांग्रेस के दूसरे नेताओं ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को चिट्ठी लिखकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की भाषण-शैली पर आपत्ति दर्ज कराई है। कर्नाटक के हुबली में दिए गए भाषण को आधार बनाकर पत्र में उन्होंने राष्ट्रपति से आग्रह किया है कि वह प्रधानमंत्री को कांग्रेस नेताओं या अन्य किसी पार्टी के लोगों के खिलाफ अवांछित और धमकाने वाली भाषा का इस्तेमाल करने से रोकें। इसके साथ ही डॉ. मनमोहन सिंह और अन्य नेताओं ने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी का व्यवहार प्रधानमंत्री पद की मर्यादा के अनुकूल नहीं है। पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह

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