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श्रद्धांजलि
 

  • वाह कोलकाता. आह कोलकाता .!!

    वाह कोलकाता. आह कोलकाता .!!

    देश की संस्कारधानी कोलकाता पर गर्व करने लायक चीजों में शामिल है फुटपाथ पर मिलने वाला इसका बेहद सस्ता खाना। बचपन से यह आश्चर्यजनक अनुभव हासिल करने का सिलसिला अब भी बदस्तूर जारी है । देश के दूसरे महानगरों के विपरीत यहां आप चाय - पानी लायक पैसों में खिचड़ी से लेकर बिरियानी तक खा सकते हैं। अपने शहर खड़गपुर से 116 किलोमीटर पूर्व में स्थित कोलकाता

  • स्वतंत्रता सेनानी, वरिष्ठ कवि, लेखक और पूर्व सांसद  केयूर भूषण का निधन

    स्वतंत्रता सेनानी, वरिष्ठ कवि, लेखक और पूर्व सांसद केयूर भूषण का निधन

    रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने स्वाधीनता संग्राम सेनानी, वरिष्ठ साहित्यकार, पत्रकार और रायपुर के पूर्व लोकसभा सांसद श्री केयूर भूषण के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। डॉ. सिंह ने यहां जारी शोक संदेश में कहा है कि श्री केयूर भूषण के निधन से न सिर्फ छत्तीसगढ़ प्रदेश ने, बल्कि पूरे देश ने सच्चाई और सादगी पर आधारित गांधीवादी दर्शन और विनोबा जी

  • वरिष्ठ पत्रकार सुरेन्द निहाल सिंह का निधन

    ख्यात वरिष्ठ पत्रकार सुरेंद्र निहाल सिंह का 89 वर्ष की उम्र में सोमवार को निधन हो गया। निहाल सिंह 'द स्टेटसमैन' के पूर्व संपादक रह चुके हैं। वह कुछ समय से बीमार थे। उनके परिवार के सदस्यों ने बताया कि उन्होंने नेशनल हर्ट इंस्टीट्यूट में अंतिम सांस ली। उन्हें गुर्दे से संबंधित बीमारी थीं। उनकी आयु इसी माह 89 वर्ष पूरी होने वाली थी। उनकी रिश्तेदार इंदु निहाल सिंह ने कहा, ‘वह कुछ समय से बीमार थे। पिछले एक हफ्ते से उनकी स्थित गंभीर हो चली थी।’

  • केएल सहगलः जिनकी नकल करने वाले भी महान गायक हो गए

    केएल सहगलः जिनकी नकल करने वाले भी महान गायक हो गए

    केएल सहगल भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं लेकिन आज भी उनकी आवाज कई दिलों को छूती है। उस महान गायक के 114वें जन्मदिन को गूगल भी सेलिब्रेट कर रहा है। इस अवसर पर गूगल ने केएल सहगल का डूडल बनाया है। गूगल के डूडल में केएल सहगल को सामने गाते हुए दिखाया गया है।

  • सड़क पर चलते हुए गीत गाकर भी उस गीत को अमर कर दिया केएल सहगल ने कविता

    सड़क पर चलते हुए गीत गाकर भी उस गीत को अमर कर दिया केएल सहगल ने कविता

    जब केएल सहगल ने सड़क पर चलते हुए एक गीत गाया और वो भी उनके बाकी गीतों की तरह मास्टरपीस कहलाया। लाख कोशिशों के बावजूद केएल सहगल के वक्त के दूसरे पार्श्वगायक उनकी बराबरी न कर सके और अगली पीढ़ी के मुकेश, किशोर और रफी जैसे गायक भी उनकी ही नकल करके स्थापित हुए जब […]

  • किशोरी अमोनकर में थी शास्त्रीय संगीत की आत्मा

    किशोरी अमोनकर में थी शास्त्रीय संगीत की आत्मा

    किशोरी अमोनकर एक भारतीय शास्त्रीय गायक थीं। जिन्होंने अपने शास्त्रीय संगीत के बल पर दशकों तक हिन्दुस्तान के संगीत प्रेमियों के दिल में अपनी जगह बनाये रखी। किशोरी अमोनकर का जन्म 10 अप्रैल 1932 को मुंबई में हुआ था। किशोरी अमोनकर को हिंदुस्तानी परंपरा के अग्रणी गायकों में से एक माना जाता है। किशोरी अमोनकर जयपुर-अतरौली घराने की प्रमुख गायिका थीं। किशोरी अमोनकर एक विशिष्ट संगीत शैली के समुदाय का प्रतिनिधित्व करती थीं, जिसका देश में बहुत मान है। किशोरी अमोनकर जब छह वर्ष की थी तब उनके पिता की मृत्यु हो गयी थी। किशोरी अमोनकर की मां एक सुप्रसिद्ध गायिका थीं, जिनका नाम मोघूबाई कुर्दीकर था। किशोरी अमोनकर की माँ मोघूबाई कुर्दीकर जयपुर घराने की अग्रणी गायिकाओं में से प्रमुख थीं।

  • माखनलाल चतुर्वेदीः  ऐसा कवि जिसने मुख्यमंत्री पद ठुकरा दिया था

    माखनलाल चतुर्वेदीः ऐसा कवि जिसने मुख्यमंत्री पद ठुकरा दिया था

    आज 4 अप्रैल को वरिष्ठ हिंदी कवि, लेखक और पत्रकार माखनलाल चतुर्वेदी की जयंती है. उनको एक भारतीय आत्मा भी कहा जाता है। स्व. मानखनलाल चतुर्वेदी ने शिक्षण और लेखन जारी रखने के लिए मुख्यमंत्री के पद को ठुकरा दिया था. उन्होंने कहा था कि एक साहित्यकार का मुख्यमंत्री बनना उसकी पदावनति होगी. उनका जन्म 4 अप्रैल, 1889 को मध्य प्रदेश के बावई में हुआ था. राधावल्लभ संप्रदाय से आने के कारण इन्हें वैष्णव पद कंठस्थ थे. प्राथमिक शिक्षा के बाद ये घर पर ही संस्कृत का अध्ययन करने लगे. 15 वर्ष की अवस्था में इनका विवाह हो गया. इनके पिता का नाम नन्दलाल चतुर्वेदी था जो गाँव के प्राइमरी स्कूल में अध्यापक थे। प्राइमरी शिक्षा के बाद घर पर ही इन्होंने संस्कृत ,बंगला ,अंग्रेजी ,गुजरती आदि भाषाओँ का ज्ञान प्राप्त किया।

  • कमलादेवी चट्टोपाध्याय को याद किया गूगल ने

    कमलादेवी चट्टोपाध्याय को याद किया गूगल ने

    गूगल ने आज स्वतंत्रता सेनानी और समाज सुधारक कमलादेवी चट्टोपाध्याय को उनके 115वें जन्मदिवस पर डूडल बनाकर श्रद्धांजलि दी है. तीन अप्रैल, 1903 को जन्मीं कमलादेवी चट्टोपाध्याय ने स्वतंत्रता संग्राम में तो योगदान दिया ही, आजादी के बाद भारत में हस्तशिल्प, हथकरघा और थिएटर की हालत सुधारने में भी अहम भूमिका निभाई. आज के गूगल डूडल में उनके इन कामों की भी झलक देखने को मिलती है। 29 अक्टूबर 1988 को 85 साल की उम्र में उनका निधन हो गया था।

  • बिज़नेस इंडिया के पार्थसारथी स्वामी का निधन

    बिज़नेस इंडिया के पार्थसारथी स्वामी का निधन

    अंग्रेजी कारोबारी पत्रिका ‘बिजनेस इंडिया’ प्रबंध संपादक पार्थसारथी स्वामी का मुंबई में सोमवार रात 11 बजे निधन हो गया। वे विगत 25 वर्षों से कारोबारी दुनिया की पत्रकारिता से जुड़े थे। स्वामी बिजनेस स्टैंडर्ड और इंडिया टुडे सहित देश के कई प्रमुख कारोबारी पत्र-पत्रिकाओं व माचार पत्रों से जुड़े थे।बिजनेस इंडिया के साथ जुड़ने से पहले वे बिजनेसवर्ल्ड के प्रबंध संपादक थे। स्वामी ने ओस्मानिया यूनिवर्सिटी से इतिहास में ग्रेजुएशन किया और फिर कोलकाता के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट से मैनेजमेंट में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया। उन्होंने 1974-79 के बीच पढ़ाई के लिए खड़गपुर के इंडियन

  • केदारनाथ सिंहः हिन्दी कविता के एक युग का अंत

    केदारनाथ सिंहः हिन्दी कविता के एक युग का अंत

    हिन्दी की समकालीन कविता और आलोचना के सशक्त हस्ताक्षर और अज्ञेय के तीसरा तार सप्तक के प्रमुख कवि डॉ. केदारनाथ सिंह का सोमवार को दिल्ली में निधन हो गया। केदारनाथ सिंह चर्चित कविता संकलन ‘तीसरा सप्तक’ के सहयोगी कवियों में से एक थे। इनकी कविताओं के अनुवाद लगभग सभी प्रमुख भारतीय भाषाओं के अलावा अंग्रेजी, स्पेनिश, रूसी, जर्मन और हंगेरियन आदि विदेशी भाषाओं में भी हुए हैं। केदारनाथ सिंह ने कविता पाठ के लिए दुनिया के अनेक देशों की यात्राएं की थी।

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