आप यहाँ है :

एस्सेल की 90 साल की यात्रा का उत्सव एक मिसाल बना

एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन और राज्यसभा सांसद डॉ. सुभाष चंद्रा समाजिक कार्यों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं और इसी के तहत उन्होंने एस्सेल ग्रुप की संपत्ति का एक हिस्सा डीएससी फाउंडेशन को देने का वादा किया। .डॉ. सुभाष चंद्रा ने कहा कि व्यापार में फायदे के साथ-साथ देश का भी फायदा होना चाहिए और कारोबार के साथ जमीनी स्तर पर सामाजिक, राजनीतिक चेतना भी जरूरी है. डॉ. चंद्रा ने यह बातें एस्सेल ग्रुप की 90वीं वर्षगांठ के मौके पर आयोजित समारोह में कहीं. इसी कड़ी में उन्होंने अपने चारों भाइयों के साथ 5000 करोड़ रुपए डीएससी फाउंडेशन को प्रदान किए। साथ ही डॉ. चंद्रा ने अपने अंग्रेजी न्यूज चैनल WION को देश को समर्पित किया।

डॉ. चंद्रा ने कहा, ‘सेना की महिलाओं को सम्मान दिलाने के लिए प्रचार हम अपनी मीडिया के माध्यम से करेंगे। इसके अलावा हमारा सपना लोगों को सस्ता घर दिलाने का भी है। इस दिशा में हमने ‘आशा 2022’ प्रोजेक्ट शुरू किया है। ‘आशा 2022’ के तहत गरीबों को सस्ता घर देने का लक्ष्य रखा गया है।’ डॉ. चंद्रा ने कहा कि हम स्वच्छ भारत अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं और इसके अलावा बिजली चोरी रोकने की दिशा में काम किया गया है।

डॉ. चंद्रा ने कहा कि कारोबार जगत में सफलता उन्हें अपने स्वर्गीय दादा जी के मार्गदर्शन से मिली है। उन्होंने बताया कि लोगों के आशीर्वाद के चलते हमने कामयाबी हासिल की। डॉ. चंद्रा ने व्यस्तता के बावजूद इस समारोह के लिए समय देने के लिए पीएम मोदी और राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का धन्यवाद दिया। डॉ. चंद्रा ने इस मौके पर ‘आर्मी बिहाइंड द आर्मी’, ‘सारथी’ और ‘डीएससी फाउंडेशन’ जैसी नई पहलों की शुरुआत भी की।

इस अवसर पर प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘आज का अवसर एस्सेल समूह से जुड़ा है लेकिन साथ ही यह हमारे समाज के मूल्यों से भी जुड़ा है. हमारे समाज में पारिवारिक मूल्यों को बहुत ज्यादा अहमियत दी जाती है. इस बात को यह परिवार चरितार्थ करता है. परिवार बहुत मजबूत संस्था होती है.’ प्रधानमंत्री ने कहा कि एस्सेल ग्रुप हमेशा कुछ नया करने की सोचता है. एस्सेल समूह के पास कठिन परिस्थितियों को अनुकूल बनाने की क्षमता है. पीएम ने कहा कि एस्सेल समूह का कारोबार बहुत बड़ा है. इस समूह का कारोबार सॉयल से लेकर सैटेलाइट तक फैला है. पीएम मोदी ने सारथी अभियान, एकल विद्यालय, डीएससी फाउंडेशन की विशेष रूप से चर्चा की. प्रधानमंत्री ने कहा कि यह समय वेस्ट को वेल्थ के रूप में बदलने का है. सारथी अभियान अपने आप में एक साथी भी है.

श्री मोदी ने डॉ. चंद्रा की प्रशंसा करते हुए कहा कि डॉ. चंद्रा ने खुद को सामाजिक उद्यमी के रूप में पेश किया है. जिस कार्यों में एस्सेल ग्रुप ने रुचि दिखायी है उन्हें उम्मीद है कि वह उसमें जरूर सफल होगा.

डॉ. चंद्रा के परिवार से अपने नाते को याद करते हुए मोदीजी ने कहा कि इस परिवार से उनका रिश्ता काफी पुराना है. पीएम ने कहा. ‘नंद किशोर जी के आग्रह पर मैं उनके घर जाया करता था. इस परिवार ने हर संकट को अवसर में बदलने का प्रयास किया और उसमें सफल हुआ. एस्सेल का यह कार्यक्रम भारतीय परंपरा की मिसाल भी है. मैं वर्षों से डॉ. चंद्रा के परिवार को जानता हूं.’

मोदी जी ने कहा कि स्वच्छ भारत कार्यक्रम से सामाजिक उद्यमियों को फायदा हो सकता है क्योंकि इसमें कारोबार का बड़ा तत्व है. इसके साथ ही उन्होंने अपशिष्ट को धन में बदलने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में नौजवान स्वच्छ भारत में हिस्सा लेने के लिए सामाजिक उद्यमियों की भूमिका में आ रहे हैं. मोदी ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन बड़ी संख्या में सामाजिक उद्यमियों के उभरने का अवसर प्रदान करता है. मोदी ने कहा, ‘अपशिष्ट से धन ऐसा विचार है जो गति पकड़ रहा है. बहुत सारे सामाजिक उद्यमी इसके प्रति समर्पित हो रहे हैं.’प्रधानमंत्री ने आगे कहा, ‘अगर हम अपशिष्ट को अपशिष्ट मानेंगे तो हम अपनी मूल्यवान सामग्री को खो देंगे.’उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधानों की कमी का संकट है और समुचित प्रबंधन तथ तर्कसंगत प्रयोग के साथ वैज्ञानिक तरीके से इससे निपटा जा सकता है.

श्री मोदी ने कहा कि एस्सेल परिवार हमेशा कुछ नया करने की सोचता है। मिट्टी से लेकर सैटेलाइट तक अपने को विस्तार किया। डॉ. सुभाष चंद्रा ने सामाजिक उद्यमी के रूप में पेश किया है। जिस काम में एस्सेल ग्रुप ने रुचि दिखायी है मुझे उम्मीद है कि वह उसमें जरूर सफल होगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उद्यमिता भारतीय व्यवस्था का अंतर्निहित भाग है जो एक पीढ़ी से होकर दूसरी पीढ़ी में आयी है. मोदी ने भारत में पारिवारिक मूल्यों की महत्ता को रेखांकित करते हुए इसे दुनिया का सबसे बड़ा तोहफा बताया. प्रधानमंत्री ने कहा, ‘आज, सबसे ज्यादा विकसित देशों में भी पारिवारिक मूल्यों को जिंदा करना चुनावी घोषणापत्र का हिस्सा बन गया है.’

इस अवसर पर उपस्थति राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने इस बात पर अफसोस जताया कि व्यवस्था के खिलाफ रुख कुछ हद तक फैशन बन गया है। मुखर्जी ने मीडिया से अपील करते हुए कहा कि मीडिया की काफी दूर तक पहुंच है और इसका लोगों पर प्रभाव होता है। इसे रोजाना के जीवन में होने वाली सकारात्मक चीजों पर भी ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘खबर एक है लेकिन विचार भिन्न हो सकते हैं पर खबरों में सच्चाई और शुद्धता की उम्मीद की जाती है। खबरें अलग हो सकती हैं, लेकिन तथ्य नहीं।’ राष्ट्रपति ने कहा, ‘आज, मेरे विचार से, व्यवस्था के खिलाफ रुख कोई अच्छा विकास नहीं है, कुछ हद तक, यह फैशन बन गया है। उन्होंने मीडिया से इस बात पर विचार करने के लिए भी कहा कि क्या वे व्यवस्था विरोधी होकर समाज को कोई सकारात्मक योगदान दे रहे हैं?’

एस्सेल ग्रुप की 90वीं वर्षगांठ पर नई दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में समारोह में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, प्रधानमंत्री मोदी सहित राजनीति, खेल, सिनेमा, मीडिया और अन्य क्षेत्र की नामी-गिरामी हस्तियां शामिल हुईं।



Leave a Reply
 

Your email address will not be published. Required fields are marked (*)

You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <s> <strike> <strong>

सम्बंधित लेख
 

ईमेल सबस्क्रिप्शन

PHOTOS

VIDEOS

Back to Top