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रंगारंग कार्यक्रम व फैशन वॉक से बच्चों के लिए बच्चों ने फैलाई जागरूकता..

रोटेरियन मृदुला खत्री द्वारा भावुक व भाव-विभोर करता कार्यक्रम मिस एंड मास्टर लॉरेट्स आयोजित

गुरूग्राम। कोई लौटा दे मेरे बीते हुए दिन… गुरूग्राम स्थित द लीला होटल में उपस्थित हर व्यक्ति बस यही कहता नज़र आ रहा था। मौका था रोटेरियन मृदुला खत्री के नेतृत्व में आयोजित चैरिटी कार्यक्रम मिस एंड मास्टर लॉरेट्स का। रंग-बिरंगी छटा बिखेरती लाइट व संगीत के बीच 3 साल से 17 साल के बच्चों की रैम्प वॉक, जो कि एक कॉज – थैलेसेमिया फाउंडेशन व रक्तदान ऐप के समर्थन हेतु लिटिल टैग्स के सहयोग में आयोजित की गयी थी। इसके अतिरिक्त मंच पर बच्चों और उनके ग्रैंड पेरेंट्स के साथ विशिष्ट वॉक द्वारा पहली एवम् तीसरी पीढ़ी के पवित्र बंधन को मजबूत करने का संदेश दिया गया।

थैलेसेमिया फाउंडेशन एवम् रक्तदान ऐप (भारत का अग्रणी डिजीटल ब्लड बैंक) के समर्थन में आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न श्रेणियों; 3 से 8 वर्ष, 9 से 12 वर्ष और 13 से 17 वर्ष के बच्चों की रैम्प वॉक, उनका प्रतिभा प्रदर्शन, जहां किसी ने गाने प्रस्तुत किये, किसी ने नृत्य तो किसी ने अपनी अद्भुत कला का प्रदर्शन किया। इनके अतिरिक्त वॉयस ऑफ इंडिया की फायनिलिस्ट श्रेया बसु ने दो प्रस्तुत किये और क्रिकेटर परविंदर अवाना ने बच्चों का हौंसला बढ़ाया। इस दौरान डांस आउट ऑफ पोवर्टी द्वारा प्रस्तुत रोंगटे खड़े करता वंदेमातरम गीत पर देशभक्ति वाला एक्ट भी एक आकर्षण रहा।

उद्यमी, सामाजिक कार्यकर्ता, रोटेरियन मृदुला खत्री (चयनित अध्यक्ष आरसीडी पंचशिला पार्क) ने बताया कि यह पूर्णतयाः चैरिटी कार्यक्रम है जिससे विविध उद्देश्य जुड़े हैं। थैलेसेमिया फाउंडेशन, रक्तदान ऐप के समर्थन के साथ-साथ दादा-दादी व पोता-पोती के रिश्तों, इन बच्चों की हौंसलाफजाई जिससे कि इनका आत्मविश्वास बढ़े और शुरूआती स्तर पर ऐसे कॉज से जुड़ने हेतु यह बच्चे व इनके परिवार वाले आगे आयें। यह फैशन वॉक से अधिक वॉक फॉर कॉज है और यहां से एकत्रित धनराशि को थैलेसेमिया से पीड़ित बच्चों के टेस्ट व उनकी मदद एवम् रक्तदान ऐप की जागरूकता हेतु इस्तेमाल किया जायेगा। उन्होंने कहा दिल, दिमाग और भावनात्मक रूप से थैलेसेमिया पीड़ित बच्चों और रक्तदान की महत्ता को समझाना जरूरी है जिसमें ऐसे कार्यक्रम काफी सहायक हैं।
कार्यक्रम के दौरान लगभग 80 बच्चों एवम् दादा-दादी की वॉक भाव-विभोर करने वाली रही। इन बच्चों की प्रतिभाओं को चांदनी अग्रवाल (फाउंडर लिटिल टैग्स), रीना गोयल (निदेशक श्रीराज महल ज्वेलर्स), सर्वेश अग्रवाल (आंत्रेप्रेनर), लता वैद्यनाथन (मेंटर, मेड इजी स्कूल), डॉ. गगन मल्होत्रा (बाल रोग विशेषज्ञ) ने जज किया। इनके अतिरिक्त श्री आलोक रंजन, सुश्री विधी सागर, श्री अनुप त्रिवेदी, श्री प्रवीण छाबरा, श्री अनुराग जैन, श्रीमती मुक्ता जैन, रश्मी सचदेव, रोशन अग्रवाल, मेहुल अग्रवाल, कौशल्या रेड्डी, माधवी आडवाणी और पारुल सागर आदि बतौर अतिथि उपस्थित थे।

इस दौरान रक्तदान ऐप के विषय में उपस्थित मेहमानों को जानकारी दी। श्री संजय खत्री ने इस ऐप का आविष्कार किया जो कुछ अलग कर गुजरने के उनके जज़्बे को दिखाता है। यह पैन इंडिया स्तर पर मौजूद है और इस ऐप में किसी तरह का कोई शुल्क नहीं लगता। ऐप से 25000 लोग जुड़े हैं और लगभग 2000-3000 लोगों ने इसकी सेवाओं का लाभ लिया है। जानने की बात यह है कि भारत को 1 करोड़ 20 लाख इकाइयों की जरूरत है, लेकिन हम 30 लाख यूनिट से कम हैं।

कार्यक्रम के दौरान ईशान की भावुक करती थैलेसेमिया से जुड़ी कहानी को दिखाया गया। एक विडियो दिखाते हुए अपील की गयी कि एक छोटी सी गलती कितनी घातक हो सकती है। शादी से पहले और प्रेगनेंसी के बाद एक टेस्ट कराना कोई बड़ी बात नहीं है इसकी जागरूता बहुत जरूरी है। इसके लिए उपस्थित मेहमानों को प्रण दिलाया गया कि वे प्रतिज्ञा करते हैं कि थैलेसेमिया को रोकने व रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ायेंगे।

थैलेसेमिया के खिलाफ फाउंडेशन थैलेसेमिया बच्चों के कल्याण के लिए काफी काम कर रहा है। फाउंडेशन थैलेसेमिया बच्चों को मुफ्त में सभी सेवाएं प्रदान करता है चाहे दवा, रक्त संक्रमण, यात्रा या किसी अन्य जरूरतों को पूरा करें। थैलेसेमिया, एक विकार है जो विरासत में मिला है (यानी, माता-पिता से जीन के माध्यम से बच्चों के लिए पारित) रक्त विकार तब होता है जब शरीर पर्याप्त रक्त प्रोटीन नहीं बनाता है, जिसे लाल रक्त कोशिकाओं का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हीमोग्लोबिन कहा जाता है।



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