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डॉ. विजय कुमार भार्गव को वैश्विक हिंदी सेवा सम्मान

मुंबई। मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में डॉ. विजय कुमार भार्गव को वैश्विक हिंदी सेवा सम्मान प्रदान किया जाएगा। डॉ. विजय कुमार का जन्म 1935 में हुआ। 1956 में एम.एस.सी की उपाधि अर्जित कर डॉ . विजय कुमार ने सन् 1956 से 1961 तक राजस्थान सरकार के बहुउद्देशीय हायर सेकेन्डरी स्कूल में वरिष्ठ वरिष्ठ वैज्ञानिक शिक्षक के पद पर कार्य किया और मार्च 1961 में भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र के विकिरण संरक्षण प्रभाग में प्रवेश किया। परमाणु ऊर्जा विभाग द्वारा अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेन्सी की छात्रवृति पर न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय भेजे गए। वहां से सभी विषयों में ए ग्रेड लेकर एमई की उपाधि अर्जित कर 1970 में भारत लौटे। अमरीका प्रवास ने भार्गव की सोच को बदल दिया और राष्ट्र के संसाधनों से जुड़े शेाध के लिए मौलिक चिंतन, देश के लगाव की द्रष्टि से स्वभाषा का महत्व और अपना लक्ष्य स्पष्ट परिलक्षित होने लगा। धर्मपत्नी के सहयोग से परमाणु ऊर्जा ज्ञान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए आपने हिन्दी भाषा में अनेक संगोष्ठियॉ कीं, 40 बड़े – बड़े चार्ट बनाए और संगोष्ठियों में प्रदर्शित किए,

परमाणु ऊर्जा शेाध ग्रंथ द्विभाषिक प्रस्तुत किया जिसके लिए परमाणु ऊर्जा के तत्कालीन अध्यक्ष डॉ. चिदम्बरम द्वारा सम्मानित किए गए। सन् 1995 में अवकाश प्राप्त करने के बाद भारतीय भाषा प्रतिष्ठापन राष्ट्रीय परिषद की स्थापना की और हिन्दी के प्रचार-प्रसार में लगे रहे। सम्प्रति दृष्टिहीनों के लिए हिन्दी ब्रेल में प्रकाशित विज्ञान पत्रिका का सम्पादन किया। अब इस आयु में राष्ट्र और राष्ट्रभाषा – प्रेम से ओत-प्रोत हो कर हिन्दी में वैज्ञानिक पुस्तकें लिख रहें हैं। ‘क्षः किरण एवं नाभिकीय विकिरण द्वारा चिकित्सा‘, ‘एटम की कहानी’, ‘पर्यावरण एवम् विकिरण‘,ʽआध्यात्मिक चिंतन का वैज्ञानिक दृष्टिकोण‘ लिख चुके हैं एवं अब ʽवेद और विज्ञान‘ पर लिखा हैं। ‘क्षः किरण एवं नाभिकीय विकिरण द्वारा चिकित्सा पर पुस्तक प्रकाशित हो चुकी है। विज्ञान के विद्यार्थियों के लिए सरल हिंदी में लिखित ये मौलिक पुस्तकें अत्यंत उपयोगी हैं।

डॉ. विजय कुमार भार्गव, वरिष्ठ वैज्ञानिक (सेवा निवृत्त), भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र को, उनके आजीवन हिंदी – प्रतिष्ठापन के कार्य और परमाणु ऊर्जा जैसे अति विशिष्ट वैज्ञानिक विषय को हिंदी में प्रतिपादित करने में महत्वपूर्ण योगदान के लिए उन्हें 11 जनवरी 2019 शनिवार को ‘वैश्विक हिंदी सम्मेलन’ द्वारा ‘वैश्विक हिंदी सेवा सम्मान’ से विभूषित किया जाता है।

डॉ. विजय कुमार भार्गव का संपर्क – [email protected]
डॉ.एम.एल.गुप्ता ( मोतीलाल गुप्ता) आदित्य
निदेशक, वैश्विक हिंदी सम्मेलन

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