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बेहतर प्रणाली के लिए भारतीय रेल विभिन्न सुधारों के पथ पर अग्रसर

माननीय रेल मंत्री श्री सुरेश प्रभाकर प्रभु ने ’विजन 2020’ शीर्षक वाले अपने पहले एवं पिछले रेल बजट भाषण में स्पष्ट एवं गौर करने वाले लक्ष्य निर्धारित किये थे। निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के क्रम में भारतीय रेल ने पिछले 3 वर्षों में अभूतपूर्व सुधारात्मक कदम उठाये हैं।

मांग के अनुरूप आरक्षित स्थान उपलब्ध कराने, मालगाड़ियों की समय-सारिणी बनाने, मानवरहित समपारों को समाप्त करने, मालगाड़ियों की औसत गति 50 कि.मी.प्र.घं. (वर्तमान औसत गति के दोगुना) करने, मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों की औसत गति 80 कि.मी.प्र.घं.(वर्तमान के औसत से 60% की वृद्धि) करने, ट्रेनों की समयपालनता 95% तक रखने, स्वर्णिम चतुर्भुज के साथ सेमी हाई स्पीड ट्रेनें चलाने तथा ट्रेनों से मल-मूत्र की निकासी को शून्य स्तर तक ले जाने जैसे विभिन्न पहलुओं को समाहित कर ’विजन 2020’ के लक्ष्य निर्धारित किये गये थे। रेल मंत्रालय द्वारा किये जाने वाले कुछ सुधारात्मक कार्यों एवं महत्त्वपूर्ण उपलब्धियाँ इस प्रकार हैं।

प्रशासनिक सुधारः प्रशासनिक सुधारों के अंतर्गत शक्तियों के विकेन्द्रीकरण एवं व्यावहारिक स्तर पर हस्तांतरण, समझौता पत्र/परिणामी निष्पादन पैमाने (KRAs) के माध्यम से क्षेत्रीय रेलों की मॉनिटरिंग जैसे कार्य शामिल हैं। सभी अधिकारियों के लिए निष्पादन मूल्यांकन में संशोधन कर इसे और अधिक उद्देश्यपरक बनाया गया है। साथ ही निविदा प्रबंधन का भी पुनःनिर्धारण किया गया है तथा ई-खरीद तथा ई-भर्ती को शुरू कर पारदर्शिता के नये पैमानें स्थापित किये गये हैं।

माल एवं यात्री सुधारः इसके अंतर्गत दरों, विभिन्न यात्री संवर्गों हेतु नये ट्रेन प्रोडक्ट जैसे अंत्योदय तथा हमसफर एक्सप्रेस इत्यादि की शुरूआत, नये युग की टिकटिंग प्रणाली को क्रियान्वित करना, प्रभावी सोशल मीडिया द्वारा अपनी तरह का एक विशेष शिकायत निपटान मशीनरी को लागू करना, स्टेशन पुनर्विकास भूमि तथा लघु सम्पत्तियों, प्रचारों इत्यादि के मुद्रीकरण द्वारा भाड़ों के अतिरिक्त राजस्व में वृद्धि तथा महत्त्वपूर्ण ग्राहक प्रबंधकों की नियुक्ति द्वारा सिंगल प्वाँइंट इत्यादि के रुप में सेवा देना इत्यादि शामिल हैं।

संरचनात्मक सुधारः संरचनात्मक सुधारों में बजट के अतिरिक्त संसाधन शामिल हैं, जो पूँजी निवेशों को बढ़ावा देते हैं। सबसे उल्लेखनीय उपलब्धि भारतीय जीवन बीमा के साथ सम्पर्क स्थापित कर आकर्षक शर्तों के साथ 1.5 लाख करोड़ रु. का ऋण प्राप्त करना रहा। प्रतिस्पर्धा, ग्राहकों के हितों की रक्षा तथा सक्षमता मानदण्ड तय करने तथा उचित किरायों को लागू करने हेतु कैबिनेट की स्वीकृति से रेल विकास प्राधिकरण की स्थापना की गई, जो अगले 4 महीनों में क्रियान्वित हो जायेगा। संयुक्त उपक्रम की अभिसंकल्पना की गई है तथा राज्य सरकारों के साथ मिलकर इसे क्रियान्वित किया गया है, जिससे राज्य की आधारभूत संरचनाओं के विकास की गति में तेजी आई है। वैज्ञानिक योजना पद्धति, परियोजनाओं को व्यावसायिक रूप से तैयार करने, डीपीआर तथा परियोजनाओं को वित्तीय सहायता देने हेतु रेलवे योजना तथा निवेश संगठन की स्थापना की जायेगी। इसी प्रकार रेलवे एक विश्वस्तरीय आर एंड डी संगठन SRESHTHA स्थापित करने की प्रक्रिया में है। एक ICT की शुरूआत की गई है, जो रेलवे में सबसे डिजिटाइजेशन तथा ईआरपी पहल है। अगले 5 वर्षों में इसे क्रियान्वित करने का लक्ष्य है एवं इससे 55000 करोड़ रु. से अधिक की बचत होगी। रेलवे ने लेखा सुधार की सम्भावनाओं में वृद्धि करने तथा इसमें गति लाने के प्रति भी ध्यान दिया है। साथ ही विद्युत की ओपन एक्सेस खरीद भी लम्बे समय के पीपीए के माध्यम से अन्य ऊर्जा संरक्षण उपायों के साथ क्रियान्वित की गई है जिससे अगले 10 वर्षों में 41000 करोड़ रु.की बचत होगी।

गवर्नेंस तथा संगठनात्मक पुनर्गठन इसके अंतर्गत सफाई, भाड़ों के अतिरिक्त आय, गति बढ़ाने इत्यादि जैसे महत्त्वपूर्ण क्षेत्रों की प्रगति में वृद्धि करने के उद्देश्य से क्रॉस फंक्शनल निदेशालयों का गठन किया गया है। महत्त्वपूर्ण रोलिंग स्टॉक तथा ट्रेक्शन विभाग के पुनर्गठन द्वारा संगठन का रिएलाइनमेंट किया जायेगा। इसके साथ ही प्रत्येक विभाग/कैडर के सचिव स्तर के पदों का सृजन तथा महाप्रबंधकों के स्थानांतरण एवं नियुक्ति को पूर्णतः पारदर्शी बनाया जायेगा। इसी प्रकार मंडल रेल प्रबंधकों के चयन की प्रक्रिया में भी सुधार किया गया है, जिससे योग्य उम्मीदवारों का चयन होना सुनिश्चित हो सके।

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