आप यहाँ है :

श्रद्धांजलि
 

  • पंजाब को जलती आग से निकाला केपीएस गिल ने

    पंजाब को जलती आग से निकाला केपीएस गिल ने

    गिल एक ऐसे अधिकारी थे जिन्होंने छड़ी के अलावा कभी कोई हथियार नहीं रखा। लेकिन उनमें जूझने का जज्बा आखिर तक बरकरार रहा....

  • श्री अनिल माधव दवेः बौद्धिक तेज से दमकता था उनका व्यक्तित्व

    श्री अनिल माधव दवेः बौद्धिक तेज से दमकता था उनका व्यक्तित्व

    केंद्रीय पर्यावरण मंत्री श्री अनिल माधव दवे,देश के उन चुनिंदा राजनेताओं में थे, जिनमें एक बौद्धिक गुरूत्वाकर्षण मौजूद था। उन्हें देखने, सुनने और सुनते रहने का मन होता था। पानी, पर्यावरण,नदी और राष्ट्र के भविष्य से जुड़े सवालों पर उनमें गहरी अंर्तदृष्टि मौजूद थी। उनके साथ नदी महोत्सवों,

  • हमेशा अपने दमदार अभिनय से मां के किरदार को जीवंत किया रीमा लागू ने

    हमेशा अपने दमदार अभिनय से मां के किरदार को जीवंत किया रीमा लागू ने

    रीमा लागू का जन्म 1958 में हुआ था। रीमा के बचपन का नाम गुरिंदर भादभाड़े था। रीमा लागू जानीमानी मराठी एक्ट्रेस मंदाकनी भादभाड़े की बेटी हैं। रीमा लागू की अभिनय क्षमता का पता जब चला जब वह पुणे में हुजुरपागा एचएचसीपी हाई स्कूल में छात्रा थीं। हाई स्कूल पूरा करने के तुरंत बाद उनके अभिनय की शुरुआत हुई।

  • ग्लोबलगिविंग की भारत में संभावनाभरी दस्तक

    ग्लोबलगिविंग की भारत में संभावनाभरी दस्तक

    दुनियाभर के दानदाताओं को भारत में दान के लिये प्रोत्साहित किये जाने की दृष्टि से क्राउडफंडिंग एक सशक्त माध्यम है। भारत के लिए क्राउडफंडिंग भले ही नया हो पर इसकी अपार संभावनाएं हैं। आने वाले समय में क्राउडफंडिंग भारत की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, सेवा उपक्रमों एवं धार्मिक कार्यों

  • विनोद खन्नाः अभियन की पाठशाला के प्रिसिंपल … .!!

    विनोद खन्नाः अभियन की पाठशाला के प्रिसिंपल … .!!

    अस्सी के दशक में होश संभालने वाली पीढ़ी के लिए उन्हें स्वीकार करना सचमुच मुश्किल था। जिसका नाम था विनोद खन्ना। क्योंकि तब जवान हो रही पीढ़ी के मन में अमिताभ बच्चन सुपर मैन की तरह रच - बस चुके थे।

  • विनोद खन्ना के स्टार होने का मतलब

    विनोद खन्ना के स्टार होने का मतलब

    विनोद खन्ना स्टार थे। वे सुपरस्टार कभी माने नहीं गए, लेकिन हमारे सिनेमा के संसार के इतने बड़े सुपरस्टार रहे हैं, उनमें सभी को चमकाने में उनकी सबसे बड़ी मदद लगती थी। विनोद खन्ना ऐसे एक स्टार रहे,

  • स्व. किशोरी अमोणकर की यादों में लिपटी सुरमयी श्रध्दांजलि

    स्व. किशोरी अमोणकर की यादों में लिपटी सुरमयी श्रध्दांजलि

    मुंबई की चौपाल एक ऐसा अद्भुत मंच है जहाँ हर महीने सुधी श्रोता एक नए संस्कार से रससिक्त होते हैं। इस बार चौपाल में महान शास्त्रीय गायिका स्व. किशोरी अमोणकर को उनकी यादों के साथ संगीतमयी श्रध्दांजलि दी गई। स्व. किशोरी ताई की पटु शिष्या सुश्री देवकी पंडित ने ने जब किशोरी जी

  • स्व.  रमेश अग्रवाल : सड़क पर हुई मुलाकात और फिर संघर्ष में साथ के दो दशक

    स्व. रमेश अग्रवाल : सड़क पर हुई मुलाकात और फिर संघर्ष में साथ के दो दशक

    रमेश अग्रवालजी ने कोई आठ साल पहले अपने बारे में और अपनी उपलब्धियों को लेकर कहा था :” आज जो भी सफलता मेरे पास है उसमें अपने स्वाभाव की तीन बातों को मैं सामने रखता हूं– सहज-सरल रहना’ स्वयं का लो –प्रोफाइल प्रेजेंटेशन और काम के प्रति जुनून”। रमेशजी की शायद ये ही खूबियां थी

  • दैनिक भास्कर समुूह के अध्यक्ष श्री रमेश अग्रवाल का निधन

    दैनिक भास्कर समुूह के अध्यक्ष श्री रमेश अग्रवाल का निधन

    दैनिक भास्कर समूह के चेयरमैन रमेश चंद्र अग्रवाल का बुधवार को निधन हो गया है। सुबह अहमदाबाद एयरपोर्ट पर उन्होंने सीने में दर्द की शिकायत की थी, जिसके कुछ समय बाद वे गिर पड़े और तत्काल उन्हें अहमदाबाद के अपोलो अस्पताल ले जाया गया, जहां हार्टअटैक से उनका निधन हो गया। वे 77

  • किशोरी अमोनकर के शास्त्रीय संगीत में भारतीय संस्कृति की आत्मा बसती थी

    किशोरी अमोनकर के शास्त्रीय संगीत में भारतीय संस्कृति की आत्मा बसती थी

    किशोरी अमोनकर एक भारतीय शास्त्रीय गायक थीं। जिन्होंने अपने शास्त्रीय संगीत के बल पर दशकों तक हिन्दुस्तान के संगीत प्रेमियों के दिल में अपनी जगह बनाये रखी। किशोरी अमोनकर का जन्म 10 अप्रैल 1932 को मुंबई में हुआ था। किशोरी अमोनकर को हिंदुस्तानी परंपरा के अग्रणी गायकों में से एक माना जाता है।

  • Page 3 of 12
    1 2 3 4 5 12

ईमेल सबस्क्रिप्शन

PHOTOS

VIDEOS

Back to Top

Page 3 of 12
1 2 3 4 5 12