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श्रद्धांजलि
 

  • साहित्यकार कैलाश वाजपेयी का निधन

    जाने-माने स‌ाहित्यकार कैलाश वाजपेयी का हृदयगति रुकने के कारण निधन हो गया है। उन्हें साहित्य अकादमी सहित कई सम्‍मानों से नवाजा जा चुका है। वाजपेयी 81 वर्ष के थे।  लखनऊ विश्वविद्यालय से पीएचडी करने के बाद उन्होंने अध्यापन से करियर आंरभ किया। दिल्‍ली विश्‍व‌विद्यालय समेत कई विदेशी संस्‍थानों में भी उन्हें अध्यापन किया। भारतीय संस्कृति […]

  • प्रो.सूरज भान सिंह का लंबी बीमारी के बाद कल रात देहरादून में निधन !

    प्रसिद्ध भाषा चिंतक और शिक्षाविद प्रो. सूरजभान सिंह का जन्म सन् 1936 में देहरादून में हुआ थ।  शिक्षाः अंग्रेज़ी, हिंदी और भाषाविज्ञान में एम.ए. और दिल्ली विश्वविद्यालय से भाषाविज्ञान में पीएच डी थे।  सन् 1988 से 1994 तक  नयी दिल्ली में भारत सरकार के वैज्ञानिक व तकनीकी शब्दावली आयोग के अध्यक्ष रहे। आपके मार्गदर्शन में […]

  • मैं तब विनोद मेहता के पास नौकरी माँगने गया था

    मुझे जुलाई 1995 में आउटलुक में काम करने का मौका मिला था। मैं एक कॉलेज ग्रेजुएट था और मेरे पास सिर्फ नौ महीने का प्रिंट एक्सपीरिएंस था। नौकरी कोलकाता संवाददाता की थी जिसके लिए पद्मानंद झा जिन्हें पैडी भी कहा जाता था, ने मेरा 10 मिनट का इंटरव्यू किया था।   ‘इंटरव्यू का नेक्स्ट स्टेज […]

  • वरिष्ठ पत्रकार प्राण चोपड़ा नहीं रहे

    अनुभवी पत्रकार और द स्टेट्समैन के पहले भारतीय संपादक प्राण चोपड़ा का रविवार को निधन हो गया। वह पिछले कुछ समय से बीमार थे। ऑल इंडिया रेडियो के लिए द्वितीय विश्व युद्ध और भारत-पाकिस्तान की जंग कवर करने वाले चोपड़ा 92 वर्ष के थे। उनके निधन पर एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने शोक जाहिर किया […]

  • भाजपा के पूर्व सांसद व पत्रकार दीनानाथ मिश्र नहीं रहे

    भाजपा के पूर्व राज्यसभा सदस्य और लेखक दीनानाथ मिश्र का बुधवार को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया. वह 76 वर्ष के थे. वह पिछले कुछ समय से बीमार थे और उन्हें हाल में एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था. मिश्र वर्ष 1998 से 2004 तक सांसद रहे थे. उन्होंने अपना करियर पत्रकार […]

  • साइकिल चलाई तो अस्पताल पहुँच गई…!

    मैं यह आलेख अपने बिस्तर से लिख रही हूं। मैं एक ऐसी दुर्घटना के बाद आराम कर रही हूं जिसमें मेरी हड्डिïयां तक टूट गईं। दुर्घटना उस वक्त हुई थी जब मेरी साइकिल को तेज गति से आ रही एक कार ने टक्कर मार दी। मेरे शरीर से खून बह रहा था और वह कार […]

  • राजस्थानी लोक साहित्य को एक नई आभा देने वाले विजयदान देथा नहीं रहे

    राजस्थानी भाषा के जानेमाने साहित्यकार  विजयदान देथा उर्फ बिज्जी का निधन हो गया है. वो 87 साल के थे. बिज्जी के नाम से मशहूर विजयदान देथा अपनी कहानियों के लिए देश-विदेश में मशहूर थे. राजस्थान के पाली ज़िले के रहने वाले विजयदान देथा ने राजस्थानी में करीब 800 छोटी-बड़ी कहानियां लिखीं. जिनका कई भाषाओं में […]

  • विजयदान देथा का यादगार साक्षात्कार इंडिया टुडे की मनीषा पांडेय के साथ

    उस दिन सुबह बिज्जी इंटरव्यू के नाम से ऐसे घबरा रहे थे, जैसे मां की गोद से उतरकर पहले दिन स्कूल जा रहा कोई बच्चा. साथ रहने वाले राजस्थानी लेखक मालचंद तिवाड़ी से वे बोले, ‘‘एक काम कर, तू ही विजयदान देथा बनकर बैठ जा और इंटरव्यू दे दे.’’ लेकिन फिर जब सफेद धोती, कुर्ता […]

  • शाकाहारी व्यंजंनों की महारानी तरला दलाल नहीं रही

    देश की जानी-मानी सेलेब्रिटी शेफ और खानपान पर लिखने वाली तरला दलाल का बुधवार को निधन हो गया। वह कुछ दिन से बीमार थीं। देश के कई हिस्सों में जब टेलीविजन नहीं पहुंचा था, तरला दलाल अपनी रेसिपी से पहुंची। उन्होंने कुकिंग पर 100 से ज्यादा किताबें लिखी हैं और 2007 में पद्मश्री से भी […]

  • बसंत कुमार तिवारीः स्वाभिमानी जीवन की पाठशाला

    छत्तीसगढ़ के जाने-माने पत्रकार और ‘देशबंधु’ के पूर्व संपादक बसंत कुमार तिवारी का न होना जो शून्य रच है उसे लंबे समय तक भरना कठिन है। वे एक ऐसे साधक पत्रकार रहे हैं, जिन्होंने निरंतर चलते हुए, लिखते हुए, धैर्य न खोते हुए,परिस्थितियों के आगे घुटने न टेकते हुए न सिर्फ विपुल लेखन किया ,वरन […]

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