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गैंग सिस्टर्स की महफिल में गूँजे नीरज के गीत

गैंग नाम सुनते ही ऐसा लगता है मानो किसी कुख्यात अपराधी गैंग की बात होगी, लेकिन मुंबई में एक ऐसी रचनात्मक ‘गैंग सिस्टर्स’ हैं जिनके माध्यम से गीत, ग़ज़लें और कविताएँ गूँजती है। पिछले दिनों महाकवि नीरज के दुःखद निधन के बाद ‘गैंग सिस्टर्स’ ने एक यादगार कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें, गीतों, कविताओँ और ग़जलों के साथ सुरमई श्रध्दांजलि दी। मुंबई के अंधेरी स्थित भवंस कल्चरल सेंटर के सभागृह में, गैंग सिस्टर्स और कारवां म्यूज़िक द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में नीरज जी को सुर और संगीत दोनों ही माध्यमों से याद किया गया।

जानी मानी कवयित्री और गैंगसिस्टर्स की सदस्या सुश्री दीप्ती मिश्रा ने नीरज जी को याद करते हुए कहा कि उनसे मेरा पहला परिचय बचपन में 1964 में तब हुआ जब मैने उत्तर प्रदेश के लखीमपुरखीरी में एक कवि सम्मेलन में उनकी कविताएँ सुनी। उन्होंने बताया कि नीरज जी उनके घर भी आए और घर पर भी दिल खोलकर कविताएँ सुनाई। उन्होंने नीरज की स्मृति को प्रणाम करते हुए ‘हम तुम्हें मरने नहीं देंगे’- कविता सुनाकर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।

प्रज्ञा विकास ने कहा कि मुझे नीरज जी के साथ मंच पर कविताएँ पढ़ने का मौका भी मिला और ये उनकी महानता थी कि मुझे वे अपनी पसंद का गीत पढ़ने को कहते थे। उन्होंने कहा कि उनसे ऐसी आत्मीयता हो गई थी कि जब भी हम कवि सम्मेलन में मिलते थे मुझे उनके साथ बीड़ी भी पीनी पड़ती थी। उन्होंने कहा कि नीरज जी ज्योतिष को एक वैज्ञानिक विधा मानते थे और खुद भी ज्योतिष का गहन अध्ययन करते थे। उन्होंने ज्योतिष के संस्कृत श्लोंको का सरल हिंदी भाषा में पद्यानुवाद भी किया, जिसे नीरज ज्योतिष दोहावली के रूप में प्रकाशित भी किया गया है। उन्होंने कहा कि नीरज जी को मैं गुरु मानती थी और मैने उनसे गुरू दक्षिणा के रूप में उनके हस्त लिखित कविताएँ माँगी तो उन्होंने 120 पृष्ठ हाथ से लिखकर मुझे दिए।

अभिजीत घोषाल ने स्व. नीरज के फिल्मी गीतों को संगीतमयी प्रस्तुति कर श्रोताओं को अपने अतीत की यादों में डुबो दिया। उन्होंने ‘यही अपराध मैं हर बार करता हूँ’, ‘वो मेरा होगा’, ‘वो तेरा होगा’, ‘तेरा काजल लेकर रात बनी’, ‘फूलों के रंग से’ जैसे गीत प्रस्तुत कर नीरज के व्यक्तित्व का एक नया रंग पेश किया।

श्रीमती कविता गुप्ता ने नीरजजी की हायकू रचनाएँ सुनाकर उनकी इस विलक्षण प्रतिभा का एक नया रंग दिखाया।

जन्म मरण
समय की गति के
हैं दो चरण

वो हैं अकेले
दूर खड़े होकर
देखें जो मेले

मेरी जवानी
कटे हुये पंखों की
एक निशानी

हे स्वर्ण केशी
भूल न यौवन है
पंछी विदेशी

वो है अपने
देखें हो मैंने जैसे
झूठे सपने

किससे कहें
सब के सब दुख
खुद ही सहें

हे अनजानी
जीवन की कहानी
किसने जानी

ओस की बूंद
फूल पर सोई जो
धूल में मिली

वो हैं अपने
जैसे देखे हैं मैंने
कुछ सपने

किसको मिला
वफा का दुनिया में
वफा ही सिला

विविध भारती के श्री युनूस खान ने नीरज के गीतों और फिल्मी गीतों की तुलना करते हुए कहा कि उन्होंने फिल्मी गीतों में हिंदी की ललित रसधारा ऐसी प्रवाहित की कि कि उनके गीत सदियों तक गुनगनाए जाते रहेंगे। उन्होंने गीतों के साथ नए मुहावरे भी दिए। युनूस भाई ने ‘रंगीला रे’, ‘दीया तो झूमे रोए है बाती’, ‘पहरेदार हिमालय के’, शोखियों में घोला जाए’, ‘जीवन की बगिया महकेगी’, ‘ओ नीरज नयना आ जरा’, ‘झीलों के ओठों पर पत्थरों का राग हूँ’, ‘कारवाँ गुज़र गया’ जैसे अमर गीतों की व्याख्या प्रस्तुत करते हुए कहा कि उनका एक एक गीत साहित्य और फिल्म जगत की एक ऐसी विरासत है जिसने हिंदी और कविता दोनों को समृध्द किया है।

जाने माने पटकथा लेखक, रंगकर्मी श्री अतुल तिवारी ने ‘कारवाँ गुज़र गया’ – गीत की चर्चा करते हुए कहा कि ये जानना भी महत्वपूर्ण है कि फिल्म में इसे किस खूबसूरती से किस सिचुएशन पर फिल्माया गया है। ये गीत तब बजता है जब चुनाव हो चुके हैं, और चुनाव में एक ईमानदार प्रत्याशी को हराकर एक बेईमान चुनाव जीत जाता है, उस समय नीरज का ये गीत जब परदे पर गूँजता है तो दर्शकों को एहसास होता है कि हम गुबार ही देख रहे हैं।

जानी मानी कवयित्री लता हया ने नेताओं ने बापू की कसम तक बेच दी, कवियों ने निराला की कलम तक बेच दी की से अपनी श्रध्दांजलि व्यक्त की।

सबसं अंत में जानी मानी सूफ़ी गायिका श्रीमती कविता सेठ ने ‘इसको भी अपनाता चल’, ‘उसको भी अपनाता चल’, ‘सूनी सूनी ज़िंदगी की राह है’, ‘भटकी भटकी नज़र निगाह है’- की शानदार प्रस्तुति से नीरज के सूफ़ी और फक्कड़ अंदाज़ को जीवंत कर दिया।

श्रीमती अचला नागर आई तो थी नीरज जी पर कुछ कहने, मगर पूरा समय वे आकाशवाणी मथुरा से जुड़े अपने संस्मरण ही सुनाती रही, जाहिर है श्रोता बार बार तालियाँ बजाकर उन्हें याद दिलाते रहे कि उन्हें नीरज पर बोलना है।

अर्चना जौहरी ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए वक्ताओं और श्रोताओं के बीच संवाद बनाए रखा जिससे पूरा कार्यक्रम श्रोताओं को खुशनुमाँ एहसास में भिगोता रहा।

गैंग सिस्टर्स का फेसबुक वाल https://www.facebook.com/TheGangSisters/



1 टिप्पणी
 

  • Dipti Misra

    अगस्त 20, 2018 - 11:10 pm

    शुक्रिया 🙏

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