ताजा सामाचार

आप यहाँ है :

संवाद काे नकारती कैथोलिक बिशप कॉन्फ्रेंस

आर.एल. फ्रांसिस ने कैथोलिक बिशप कॉन्फ्रेंस ऑफ इंडिया (सीबीसीआई) द्वारा अपनाए गए इस रवैये काे बेहद घिनौना, शर्मनाक एवं तानाशाही वाला करार दिया है। फ्रांसिस ने कहा कि चर्च नेता अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की बात करते हैं, लेकिन हकीकत में वह हर उस आवाज़ का गला घाेंट देना चाहते हैं जो उनके तानाशाही वाली व्यवस्था काे चुनाैती देती हाे। ऐसे लोगों, समूहों या संगठनों से वार्तालाप करने से भागते हैं तांकि उनके लूज पोल सामने न आ सके।

पुअर क्रिश्चियन लिबरेशन मूवमेंट के अध्यक्ष आर.एल. फ्रांसिस ने 21 जनवरी 2019 काे कैथोलिक बिशप कॉन्फ्रेंस ऑफ इंडिया (सीबीसीआई) के अध्यक्ष आर्कबिशप फिलिप नेरी फेर्राओ काे एक पत्र स्पीड पोस्ट (ED2505739341N) के द्वारा भेजा था, जाे 22 जनवरी को उनके मुख्यालय पहुंचा, लेकिन दुखद और शर्मनाक यह कि बिशप कॉन्फ्रेंस मुख्यालय ने पत्र लेने से इंकार कर दिया, भारतीय डाक सेवा से वह पत्र 29 जनवरी को वापिस आ गया। पत्र में केरल की चार ननों के तबादले का मुद्दा उठाया गया था।

आर.एल. फ्रांसिस ने कैथोलिक बिशप कॉन्फ्रेंस ऑफ इंडिया (सीबीसीआई) द्वारा अपनाए गए इस रवैये काे बेहद घिनौना,शर्मनाक एवं तानाशाही वाला करार दिया है। फ्रांसिस ने कहा कि चर्च नेता अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की बात करते हैं, लेकिन हकीकत में वह हर उस आवाज़ का गला घाेंट देना चाहते हैं जो उनके तानाशाही वाली व्यवस्था काे चुनाैती देती हाे। ऐसे लोगों, समूहों या संगठनों से वार्तालाप करने से भागते हैं तांकि उनके लूज पोल सामने न आ सके।

फ्रांसिस ने सीबीसीआई को लिखे अपने पत्र में दुष्कर्म के आरोपी बिशप फ्रैंको मुलक्कल की गिरफ्तारी की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन में भाग लेने वाली चार ननों के तबादले काे राेकने की मांग की थी। मूवमेंट के अध्यक्ष आर.एल. फ्रांसिस ने बिशप कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष आर्कबिशप फिलिप नेरी फेर्राओ काे लिखे अपने पत्र में मांग की थी कि इस मामले में सुनवाई खत्म होने तक उनके स्थानांतरण के आदेश प्रभावी नहीं हों।

अपने पत्र में फ्रांसिस ने कहा था कि इस पूरे मामले में कैथोलिक चर्च की मूक भूमिका ने उसके नेतृत्व पर आम भारतीयाें के मन में कई सवाल खड़े किए हैं। वर्तमान समय में जब मामला न्यायालय में विचाराधीन है, आैर उस पर न्यायालय का फैसला आने तक इन ननाें के स्थानांतरण पर सीबीसीआई को आगे बढ़ कर खुद राेक लगानी चाहिए।

फ्रांसिस ने कहा था कि हम पहले भी ऐसे तबादलों के परिणाम देख चुके है, जिसका एकमात्र उद्देश्य पीड़ित काे दुर्बल करना, उसे अपमानित करना और उसके मनाेबल काे ताेड़ना ही हाेता है।

आर.एल. फ्रांसिस
Ph. 9810108046



Leave a Reply
 

Your email address will not be published. Required fields are marked (*)

You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <s> <strike> <strong>

सम्बंधित लेख
 

Back to Top