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कैलाश मानसरोवर यात्रा पर संकट के बादल

पिथौरागढ़। जून महीने से शुरू होने वाली कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए अभी तक केंद्र सरकार की ओर से कोई सकारात्मक संकेत नहीं मिले हैं। अप्रैल में ही व्यवस्था को परखने के लिए लोनिवि, कुमाऊं मंडल विकास निगम और राजस्व विभाग की टीम यात्रा मार्ग पर रेकी के लिए जाती थी। वह रास्ते के अलावा रेस्ट हाउस, बर्फबारी, सहित अन्य दिक्कतों का आकलन भी करती थी। अब मई शुरू हो गया है, लेकिन अभी तक कोई टीम यात्रा मार्ग पर नहीं भेजी जा सकी है। ऐसे में कैलास मानसरोवर की यात्रा स्थगित होने की आशंका को बल मिलने लगा है। 17 मई तक देशव्यापी लॉकडाउन है। इसके बाद यात्रा प्रारंभ होने की तिथि 10 जून तक तैयारी संभव नहीं हो पाएगी। ऐसे में इस बार भक्त कैलाशपति के दर्शनों से वंचित हो सकते हैं।

असल में कैलास मानसरोवर यात्रा जून माह से शुरू होकर सितंबर तक चलती है। यात्रा का प्रारंभ दिल्ली से होता है। पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी वीके जोगदंडे के मुताबिक केंद्र सरकार से कैलास मानसरोवर यात्रा के संबंध में अभी तक किसी तरह के निर्देश नहीं मिले हैं। गाइडलाइन मिलने पर ही तैयारियां शुरू की जाएगी। यात्रा संचालक संस्था कुमाऊं मंडल विकास निगम के महाप्रबंधक अशोक जोशी के मुताबिक कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग को लेकर किसी तरह के दिशा निर्देश नहीं मिले हैं। लॉकडाउन खुलने के बाद भी यात्रा की अचानक तैयारी संभव नहीं है। चीन सीमा तक बन रही सड़क की कटिंग नजंग से लेकर नावीढांग तक पूरी हो चुकी है। बूंदी के पास एक पुल का निर्माण फिलहाल चल रहा है। सड़क कटिंग होने से यात्रियों को परेशानी नहीं रहती, लेकिन इस साल यात्रा का भविष्य ही अधर में है।

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