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बुराड़ी में आत्महत्या करने वाले परिवार के कुत्ते की दिल के दौरे से मौत

बुराड़ी में एक ही परिवार के 11 लोगों ने अंधविश्वास में आकर सामूहिक हत्या कर ली थी। पूरे देश को झकझोर कर रख देने वाले बुराड़ी कांड के रहस्य तक पुलिस अभी तक पहुंच ही नहीं पाई थी कि भाटिया परिवार के एक मात्र जीवित बचे पालतू कुत्ते टॉमी की भी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि नोएडा के एक एनिमल सेंटर में हार्ट अटैक आने से टॉमी की मौत हो गई। एक जुलाई को बुराड़ी में 11 लोगों की मौत की उस घटना में केवल टॉमी ही था, जो घर में जिंदा बचा था। घर के सदस्यों की मौत समय टॉमी छत पर बंधा हुआ था। हालांकि, अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि टॉमी को छत पर किसने बांधा था।

इस कांड के बाद घर में पहुंची पुलिस को जब टॉमी मिला, तो उसे तेज बुखार था। तेज बुखार होने के कारण टॉमी को नोएडा के एक एनिमल होम में रखा गया था। जहां पहले बताया गया कि उसकी सेहत में सुधार हो रहा है। टॉमी को पशुओं के लिए काम करने वाले संजय महापात्रा ने अपने पास रखने का फैसला किया था। संजय बताते हैं कि 1 जुलाई को जब टॉमी मिला था, तब वह काफी आक्रामक था और उसे काबू में करने में टीम को लगभग 90 मिनट का समय लगा था।

बीते दिनों बुराड़ी में एक ही परिवार के 11 लोगों के शव फांसी के फंदे से लटके मिले थे। पुलिस मौतों के पीछे तंत्र-मंत्र और धर्मांधता की बात कह रही है, जबकि घटना के तीन दिन बाद चित्तौड़गढ़ में रहने वाले तीसरे भाई दिनेश ने कहा था पुलिस की इस कहानी का कोई ठोस आधार नहीं है। दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच को पहले तो लग रहा था कि पूरे परिवार ने धर्मांधता के जाल में फंसकर तंत्र-मंत्र और धार्मिक अनुष्ठान के जरिए मोक्ष पाने के लिए सामूहिक रूप से खुदकुशी कर ली। मगर, अब ऐसी बातें सामने आ रही हैं कि परिवार का कोई भी सदस्य मरना नहीं चाहता था, बल्कि सिर्फ मोक्ष पाना चाहता था।

पुलिस सूत्रों से मिली अहम जानकारी के मुताबिक, रजिस्टर में लिखी बातों और घटना स्थल से ये पता चलता है कि दरअसल पूरा परिवार एक अनुष्ठान कर रहा था। हाथ और मुंह पर पट्टी बांधकर लटकना इसी अनुष्ठान का अंतिम चरण था और परिवार को शायद यह विश्वास था कि वो बच जाएंगे। वहीं, दिनेश की बहन सुजाता का कहना है कि उनका परिवार धार्मिक है, लेकिन अंधविश्वासी नहीं था। सुजाता ने भी मौतों के पीछे तंत्र-मंत्र या तांत्रिक विद्या से पूरी तरह इंकार किया है और कहा है कि उनके परिवार ने आत्महत्या नहीं की, बल्कि उनकी हत्या की गई है।

घर के बाहर कुल 11 पाइप निकले हुए हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि 11 पाइपों में 7 पाइपों के मुंह ऊपर की ओर हैं, जबकि 4 पाइपों के मुंह सीधे हैं। बता दें कि मरने वालों में 7 महिलाएं और 4 पुरुष सदस्य थे।दरअसल, भाटिया परिवार के घर में लगे इन पाइपों को मौत से जोड़कर देखा जा रहा है क्योंकि घर में कुल 11 पाइप लगे हैं जो किसी इस्तेमाल के लिए नहीं लगाए गए हैं। पाइप को देखकर साफ होता है कि परिवार को अंधविश्वास जकड़ा हुआ था।



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