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दीपक चौऋषिया की पुस्तक कूड़ा धन का विमोचन 6 मार्च को

टीवी पत्रकार व इंडिया न्यूज के प्रमुख संपादक दीपक चौऋषिया की पुस्तक ‘कूड़ा धन’ जल्द ही बाजा़ार में आएगी। किताब का विमोचन 6 मार्च को दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन करेंगी। इस समारोह में विशेष अतिथि के तौर पर नितिन गडकरी और आईटीवी नेटवर्क के प्रमुख कार्तिकेय शर्मा भी मौजूद रहेंगे।

दीपक चौऋषिया का कहना है कि मैंने अपनी पहली किताब पूरी कर ली है। 25 साल लग गए किसी किताब को लॉन्च करने में, लेकिन देर आए दुरुस्त आए। मेरी ये पहली किताब बहुत ही ऑफ बीट है, जिसका नाम है ‘कूड़ा धन’। लोग सोचते हैं कि ये कूड़ा क्या कभी धन बन सकता है। सब्जेक्ट सुनकर लोग थोड़ा अचकचाते हैं पूछते हैं कि ये क्या लिख दिया। लेकिन दिल्ली पर जब दो बार संकट आया, दिल्ली के लिए सांस लेना दूभर हो गया, इस दौरान मेरे दो छोटे-2 बच्चे खेलने नहीं जा पाते थे, स्कूल बंद हो गए थे, एयर पॉल्यूशन लगाने के बाद भी एयर क्वॉलिटी सही नहीं रहती थी। इस संघर्ष के दौरान मैंने ये देखा कि क्या दुनिया में ऐसी टेक्नोलॉजी उपलब्ध है कि कूड़े को मनी में बदल सकें, तो मुझे पता लगा कि ये टेक्नोलॉजी तो भारत में ही है।

उन्होंने कहा कि कैसे वेस्ट से वेल्थ क्रिएट हो सकती है, ये भारत के सुनहरे भविष्य के लिए बहुत जरूरी है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से इस विषय पर काफी प्रभावित दिखने वाले दीपक कहते हैं कि पॉलीथीन जो इस देश की बहुत बड़ी समस्या है, उसका प्रयोग अगर सड़क निर्माण में किया जाता है, तो सड़क काफी मजबूत बनती है। वे कहते हैं कि नागपुर मं सीवर का पानी बायोफ्यूल में कंवर्ट होता है, कैसे इथनॉल से फ्यूल बन रहा है, पराली से इथनॉल आसानी से बन सकता है। ऐसी ही जानकारियों से परिपूर्ण है ये किताब। वे बताते हैं कि इस किताब को लिखने के दौरान उन्होंने न सिर्फ खूब रिसर्च की, बल्कि कई लोगों से मुलाकात की। ऐसे में कई ऐसे उदाहरण इस किताब में है, जिसे पढ़ने के बाद आप जाए पाएंगे कि वेस्ट कैसे वेल्थ बन सकता है। करीब दस चैप्टर वाली इस किताब का प्रिफेस लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने लिखते हुए बताया है कि कैसे उनके समय में उनके गृहनगर में वे लोग वेस्ट से वैल्यू निकालते थे। एक अनुमान के मुताबिक, अगर देश में इस तरह के प्रयोग शुरू हो जाएंगे तो ये अर्थव्यवस्था के लिहाज से सालाना करीब पांच लाख करोड़ के आकंड़े तक पहुंच सकता है।

किताब को लॉन्च करना मेरा छोटा सा प्रयास है और इसके पीछे मेरी मंशा पैसे कमाने की बिलकुल नहीं है। किताब के जरिए मुझे जो भी पैसे मिलेंगे, वो अपने शहर की नगर पालिका को दे दूंगा।

उन्होंने बताया कि मैंने किताब में कई आइडियाज दिए हैं, जिन्हें आप सीख सकते हैं। जैसे प्लास्टिक से पेट्रोल कैसे निकाल जा सकता है, पराई से बॉयोगैस कैसे बनाई जा सकती है, सीवर के पानी को पॉवर प्लान्ट में कैसे बेचा जा सकता है, गंगा को कैसे साफ करने का अभियान चलाया जा सकता है, इत्यादि।

उन्होंने खुले मंच से सभी को अपने कार्यक्रम में आमंत्रित भी किया।



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