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हार्लिक्स और डाबर के दावे फर्जी

विज्ञापन उद्योग पर नजर रखने वाले भारतीय विज्ञापन मानक परिषद (ASCI) ने आइडिया सेलुलर, डाबर, ग्लैक्सोस्मिथक्लाइन (जीएसके) कंज्यूमर और हेइंज जैसी कंपनियों के 125 भ्रामक विज्ञापनों के खिलाफ शिकायतें सही पाई हैं। ये विज्ञापन इस साल फरवरी के हैं।

ASCI की ग्राहक शिकायत परिषद (सीसीसी) को फरवरी के दौरान 167 शिकायतें मिलीं और अधिकतम 73 शिकायतें पर्सनल और हेल्थकेयर वर्ग में भ्रामक विज्ञापनों को लेकर थीं जो सही पाई गर्इ।

परिषद ने आइडिया सेल्यूलर के विज्ञापन के खिलाफ शिकायत को सही ठहराया जिसमें हरियाणा की लड़कियों को पढ़ने के लिए घर से बाहर नहीं जाने देने की प्रथा दिखाकर हरियाणा की प्रतिष्ठा धूमिल की गई है। इसी तरह, हेइंज इंडिया के ‘ग्लूकॉन डी- वोल्ट’ के विज्ञापन में बच्चों को टैबलेट हवा में उछालकर उसे सीधे मुंह से पकड़ते हुए दिखाया गया है जो एक खतरनाक प्रयास है बच्चे इसकी नकल करने को प्रेरित हो सकते हैं।

वहीं, हॉर्लिक्स के विज्ञापन में दिखाया गया कि परीक्षा के समय हॉर्लिक्स का सेवन करने से एकाग्रता बढ़ती है। दूसरी ओर, डाबर के विज्ञापन में दावा किया गया है कि डाबर च्यवनप्राश प्रतिरोधक क्षमता तीन गुना कर देता है जिससे बच्चे अंदर से मजबूत होते हैं।

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