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इन पुस्तकों के स्वाध्याय से अपने ज्ञान के खजाने को पहचानें

मुझे व्यक्तिगत रूप से अनेक मित्रों ने सोशल मीडिया के माध्यम से नव-वर्ष की बधाई दी और पूछा कि इस वर्ष आप क्या विशेष करने वाले है? ।वैसे मेरी श्रद्धा तो 2 अप्रैल को आने वाले विक्रमी नववर्ष में हैं। परन्तु अंग्रेजी कैलेंडर इतना प्रचलित हो गया है कि इसके विरोध करने के स्थान पर में इस अवसर पर सकारात्मक सन्देश देना मैं उचित समझता हूँ। वह सन्देश है स्वाध्याय का सन्देश। इस 2022 नववर्ष में आप सभी मित्र भिन्न भिन्न विषयों की 15 वैदिक पुस्तकों के स्वाध्याय का संकल्प लीजिये। इन सभी पुस्तकों के स्वाध्याय से मेरे जीवन पर व्यापक प्रभाव छोड़ा हैं। वैसे तो सभी वैदिक पुस्तकों की अपनी अपनी महत्ता है परन्तु कुछ पुस्तकें मुझे विशेष प्रिय हैं। ये पुस्तकें इस प्रकार हैं।

१ . सत्यार्थ प्रकाश- स्वामी दयानन्द – 19वीं शताब्दी में रचित पुस्तक समाज में नवचेतना लाने का एक ऐसा प्रेरणादायक ग्रन्थ है जो सोती हिन्दू जाति को जगाने में सक्षम हैं। इस ग्रन्थ को पढ़े बिना हिन्दू समाज की मानसिक, आध्यात्मिक, शारीरिक, संगठनात्मक कमजोरियों को दूर करना असंभव हैं।

२. ऋग्वेदादिभाष्य भूमिका- स्वामी दयानन्द- वेदों के विषय वस्तु, पश्चिमी और सायण आदि आचार्यों ने वेद भाष्य में क्या गलत किया आदि विषयों को जानने के लिए यह ग्रन्थ अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

३. वैदिक विनय- आचार्य अभयदेव जी- इस पुस्तक में प्रतिदिन स्वाध्याय के लिए वेदों के 365 मन्त्रों की मनमोहक आध्यात्मिक व्याख्या है। जो हर आरम्भिक पाठक में वेदों के प्रति अगाध श्रद्धा को जन्म देती हैं।

४. वेद प्रवचन- पंडित गंगाप्रसाद उपाध्याय- इस पुस्तक में वेदों के मन्त्रों की उपदेशात्मक व्याख्या है जो हर पाठक को आध्यात्मिक प्रवचन करने की शैली से परिचित करवाती हैं।

५. इस्लाम के दीपक- पंडित गंगाप्रसाद उपाध्याय- यह पुस्तक इस्लाम के सिद्धांतों की तर्कपूर्ण समीक्षा है जो वैदिक धर्म की इस्लाम पर श्रेष्ठता को सिद्ध करती हैं।

६. चौदहवीं का चाँद- पंडित चमूपति- यह महान ग्रन्थ क़ुरान की मान्यताओं को वेद की रोशनी में समीक्षात्मक रूप से समझने का एक अपूर्व ग्रन्थ हैं।

७. स्वामी दयानन्द चरित -पंडित देवेन्द्रनाथ उपाध्याय- यह ग्रन्थ स्वामी दयानन्द के जीवन चरित्र का न केवल विस्तृत परिचय देता हैं अपितु उसके माध्यम से हमें ऋषिवर के पथ का पथिक बनने की प्रेरणा भी देता हैं।

८. श्री मददयानन्द प्रकाश- स्वामी सत्यानंद -स्वामी दयानन्द की जीवनी पुस्तक की मीठी भाषा मन ही मन स्वामी दयानन्द के प्रति अगाध श्रद्धा को उत्पन्न करती हैं।

९. वेदों का यथार्थ स्वरुप- पंडित धर्मदेव विद्यामार्तण्ड- वेदों के विषय में भ्रांतियों का प्रभावशाली रूप से इस पुस्तक में निवारण किया गया है।

१०. धर्म का आदि स्रोत्र- पंडित गंगाप्रसाद चीफ जस्टिस- इस पुस्तक में वेद, इस्लाम, बुद्ध, पारसी मत के सिद्धांतों की तुलनात्मक समीक्षा दी गई है।

११. हिन्दू संगठन- स्वामी श्रद्धानन्द- इस पुस्तक में हिन्दुओं को संगठित होने की प्रेरणा दी गई है। पिछले 1200 वर्षों में इस्लामिक और ईसाई शासन काल में हिन्दुओं पर हुए अत्याचार का विवरण दिया गया हैं।

१२. मुग़ल साम्राज्य का क्षय और उसका कारण – पंडित इन्द्र विद्यावाचस्पति- इस पुस्तक में भारत में मुग़लकाल के उत्थान और पतन की ऐतिहासिक जानकारी है। अकबर से लेकर औरंगज़ेब के अत्याचारों की कहानी है।

१३. गंगा ज्ञान सागर ग्रंथमाला-पंडित गंगा प्रसाद उपाध्याय- इन चार पुस्तकों में आर्यसमाज के सिद्धांतों, इतिहास, मान्यताओं की सुन्दर एवं प्रभावशाली भाषा में जानकारी दी गई हैं।

१४. दर्शननान्द ग्रन्थ संग्रह- स्वामी दर्शननान्द के लिखे लघु ट्रैक्ट वैदिक सिद्धांतों की अपूर्व जानकारी देते हैं।

१५. शंका समाधान- मदन रहेजा- इस पुस्तक में बड़े ही सुन्दर रूप में प्रारंभिक पाठकों के लिए शंका-समाधान के रूप में वैदिक सिद्धांतों का विवरण दिया गया हैं।

आशा करता हूँ आप अपने जीवन में स्वाध्याय द्वारा वैदिक विचारधारा का प्रवेश इस वर्ष करेंगे। आप स्वयं इनका स्वाध्याय कीजिये। अपने रिश्तेदारों, मित्रों आदि में किसी युवक को भी आप प्रेरणा दे सकते है। सभी पुस्तकों की प्राप्ति के लिए [email protected] पर इमेल करें

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#डॉ_विवेक_आर्य

#SwadhyayaVarsh2022

(डॉ.विवेक आर्य आर्यसमाजसे लेकर राष्ट्रीय व अध्यात्मिक विषयों पर लिखते हैं।

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