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संयम स्वर्ण महोत्सव का प्रभावी संचालन कर सम्मानित हुए डॉ. चन्द्रकुमार जैन

राजनांदगांव। चंद्रगिरि तीर्थ स्थल डोंगरगढ़ में राष्ट्रसंत आचार्य विद्यासागर जी महाराज के संयम स्वर्ण महोत्सव के शुभारम्भ समारोह का प्रेरक व प्रभावशाली संचालन कर दिग्विजय कालेज के हिंदी विभाग के राष्ट्रपति सम्मानित प्रोफ़ेसर डॉ. चन्द्रकुमार जैन ने समां बाँध दिया। उन्होंने अपनी धाराप्रवाह उद्घोषणा, प्रासंगिक टिप्पणियों तथा काव्यमय अभिव्यक्ति की अमिट छाप छोड़ी। बड़ी संख्या में लोग अपने अंदाज़ के इस ऐतिहासिकआयोजन के साक्षी बने।

तीन दिवसीय महोत्सव के शुभारम्भ समारोह के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और केंद्रीय कौशल विकास राज्य मंत्री श्री राजीव प्रताप रूढ़ी थे। विशिष्ट अतिथि छत्तीसगढ़ विधानसभाअध्यक्ष श्री गौरीशंकर अग्रवाल, बीस सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति के उपाध्यक्ष श्री खूबचंद पारख, डोंगरगढ़ की विधायक श्रीमती सरोजनी बंजारे, विधायक श्री भोलाराम साहू, छत्तीसगढ़ राज्य निःशक्तजन कल्याण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती सरला जैन आदि उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के मूकमाटी महाकाव्य पर प्रथम पंक्ति में डॉक्टरेट कर देश-विदेश में प्रशंसित डॉ. चंद्रकुमार जैन ने महोत्सव में, आचार्य श्री के पचास ग्रंथों के नवीन संस्करण के अलावा उन पर लिखी गयीं दर्जन भर कृतियों के विमोचन और लोकार्पण,सर्वहारा वर्ग के हितग्राहियों को हथकरघा यूनिट वितरण सहित कार्यक्रम की चुनिंदा सांस्कृतिक और मानव सेवा भावी कड़ियों को सधे हुए अंदाज़ में प्रस्तुत किया। साथ ही डॉ. जैन ने अपनी लोकप्रिय शैली में आचार्य श्री के व्यक्तित्व और कृतित्व तथा उनकी कठिन साधना का भावपूर्ण शब्दों में परिचय दिया, जिसे सुनकर लोग अभिभूत हो गए। दूसरी तरफ दुनिया भर में आयोजन का के जीवंत प्रसारण को लोगों ने देखा।

एक महान संत कवि के व्यापक सरोकारों को सुनकर लगातार हर्षध्वनि और जयकारे से आयोजन स्थल में बनाये गए भव्य पांच डोम गूंजते रहे। गौरतलब है कि डॉ. चंद्रकुमार जैन द्वारा भोपाल में अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय के तत्वावधान में मूकमाटी पर केंद्रित आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का भी सफल संचालन भी मील का पत्थर सिद्ध हुआ था। आयोजन समिति और चंद्रगिरि ट्रस्ट के कर्मठ और समर्पित पदाधिकारियों ने डॉ. चन्द्रकुमार जैन की विशिष्ट उपलब्धियों और सेवाओं के लिए उनका भावभीना सम्मान किया। डॉ. जैन ने ऐसे गरिमामय और महिमामय प्रसंग में दिए गए विशिष्ट दायित्व को सौभाग्य मानते हुए संयम स्वर्ण महोत्सव समिति को अपनी शुभ कामना दी।



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