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राष्ट्रसंत आचार्य विद्यासागर जी से डॉ. जैन ने शोध ग्रन्थ भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया

राजनांदगांव। राष्ट्र संत आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज को संस्कारधानी के सतत सृजनशील प्रेरक वक्ता और दिग्विजय कालेज के हिंदी विभाग के प्राध्यापक डॉ.चंद्रकुमार जैन ने अपना बहुप्रशंसित शोध ग्रन्थ और साहित्य भेंट करने का विशेष सौभाग्य प्राप्त किया। अटल बिहारी वाजपेयी हिन्दी विश्वविद्यालय, भोपाल द्वारा आयोजित तीन दिवसीय मूकमाटी राष्ट्रीय संगोष्ठी के समापन प्रसंग पर भोपाल में अनेक विश्वविद्यालयों के कुलपति, विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के प्राध्यापक, संस्कृति चिंतक, दर्शन वेत्ता, वरिष्ठ प्रशासकीय अधिकारी और अति विशिष्ट जन प्रतिनिधियों सहित विदेशों के विद्वान व हजारों श्रोताओं की उपस्थिति में डॉ. जैन ने कृतियाँ समर्पित करते हुए मूकमाटी के महासर्जक आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज का प्रसन्न भाव से आशीर्वाद प्राप्त किया।

उल्लेखनीय है कि मूकमाटी महामंथन में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, रक्षा मंत्री श्री मनोहर पार्रिकर, मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह ने भी पहुंचकर अपनी शुभकामना दी। आयोजन में अपनी प्रभावी सहभागिता की अगल पहचान बनाकर डॉ.चंद्रकुमार जैन ने आयोजकों और अभ्यागतों को भावविभोर कर दिया। इस आयोजन ने किसी एक साहित्यिक काव्य कृति पर एकाग्र देश के सबसे बड़े साहित्यिक आयोजन के रूप में रिकार्ड दर्ज कर दिया। डॉ.चंद्रकुमार जैन ने पूरे आयोजन के लक्ष्य, उसके सार और संभावनाओं को समर्थ शब्दों में वाणी दी। डॉ. जैन ने उक्त अवसर पर देश के धुरंधर साहित्यकारों को भी अपनी कृति भेंट की। अनेक नव लेखकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मार्गदर्शन की अपेक्षा के साथ डॉ चंद्रकुमार जैन को कई शहरों में आमंत्रित किया और उनका आभार माना।

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