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हर अच्छी कविता अपने समय की गवाही देती हैः अशोक बाजपेयी

मुंबई : ‘कविता का काम भाषा और संस्कृति को समृद्ध करना है I आज जब भाषा के साथ भारी अनाचार हो रहा है, शब्द अपने अर्थ खो रहे हैं, ऐसे में कविता का महत्व और भी बढ़ जाता है I हर अच्छी कविता अपने समय से जूझती है और अपने समय की गवाही देती है I’ ये उद्गार हैं हिन्दी के वरिष्ठ कवि अशोक वाजपेयी के, जो उन्होने प्रतिष्ठित ‘परिवार पुरस्कार 2018’ से सम्मानित होने के तुरंत बाद व्यक्त किए I शनिवार 6 अप्रैल को चर्चगेट स्थित इंडियन मर्चेंट्स चेम्बर सभागृह में आयोजित एक भव्य समारोह में मराठी की प्रसिद्ध लेखिका और कला समीक्षक श्रीमती शांता गोखले ने शाल, श्रीफल, स्मृति चिह्न और दो लाख रुपये का चेक भेंट कर उन्हें ‘परिवार पुरस्कार‘ से सम्मानित करते हुए कहा कि अशोक वाजपेयी ने हिन्दी कविता के साथ साथ भारतीय संस्कृति के संवर्धन और संरक्षण के लिए भी अनूठा कार्य किया हैI भोपाल में भारत भवन का निर्माण इसका प्रत्यक्ष प्रमाण हैI

समारोह के अध्यक्ष डॉ. नंदलाल पाठक ने कहा कि अशोक वाजपेयी का व्यक्तित्व बहुआयामी है, लेकिन वह विराटता के बोझ से रहित हैं I विशिष्ट अतिथि ‘नवनीत’ के संपादक विश्वनाथ सचदेव ने उनकी कविता की एक पंक्ति ‘शब्द कम क्यों हैं, भय ज्यादा क्यों है’ का उल्लेख करते हुए कहा कि अशोक वाजपेयी अपनी कविता में अपने समय को व्यक्त करने से नहीं हिचकते I इससे उनकी सामाजिक प्रतिबद्धता जाहिर हो जाती है I अतिथि विशेष नवभारत टाइम्स के संपादक सुंदर चंद ठाकुर ने वाजपेयी को अपने समय का सर्वश्रेष्ठ कवि बताते हुए उनके सहज व्यक्तित्व की प्रशंसा कीI उन्होने ‘परिवार’ के महामंत्री सुरेश चन्द्र शर्मा द्वारा संपादित स्मारिका का विमोचन भी किया I

प्रमुख वक्ता के रूप में प्रसिद्ध कवि-आलोचक विजय कुमार ने कहा कि अशोक वाजपेयी के चिंतन में भाषा और संस्कृति के बड़े सवाल परिलक्षित होते हैं I उनकी कविता अतीत और भविष्य को वर्तमान से जोड़ने का काम करती हैI भाषाओं को बचाने की उनकी अपील संस्कृति के संरक्षण के प्रति उनकी चिंता को सामने लाती है I सम्मानीय अतिथि वरिष्ठ पत्रकार मनमोहन सरल ने वाजपेयी को एक सम्पूर्ण और सजग कवि बताया I युवा कवि हरि मृदुल ने अपने एक लिखित आलेख में वाजपेयी की साठ वर्षों की सृजन यात्रा पर प्रकाश डालाI

कार्यक्रम का प्रारम्भ ‘परिवार पुरस्कार’ प्राप्त दिवंगत कवि विष्णु खरे और संस्था के आजीवन सदस्य विनोद गड़िया की स्मृति में दो मिनिट के मौन से हुआ I स्वागत भाषण किया ‘परिवार’ के कार्याध्यक्ष नंदकिशोर नौटियाल ने I कोषाध्यक्ष राकेश मुरारका, सांस्कृतिक मंत्री अशोक अग्रवाल, संयोजक राजीव नौटियाल, विजय सिंगड़ेदिया और राकेश शर्मा ने अतिथियों का पुष्प गुच्छ से स्वागत किया I अंत में महामंत्री सुरेश चन्द्र शर्मा ने आभार व्यक्त किया I कार्यक्रम का संचालन देवमणि पाण्डेय ने किया I इस अवसर पर नगर के अनेक कवि, लेखक, पत्रकार एवं विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे I

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