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चेहरा काला हो पर दर्पण काला नहीं होना चाहिए : सुधा सागर जी

कोटा/खानपुर। बच्चे के एडमिशन से पहले माता-पिता का इंटरव्यू लिया जाता है और उससे बच्चे के भविष्य व कार्य क्षमता का आकलन किया जाता है, चेहरा काला हो पर दर्पण काला नहीं होना चाहिए। यह बात सुधा सागर जी महाराज ने चन्द्रोदय तीर्थ क्षेत्र चांदखेडी जैन मंदिर खानपुर में चल रहे चातुर्मास के दौरान कल्याणकारी प्रवचन के दौरान कही। उन्होंने कहा कि जिस घर में संबंध बना रहे हैं, उनका खानदान, कुल और पूर्वजों का इतिहास देखना चाहिए। महाराज श्री ने कहा कि हमें सात पीढ़ी के पूर्वज याद होने चाहिए, राजघराने में अभी भी पूर्वजों की तस्वीर व मूर्तियां दिखाई देती हैं, जिससे खानदान का पता चलता है। महाराज श्री ने कहा कि जिस घर में संबंध हो रहा है उनका परिवार कुल बड़ा होगा तो वहां समस्याएं कम आएंगी, लेकिन वर्तमान समय में युवा एक दूसरे को देखकर पसंद कर शादियां करते हैं, जो कई बार परेशानी खड़ी करती है, हमें जाति, धर्म कुल देखना चाहिए। महाराज श्री ने कहा कि परिवार छोटा देखा जा रहा है, जबकि परिवार भरा पूरा होना चाहिए।

पाश्चात्य संस्कृति की वजह से सब बिगड़ रहा है, धर्म के साथ परिवार देखना आवश्यक है। मुनि श्री ने कहा कि वृद्ध साधुओं के साथ रहना चाहिए, परिवार में दादा दादी व सभी के साथ रहने पर समस्याएं कम होती हैं। उन्होंने कहा कि कुदेव का त्याग होना चाहिए, एक बार सच्चा गुरु मिल जाए तो हम समल जाएंगे, सच्चे शास्त्र, सच्चे गुरु, देव को पहचान लिया तो अल्प आयु में नहीं जाएंगे, नरक में नहीं जाएंगे, समस्याएं नहीं होगी, जीवन बर्बाद नहीं होगा।

सुधा सागर जी ने कहा कि व्यक्ति जो भी करें, उस कार्य का उसे पूरा ज्ञान होना चाहिए। महाराज श्री ने कहा कि जो मुनि बन सकते हैं वह मुनि की संगत करें, लेकिन जो मुनि नहीं बन सकते वह मुनियों को नहीं छोड़े, भगवान नहीं बन सकते तो भगवान को छोड़ना भी मत। या तो पूज्य पावन बनो या पूजा करो, महाराज श्री ने गृहस्थ आश्रम में आने वाली समस्याएं और उनके समाधान पर प्रवचन में कई विषयों को समाहित किया।

पंचकल्याणक महोत्सव आज से शुरू हो रहा है। चांदखेड़ी चंद्रोदय तीर्थ क्षेत्र के अध्यक्ष हुकुम जैन काका ने बताया कि आज मंगलवार को गर्भ कल्याणक पूर्वाद्ध का आयोजन किया जाएगा। पंचकल्याण की तैयारियां लगभग पूर्ण कर ली गई हैं। श्रावकों में उत्साह उमंग है। मुनि श्री सुधासागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य में 14 से 19 दिसंबर तक पंचकल्याणक महोत्सव होगा। यहां देशभर से लाई गई करीब 300 जिन प्रतिमाओं को पंचकल्याणक में सूर्य मंत्र दिया जाएगा। यहां देश में पहली बार 72 केवली भगवान की प्रतिमाएं प्रतिष्ठित होने के बाद दर्शन होंगे। समारोह में सिंगापुर, कनाडा एनआरआई इंद्र बनेंगे। आयोजन के लिए 90 गुणा 250 मीटर वाटरप्रूफ डोम बनाया गया है। महोत्सव को लेकर 15 समितियों द्वारा तैयारियां की जा रही है, जिन्हें अंतिम रूप दिया जा रहा है।

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