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गांधी और शांति अध्ययन में डॉ. चंद्रकुमार जैन को मिली प्रावीण्यता के साथ विशिष्ट उपलब्धि

राजनांदगांव। शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय के हिंदी विभाग के प्राध्यापक डॉ. चंद्रकुमार जैन ने महात्मा गांधी और शांति अध्ययन ( एमजीपीएस ) में विशेष योग्यता और प्रावीण्यता अर्जित कर सतत ज्ञान आराधना का नायाब उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्हें मुक्त शिक्षा के लिए विख्यात भारत के गौरव और दुनिया के सबसे बड़े विश्वविद्यालय इग्नू के इस प्रतिष्ठापूर्ण कोर्स के सभी सोलह परचों में विशेष योग्यता व प्रावीण्यता के साथ शानदार सफलता मिली है। महात्मा गांधी पर अति विशिष्ट अध्ययन में डॉ. जैन ने यह कामयाबी तब हासिल की है जब पूरे देश में गांधी जी की 150 वीं जयन्ती धूमधाम से मनाने की तैयारियां चल रही हैं।

अपना कर्तव्य और बहुआयामी रचनात्मक गतिविधियों में पूरी लगन के साथ संलग्न रहते हुए बगैर कोई अवकाश लिए डॉ. जैन ने यह उपलब्धि प्राप्त कर साबित कर दिखाया है कि जहां चाह है वहां राह होती है। गौरतलब है कि डॉ. जैन अब तक दस प्रामाणिक उपाधियों के अधिकारी बन गए हैं। इनमें से आठ पंडित रविशंकर विश्वविद्यालय और दो भारत सरकार के नियंत्रण के बड़े संस्थानों की उपाधियाँ शामिल हैं।

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति सम्मानित, राजकीय अलंकार से विभूषित अलर्ट ग्रुप ऑफ इण्डिया सहित अन्य दर्जनभर संस्थाओं से पुरस्कृत डॉ. चंद्रकुमार जैन ने सार्थक पढ़ने, लिखने और बोलने के साथ-साथ, प्रभावी शिक्षण-प्रशिक्षण ततः समाजकार्य को अपना मिशन मानकर विगत तीन दशक में अनेक नए मानदंड स्थापित किये हैं। विश्व स्तरीय महत्ता के कोर्स एमजीपीएस में उन्होंने महात्मा गांधी की जीवनी, दर्शन, उनके सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक चिंतन, अहिंसा के शांतिपूर्ण आंदोलन, इक्कीसवीं सदी में गांधी, गांधी और धारणीय विकास, संघर्ष समाधान, प्रबंधन और व्यवस्था रूपांतरण, स्वराज और सुराज, मानव सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा, महिलाएं और शांति, सिविल सोसायटी, एनजीओ, मानव अधिकार सहित शोध के आयामों पर पूरे मन से गहन अध्ययन किया और उच्च स्तरीय परिणाम के हकदार बन गए।

दुर्लभ संयोग ही कहा जायेगा कि हिंदी साहित्य के प्रोफ़ेसर डॉ, चंद्रकुमार जैन विज्ञान और क़ानून के स्नातक और हिंदी के साथ-साथ अंग्रेजी, समाजशास्त्र, दर्शनशास्त्र और लोक प्रशासन में भी पीजी डिग्री धारक हैं। सूचना के अधिकार में उन्होंने ख़ास कोर्स किया है। कई सामाजिक, सृजनात्मक क्षेत्रों के रिसोर्स पर्सन भी हैं। उन्हें भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अधीन कार्यरत केंद्रीय हिंदी निदेशालय के विषय विशेषज्ञ और संसाधन पुरुष होने का गौरव भी प्राप्त है। दिग्विजय कालेज के प्राचार्य डॉ. आर.एन.सिंह, मातृ संस्था के मित्रों सहित, शिक्षा और सृजन के क्षेत्र से जुड़े सुधी जनों ने डॉ. चंद्रकुमार जैन को सतत सारस्वत उपलब्धियों के लिए बधाई दी है।

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