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अमेरिकी निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए चौहान का आमंत्रण

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अमेरिकी निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने उद्यमियों से राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में निवेश कर राजस्व और रोजगार के अवसर बढ़ाने में मदद करने को कहा है। अमेरिका की पांच दिन की यात्रा पर यहां पहुंचे चौहान ने कल प्रमुख व्यवसायियों, कार्यकारियों और विश्लेषकों को संबोधित करते हुए भारत और अमेरिका के बीच व्यापक द्विपक्षीय आर्थिक संभावनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश निवेश के लिए सबसे उपयुक्त स्थल है। वहां निवेश का बेहतर माहौल होने के साथ-साथ निवेशक अनुकूल नीतियां हैं और लाल फीताशाही नहीं है।

चौहान ने कहा, ‘भारत और अमेरिका काफी घनिष्ठ मित्र हैं, राष्ट्रपति बराक ओबामा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच गहरी दोस्ती है। दोनों देश दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्र हैं।’ मध्य प्रदेश सरकार के सहयोग से भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) और अमेरिका-भारत व्यावसायिक परिषद द्वारा आयोजित संगोष्ठी को संबोधित करते हुए चौहान ने कहा, ‘अमेरिका के विकास और समृद्धि में भारतीय मूल के लोगों का उल्लेखनीय योगदान है और प्रवासी भारतीय लोग यहां अमेरिका और भारत के बीच संबंधों को मजबूत बनाने में काफी योगदान कर रहे हैं।’

चौहान ने यहां उद्यमियों के बीच हिन्दी में अपना भाषण दिया। उन्होंने कहा, ‘ऐसे समय जब पूरी दुनिया में अनिश्चितता और आतंक का माहौल बना हुआ है, भारत और अमेरिका के बीच मजबूत भागीदारी इन चुनौतियों का सामना करने में मदद करेगी और इससे दुनिया में शांति तथा समृद्धि स्थापित होगी।’ मुख्यमंत्री ने अमेरिकी निवेशकों के स्वागत में राज्य सरकार की तरफ से लाल कालीन बिछाते हुए कहा कि राज्य में सूचना प्रौद्योगिकी, कपड़ा, खाद्य प्रसंस्करण, औषधि, पर्यटन, अवसंरचना, स्वास्थ्य, रीयल एस्टेट, खनिज और शिक्षा के क्षेत्र में निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने निवेशकों को संबोधित करते हुए कहा, ‘मैं आपको यहां मध्य प्रदेश की यात्रा के लिए आमंत्रित करने आया हूं। यह भारत में निवेश के लिए उपयुक्त राज्य है। हम यहां निवेश आमंत्रित करने आए हैं। हम न केवल इससे राजस्व पैदा करना चाहते हैं, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा करना चाहते हैं।’

उन्होंने कहा कि वह अपने राज्‍य को आगे बढ़ाने के लिए कृतसंकल्प हैं। चौहान ने यह भी उम्मीद जताई कि अमेरिका के अगले राष्ट्रपति भी भारत के मित्र होंगे। अमेरिका इस समय राष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया से गुजर रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका में आखिरकार राष्ट्रपति पद के लिए एक महिला उम्मीदवार दौड़ में है जबकि उनके राज्य में सरकार के विभिन्न पदों पर महिलाओं का चुनाव होता रहा है। उन्होंने कहा कि उनके राज्य में स्थानीय निकायों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण है।

चौहान ने निवेशकों को मध्यप्रदेश में 22 और 23 अक्टूबर को होने जा रहे वैश्विक निवेशक सम्मेलन में भाग लेने के लिए भी आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने विदेशी निवेशकों को निवेश का बेहतर माहौल सुलभ कराने के लिए अनेक कदम उठाए हैं। उन्होंने निवेशकों को कारोबार सुगमता का भी भरोसा दिया। चौहान के साथ राज्य के अनेक वरिष्ठ मंत्री, अधिकारी भी यात्रा पर हैं। इस दौरान राज्य सरकार और मध्य प्रदेश की कंपनियों ने अमेरिकी कंपनियों के साथ विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के लिए सहमति ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए।

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है उद्योगों की स्थापना में तेजी लाने के लिये 20 नये औद्योगिक क्षेत्रों में जरूरी अधोसंरचनाओं का विकास किया जा रहा है। अमेरिका यात्रा के तीसरे दिन आज न्यूयार्क में निवेशकों और अमेरिकी कंपनियों से चर्चा करते हुए श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश का औद्योगिक विकास फास्ट ट्रेक पर है। एक दशक पहले और आज के मध्यप्रदेश में जमीन-आसमान का फर्क है। आज मध्यप्रदेश निवेशकों की पहली पसंद बन गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निवेशकों को विकास में सहयोगी मानती है। इस अवसर पर उद्योग मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल और मध्यप्रदेश के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

श्री चौहान ने मध्यप्रदेश में निवेशकों का स्वागत करते हुए कहा कि उन्हें किसी भी प्रकार की कोई बाधा नहीं आने दी जायेगी। राज्य सरकार औद्योगिक विकास के माध्यम से युवाओं को भी आगे बढ़ने के अवसर देना चाहती है। युवाओं को कौशल सम्पन्न बनाने के साथ ही उनमें उद्यमिता का विकास भी किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने निवेशकों और कंपनी प्रमुखों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिये आमंत्रित किया। उन्होंने अमेरिका में बस गये सभी भारतीयों को भी इंदौर में 22- 23 अक्टूबर को होने वाली ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट में भाग लेने के लिये आमंत्रित किया।

श्री चौहान ने शिक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी, लोक सेवा, निर्माण, बायोटेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्र में काम कर रही कंपनियों के मध्यप्रदेश में विस्तार की संभावनाओं पर चर्चा की।

इन कंपनियों से हुई चर्चा

आरसिअस इन्फोटेक प्रायवेट लिमिटेड ने भोपाल जिले में विकास केन्द्र स्थापित करने में रूचि दिखाई है। यू.एस. टेक्नोलॉजी इंटरनेशनल प्रायवेट लिमिटेड ने 400 करोड़ रुपये के निवेश के साथ भोपाल में एक आई.टी. केम्पस स्थापित करने की इच्छा जाहिर की है।

आई.टी. और खाद्य क्षेत्र की अमेरिका की बड़ी कंपनी में एल.टी. फूड्स और उसके विक्रेताओं, ने भी निवेश की इच्छा जाहिर की।

इंटरनेशनल रिसर्च लेबोरेट्रीज प्राइवेट लिमिटेड, मोतियाबिंद से उत्पन्न होने वाले अंधेपन को समाप्त करने के लिए शुरू किये गये एक ग्लोबल कैंपेन ‘हेल्प मी.सी.’ ने भी प्रदेश में विस्तार करने में रूचि दिखाई।

आर.एम.सी., अमेरिका – आवासीय और व्यावसायिक निर्माण के लिए निर्माण सामग्री की आपूर्ति करती है। यह कंपनी अमेरिका में मिश्रित कांक्रीट, सीमेंट और कांक्रीट के मिश्रित उत्पाद उपलब्ध करवाती है।

सी.आई.एन.एन. ग्रुप निजी कंपनियों का समूह है, जो कि पब्लिशिंग, बीमा, रियल इस्टेट और मनोरंजन के क्षेत्र में कार्य करता है। यह फाउण्डेशन एक प्रमुख कल्चरल फाउण्डेशन है।

अमेरिकन एसोसिएशन आफ फिजीशियन ऑफ इंडियन ओरिजिन ए.ए.पी.आई. ऐसा मंच है जो इंडियन अमेरिकन फिजिशियंस को रोगी की देखभाल, शिक्षण और रिसर्च और प्रोफेशनल और सामुदायिक मामलों से जुड़ी उनकी आवश्यकताओं के लिए सहयोग करता है। ए.ए.पी.आई. रोगी की देखभाल, शिक्षण और रिसर्च के क्षेत्र में उत्कृष्टता लाने के लिए विशेषज्ञता को बढ़ावा देता है।

प्रोग्रेस रेल सर्विसेज कार्पारेशन अल्बर्ट विले और अलबामा में स्थित कंपनी है जो कि अमेरिका, यूरोप, एशिया, अफ्रीका और आस्ट्रेलिया में भी संचालित है। ट्रेक्स से जुड़े कार्य, सिग्नल और कम्युनिकेशन से जुड़े उपकरण और अल्ट्रॉसोनिक उपकरण बनाती है।

अमेरिका-भारत व्यापार परिषद् के साथ बैठक

मुख्यमंत्री से अमेरिका भारत व्यापार परिषद् के अध्यक्ष श्री मुकेश अघी ने मुलाकात की और व्यापार बढ़ाने की भविष्य की रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया। अमेरिका-भारत व्यापार परिषद् दोनों सरकार की सहमति पर बना था। यह परिषद दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों को आगे बढ़ाने वाला प्रमुख व्यापार परामर्श देने वाला संगठन है। यू.एस.आई.बी.सी. अमेरिका का सबसे बड़ा द्विपक्षीय व्यापारिक संगठन है। इसमें अमेरिकन और भारतीय कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल हैं।



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