ताजा सामाचार

आप यहाँ है :

खुल के बोलो अभियान के ज़रिये सामने आई बच्चों की मासूमियत

मुंबई। पश्चिम रेलवे द्वारा भारत के प्रमुख किड्स एंटरटेनमेंट फ्रेंचाइज़ी निकेलोडियन और थियेटर ग्रुप – थियेटरवाला के सहयोग से प्रति वर्ष 14 नवम्बर को मनाये जाने वाले बाल दिवस के अवसर पर 13 नवम्बर, 2019 को चर्चगेट स्टेशन पर #खुलकेबोलो अभियान के लिए नुक्कड़ नाटक का मंचन किया गया। इस नाटक में निकटून शिवा एवं रूद्रा प्रमुख पात्र थे, जो बच्चों की मासूमियत पर केन्द्रित रहा।

बाल दिवस के अवसर पर पश्चिम रेलवे द्वारा निकेलोडियन के सहयोग से एक अनूठा एवं अभिनव अभियान #खुलकेबोलो आयोजित किया गया। इस अभियान का लक्ष्य इस सच्चाई को स्वीकार करना है कि बच्चे कैसे सामाजिक जागरूकता एवं आत्मचेतना से अनभिज्ञ हैं, जो युवाओं और अभिभावकों पर बोझ डालता है। थियेटर कलाकारों के ग्रुप थियेटरवाला के साथ निकटून शिवा एवं रूद्रा द्वारा चर्चगेट स्टेशन पर यात्रियों के लिए 12 मिनट का कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। इस कार्यक्रम के कुछ हिस्सों के ज़रिये यात्रियों द्वारा ट्रेसपासिंग, रेल लाइन पार करने तथा गंदगी फैलाने जैसी जैसी असुरक्षित हरकतें न करने के सम्बंध में जागरूकता फैलाने पर भी प्रकाश डाला गया।

निकेलोडियन अभियान #खुलकेबोलो न केवल बच्चों को बल्कि बड़ों को भी प्रेरित करता है तथा उन्हें बच्चों को प्रभावित करने वाले किसी सामाजिक बोझ को न डालने की अपील करता है। जैसे ही हम बड़े होते हैं, तो अक्सर हम यह भूल जाते हैं कि क्या सोचना है और बच्चे की तरह कैसे व्यक्त करना है? यह नाटक बाल रूप में गुजारे गये समय की याद दिलाने में सहायक रहा। उल्लेखनीय है कि पश्चिम रेलवे इस प्रकार के सार्थक प्रदर्शन के लिए प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने हेतु हमेशा प्रतिबद्ध रहती है। इस अवसर पर बोलते हुए थियेटरवाला के संस्थापक श्री रोहित तिवारी ने पश्चिम रेलवे एवं निकेलोडियन के सहयोग पर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की तथा बताया कि यह नाटक बच्चों की मासूमियत के प्रभावशाली प्रदर्शन में सहायक है। साथ ही यह नाटक अभिभावकों एवं युवकों को अपने अंदर बाल रूप को महसूस करने हेतु प्रोत्साहित करता है।

image_pdfimage_print


Leave a Reply
 

Your email address will not be published. Required fields are marked (*)

You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <s> <strike> <strong>

सम्बंधित लेख
 

Back to Top