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गौ भारतीय संस्कृति का अभिन्न भागः बिरला

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि गौ को भारतीय संस्कृति में माता का दर्जा दिया गया है। गौ हमारी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना का अभिन्न भाग है। गौ माता के संरक्षण के लिए समाज में सामूहिक तौर पर प्रयासों का और गति दिए जाने की आवश्यकता है। वे शुक्रवार को बूंदी जिले के गेंडोली गांव में कृष्णा नंदिनी गौशाला के शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

स्पीकर बिरला ने कहा कि भारतीय संस्कृति में प्रकृति के विभिन्न स्वरूपों की पूजा की जाती है। हम पेड़ों, नदियों, अग्नि, धरती सहित विभिन्न प्राकृतिक चीजों की पूजा करते है। इससे प्रकृति के प्रति हमारी सद्भावना और निकट का जुड़ाव बना रहता है। प्रकृति से हमारा यह रिश्ता नया नहीं है। प्राचीन काल से हमारे ग्रंथों और धार्मिक पुस्तकों में प्रकृति के संरक्षण का महत्व बताया गया है। आज पूरी दुनिया भारत के इस विचार को अपना रही है।

उन्होंने कहा कि धर्म हमारे अन्तर्मन का आध्यात्म और सत्य से आलोकित करते हुए जीवनयापन का सही तरीका भी बताता है। इसी चेतना में प्रकृति संरक्षण का संदेश भी छिपा है। यदि हम प्रकृति का संरक्षण करेंगे तो प्रकृति भी मानवजाति को लाभान्वित करेगी। बिरला ने कहा कि वे जब देश के विभिन्न हिस्सों में जाते हैं तो देखते हैं कि गौ संरक्षण के लिए गौशालाओं की स्थापना हो रही है। यह परिवर्तन गौ से हमारे समाज के जुड़ाव के कारण ही देखने को मिल रहा है। समाज में हय चेतना आ रही है कि गौ के प्रति हमारे धार्मिक और आध्यात्मिक दायित्व हैं, जिन्हें समाज के सभी वर्गों को मिलकर पूरा करना चाहिए।

गौशाला स्थापना के लिए सीआर चैधरी और एलेन परिवार का साधुवाद व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि इससे न सिर्फ क्षेत्र में गौवंश कर संरक्षण और संवर्धन होगा, बल्कि प्रकृति को भी संबल मिलेगा। गौपालन से क्षेत्र में रोजगार विकसित होने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। कार्यक्रम को धर्म गुरू माधो सिंह दीवान ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में केशवरायपाटन विधायक चंद्रकांता मेघवाल, बूंदी विधायक अशोक डोगरा, एलेन परिवार के गोविंद माहेश्वरी, राजेश माहेश्वरी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। अंत में गौशाला के संस्थापक सीआर चैधरी ने आभार व्यक्त किया।

इससे पूर्व स्पीकर बिरला ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को विजयदशमी पर्व की शुभकामनाएं भी दीं। उन्होंने कहा कि आज का दिन संकल्प और प्रेरणा का दिन है। भारत में प्रत्येक पर्व हमारा आध्यात्मिक और धामिर्क मागदर्शन भी करते हैं। विजयदशमी का दिन असत्य पर सत्य, हिंसा पर करूणा और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है। जीवन में जो भी सत्य के मार्ग पर चलता है, जीत उसी की होती है। हम भी जीवन में सत्य के मार्ग पर चलें।

गेंडोली गांव जाते समय लोकसभा अध्यक्ष बिरला का आमजन ने स्वागत किया। केशवरायपाटन विधानसभा क्षेत्र के महराना, मायजा, अजेता, जखाना, खटकड़, नैंनवा मोड़ और केशवरायपाटन में लोगों ने बिरला का अभिनंदन किया। इस दौरान उन्होंने बिरला को अपनी समस्याओं की जानकारी भी दी। रास्ते में बिरला ने दो मंदिर में देवी मां की अर्चना भी की
ग्रामीण तय करें गांव के विकास की प्राथमिकताएं

गांव के विकास की आवश्यकताएं जनप्रतिनिधियों से अधिक ग्रामीण समझते हैं। इसलिए यह आवश्यक है कि विकास कार्यों की प्राथमिकताएं भी नेता नहीं बल्कि ग्रामीण स्वयं तय करें। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों में लोकतंत्र को और अधिक सशक्त बनाया जाना आवश्यक है। यह बात लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गुरूवार को प्रबुद्धजन सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही। बूंदी जिले के गेंडोली गांव में स्थित कंचनधाम सेवा संस्थान परिसर में आयोजित कार्यक्रम में बिरला ने कहा कि आज वे जिस भी ग्रामीण क्षेत्र में जाते हैं लोग वहां विकास कार्यों की आवश्यकताओं का आवेदन पत्र दे देते हैं। इनमें से अधिकांश आवेदन एक ही प्रकार के कार्यों के होते हैं। ऐसे में जनप्रतिनिधियों के लिए यह तय करना कठिन हो जाता है कि वे कौन से कार्य को प्राथमिकता दें।

उन्होंने कहा कि सामाजिक कार्यकर्ताओं का यह भी दायित्व है वे आमजन की उनके कार्यों में सहायता करें। सामाजिक कार्यकर्ता गांव में कुपोषित महिलाओं की सूची तैयार करें, वे केसीसी की सुविधा से वंचित किसानों को चिन्हित करें, वे ऐसे व्यक्तियों और परिवारों का पता लगाएं जिनकी सहायता किया जाना बेहद आवश्यक हो, वे ऐसे रोगियों तक पहुंचे जिनका उपचार करवाया जाना आवश्यक हो। इनकी जानकारी फिर हमें उपलब्ध करवाएं ताकि उनकी समस्याओं और परेशानियों को दूर किया जा सके।

इससे पूर्व लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने कंचन धाम में पूजा-अर्चना कर देश की प्रगति और देशवासियों के कल्याण की कामना की। उन्होंने कहा कि धर्म और आध्यात्म के यह केंद्र मानव सेवा की प्रेरणा के भी बड़े स्रोत हैं। कोविड के दौरान हमारी धार्मिक संस्थाओं ने न सिर्फ समाज के प्रत्येक वर्ग की सेवा की बल्कि अन्यों को भी इसके लिए प्रोत्साहित किया।
संतुलित विकास के लिए भेदभाव नहीं हो

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केशवरायपाटन विधायक चंद्रकांता मेघवाल ने कहा कि चुनाव से पहले नेता का दल से संबंध होता है। लेकिन जनप्रतिनिधि बनने के बाद वह किसी दल का नहीं बल्कि सम्पूर्ण क्षेत्र की जनता का प्रतिनिधित्व करता है। ऐसे में यह उसका दायित्व है कि संतुलित विकास के लिए वे किसी के साथ भेदभाव नहीं करे। यही बात सरकारों पर भी लागू होती है। हालांकि, कई बार ऐसा देखने में आता है कि सरकार राजनीतिक दृष्टिकोण रखती है। ऐसे में यदि हमारे क्षेत्र की जनता को किसी परेशानी कर सामना करना पड़ता है तो उसका विरोध करने के लिए भी हम सदैव तत्पर हैं।

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