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मानसिक स्वास्थ्य को लेकर विचार विमर्श

कोटा। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर अग्रवाल न्यूरो साइकाइट्री सेंटर एवं रोटरी क्लब कोटा नॉर्थ के संयुक्त तत्वावधान में होटल मेनाल में मल्टी डिस्ट्रिक्ट मीट का आयोजन किया गया। इस दौरान मीट की थीम “मानसिक स्वास्थ्य को सभी के कल्याण के लिए वैश्विक स्तर पर प्राथमिकता दें” रही। इस दौरान व्यापक रूप से मानसिक स्वास्थ्य पर जानकारी देने के साथ, पावर प्वाइंट प्रस्तुतिकरण, शंका समाधान और क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।

मीट का शुभारंभ मुख्य अतिथि पोक्सो कोर्ट के सेशन जज दीपक दुबे एवम विशिष्ठ अतिथि प्राधिकरण के सचिव अपर जिला सेशन जज प्रवीण कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया। अध्यक्षता अग्रवाल न्यूरो साइकेक्ट्रिक सेंटर के निदेशक मानसिक स्वास्थ्य चिकित्सक एवम रोटेरियन डॉ. एमएल अग्रवाल ने की। रोटरी क्लब के प्रांतपाल बलवंत सिंह चिरानिया व राजेश चूरा भी मंच पर उपस्थित रहे।

डॉ. एमएल अग्रवाल ने कहा कि जूता सुंघाने से कभी मिर्गी ठीक नहीं होती है। उन्होंने बुजुर्गों में तनाव पर चर्चा करते हुए कहा कि अकेलेपन के कारण बुजुर्गों में तनाव होने लगता है। वहीं वृद्धाश्रम में भी आत्मसमान नहीं मिल पाता है। इस क्षेत्र में 547 एनजीओ काम कर रहे हैं, लेकिन स्थितियां ठीक नहीं है। जबकि आज ऐसे वृद्धाश्रम बनाने की जरूरत है जहां बुजुर्गों को आत्मसम्मान भी मिले। बुजुर्ग इन आश्रम में फाइनेंसियल सपोर्ट भी कर सकते हैं और सर्विस भी दे सकते हैं। यूनिसेफ की 2021 की एक रिपोर्ट के अनुसार देश में तकरीबन 14 फीसदी बच्चे भी अवसाद में जी रहे हैं।

उन्होंने ने कहा कि मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य एक दूसरे के पूरक हैं, इसमें से एक में भी होने वाली समस्या का असर दूसरे की सेहत को भी प्रभावित कर सकती है। अध्ययनों में कई प्रकार की गंभीर और क्रोनिक बीमारियों जैसे हृदय रोग, उच्च रक्तचाप आदि के लिए भी तनाव-चिंता जैसी मानसिक स्वास्थ्य विकारों को एक कारण माना गया है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, शरीर को तभी सेहतमंद और फिट रखा जा सकता है जब आप मानसिक तौर पर पूरी तरह से स्वस्थ होंगे।

डॉ. अविनाश बंसल ने कहा कि आत्महत्या करने वाला मरना नहीं चाहता बल्कि वह लक्षण दिखा रहा होता है कि उसे कुछ समस्या है। बच्चे को सही दिशा मिले तो वह ओबामा बन जाता है, नहीं तो ओसामा भी बन सकता है। उन्होंने कहा कि कोविड ने हमें सिखाया है कि व्यक्तिगत मिलने का भी महत्व होता है। अध्ययनों में पाया गया है कि कोविड-19 महामारी के बाद से मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं में आश्चर्यजनक रूप से उछाल आया है। कम उम्र के लोगों में तनाव-चिंता और गंभीर स्थितियों में अवसाद की समस्या देखी जा रही है। महामारी ने मनोवैज्ञानिक तौर पर लोगों की सेहत को नकारात्मक रूप से प्रभावित किया है। कोविड-19 के बाद बढ़े हृदय रोग और हार्ट अटैक के मामलों के लिए भी तनाव-चिंता को प्रमुख कारक के तौर पर देखा जा रहा है। मानसिक स्वास्थ्य के बारे में वैश्विक स्तर पर लोगों को शिक्षित-जागरूकता करने और सामाजिक कलंक की भावना को दूर करने के लिए हर साल 10 अक्टूबर को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है।

डॉ. जूझर अली ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य आज वैश्विक समस्या का रूप धारण कर चुका है। इसमें सबसे अधिक दिक्कत यह सामने आ रही है कि मानसिक अस्वस्थता से जूझ रहे 85 प्रतिशत लोग इलाज को आगे ही नहीं आते हैं। उन्हें तो यह तक पता नहीं होता है कि वह मानसिक अस्वस्थता के दौर से गुजर रहे हैं । इनमें से खासकर वह लोग आगे नहीं आते हैं जो मादक पदार्थों के सेवन से जुड़े विकारों से ग्रसित हैं। उन्होंने कहा कि मानसिक समस्याओं के बोझ का अंदाज़ा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार वर्ष 2019 में कोविड महामारी से पहले विश्व में आठ में से एक व्यक्ति मानसिक विकारों से ग्रसित है। कोविड के ठीक एक साल बाद इस संख्या में 25% का इजाफा हुआ है। इससे अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि स्थिति बेहद गंभीर है।

डॉ. अरुणा अग्रवाल ने कहा कि महिलाओं के जीवन में अनेक पड़ाव आते हैं। जब उसके व्यवहार में बदलाव आता है। महिलाओं में हारमोनल परिवर्तन भी व्यावहारिक परिवर्तन के कारण बन सकते हैं। महिलाएं खुद का ध्यान रखेंगी तो सबका ध्यान रख पाएंगी। उन्होंने कहा कि बच्चे या महिला के व्यवहार में बदलाव अधिक समय तक दिखे तो यह मानसिक स्वास्थ्य के लिए घातक हो सकता है। शुरूआती दौर में समस्या का निदान ज्यादा आसान होता है। जानकारी का अभाव, शर्म, हिचक, डर और सामाजिक बहिष्कार जैसी सोच के साथ ही ऐसे मरीजों में घर-परिवार द्वारा देखभाल में कमी होना इसके प्रमुख कारण हैं।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्तर पर मीडिया के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य जागरुकता के लिए डॉ.प्रभात कुमार सिंघल , समाजसेवी चंद्रसिंह, आरसी गुप्ता, डॉ. गिरधर, मीडिया समन्वयक सुधींद्र गौड़ आदि को सम्मानित किया गया। इस दौरान रोटरी क्लब के उप प्रांतपाल अमित सिंघल, गौरव सूद, राजेश, एवं अन्य रोटेरियन सहित विभिन्न जिलों से आए प्रतिनिधि, विभिन्न समाजसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी से प्रशन पूछे गए एवं उत्तर देने वालों को पुरस्कृत किया गया।

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