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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा वर्ष 2021-22 के प्रस्तावितबजट की खास बातें…

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने अनुसूचित जनजातियों की भलाई के लिए इस बार सरकार ने जी खोलकर योजनाएं दी हैं। ज्यादा जोर शिक्षा पर है।

आदिवासी इलाकों में खुलेंगे 758 एकलव्य स्कूल
केंद्र सरकार ने बजट 2021 में आदिवासी बहुल इलाकों में एकलव्य स्कूल खोलने का ऐलान किया है। इसका सीधा फायदा झारखंड और छत्तीसगढ़ को मिलेगा। आदिवासी इलाकों में 758 एकलव्य स्कूल खोले जाएंगे। एक एकलव्य स्कूल खोलने पर सरकार 38 करोड़ रुपए खर्च करेगी। इस लिहाज से देखें तो सरकार एकलव्य स्कूलों के लिए 28,804 करोड़ रुपये की भारी-भरकम रकम खर्च करेगी।

बजट भाषण के दौरान ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जानकारी दी कि अनुसूचित जातियों के लिए 35 हजार करोड़ रुपये स्कॉलरशिप दी गई। इस स्कीम से चार करोड़ छात्रों को फायदा मिला। इसके अलावा लद्दाख के लेह में सेंट्रल यूनिवर्सिटी भी बनाई जाएगी।

मोदी सरकार ने बुढ़ापे की लाठी को मजबूत करते हुए वरिष्ठ नागरिकों के लिए कई अहम घोषणाएं की हैं। आइए जानते हैं इस बजट में मोदी सरकार ने सीनियर सिटिजन को क्या दिया है। सबसे अहम घोषणा ये है कि मोदी सरकार ने 75 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों को सीधे छूट देते हुआ कहा है कि उन्हें कोई टैक्स नहीं चुकाना होगा। वित्त मंत्री ने ये घोषणा करते हुए कहा था कि सीनियर सिटिजन को प्रणाम करते हुए प्रावधान कर रही हूं। आजादी के 75वें साल में उन्होंने 75 साल से अधिक की उम्र के बुजुर्गों को मदद देने का फैसला किया।

प्रवासी मजदूरों को भी बजट से मिलेगा फायदा
कोरोना काल में मोदी सरकार ने सख्त लॉकडाउन लागू किया था, जिसके चलते बहुत सारे लोगों की नौकरी गई। शहरों से लाखों की संख्या में प्रवासी मजदूर अपने गांव वापस चले गए। लॉकडाउन खुलने के बाद बहुत से प्रवासी मजदूर वापस लौटे, लेकिन अभी भी बहुत सारे मजदूर अपने ही गांव में फंसे हुए हैं और उनके पास करने के लिए कोई काम नहीं है। ऐसे गरीब लोग भी इस बजट से काफी उम्मीदें कर रहे थे।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट शुरू करते ही कहा कि मोदी सरकार ने लॉकडाउन के दौरान ही प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना शुरू कर दी थी, जिससे 80 करोड़ लोगों को फायदा मिला। आत्मनिर्भर पैकेज दिए, जिसके जरिए करीब 27.1 लाख करोड़ रुपये दिए। अपने बजट में इस बार निर्मला सीतारमण ने गांव और ग्रामीण लोगों के विकास के लिए भी कई अहम घोषणाएं की हैं।

प्रवासी मजदूरों के लिए सबसे अहम घोषणा तो ये रही कि उनके लिए सरकार एक पोर्टल शुरू करने जा रही है, जिसके जरिए सबकी जानकारी जुटाई जा सकेगी। इसमें बिल्डिंग वर्कर्स और मैन्युफैक्चरिंग वर्कर्स समेत सभी वर्गों के मजदूर होंगे। सरकार ने घोषणा की है कि लेबर कोड को लागू करने की कोशिश जारी रहेगी, जिससे न्यूनतम मजदूरी सुनिश्चित की जाएगी।

महिला मजदूरों के लिए अहम घोषणा करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि महिलाएं हर कैटेगरी के काम कर सकेंगी और उन्हें नाइट शिफ्ट करने की भी इजाजत होगी। ये सब नए लेबर कोड के जरिए लागू किए जाने की योजना है। बजट में स्टैंडअप इंडिया इंडिया के तहत अनुसूचित जाति, जनजाति के लिए मार्जिन मनी की जरूरत 25 परसेंट से घटाकर 15 परसेंट की गई।

उन्होंने कहा कि 100 नए सैनिक स्कूल बनाए जाएंगे। इसके लिए प्राइवेट सेक्टर की मदद ली जाएगी। वित्त मंत्री ने बजट भाषण में हायर एजुकेशन कमीशन बनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इसके लिए कानून में संशोधन किया जाएगा। वित्त मंत्री सीतारमण ने लद्दाख के लेह में सेंट्रल यूनिवर्सिटी बनाने की भी घोषणा की।

आदिवासी इलाकों में 758 एकलव्य स्कूल बनाए जाएंगे
वित्त मंत्री ने कहा कि आदिवासी इलाकों में 758 एकलव्य स्कूल बनाए जाएंगे। निर्मला सीतारमण ने कहा कि एक स्कूल पर 38 करोड़ रुपए खर्च होंगे। वित्त मंत्री ने कहा कि अनुसूचित जातियों के लिए 35 हजार करोड़ रुपए के स्कॉलरशिप दिए गए। उन्होंने कहा कि इससे चार करोड़ स्टूडेंड को फायदा हुआ।

नेशनल रिसर्च फाउंडेशन पर 50 हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे
वित्त मंत्री ने कहा कि नेशनल रिसर्च फाउंडेशन बनाया जाएगा। इस पर 50 हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे। उन्होंने कहा कि गुड गवर्नेंस – ट्राइब्यूनल रिफॉर्म पर काम चल रहा है। इसके लिए नए प्रस्ताव कर रही हूं। नेशनल कमीशन फॉर अलायड प्रोफेशनल एक्ट लाया जाएगा। वित्त मंत्री ने नेशनल नर्सिंग एंड मिडवाफरी बिल लाने की बात कही।

कम कीमत के घर खरीदने वालों और किराए पर रहने वालों (Budget Announcements for Affordable Housing and Rental Housing) को थोड़ी राहत का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि अब बैंक लोन लेकर सस्ते मकान खरीदने वालों को टैक्स में 1.5 लाख रुपये की छूट के प्रावधान को एक साल के लिए बढ़ाया जा रहा है।

इसका मतलब है कि किफायती घर खरीदने के लिए लोन पर 1.5 लाख रुपये तक की छूट की अवधि अब 31 मार्च 2022 हो गई है।

वहीं, वित्त मंत्री ने प्रवासी कामगारों के लिए सस्ती दरों पर किराए के मकान उपलब्ध कराने की योजना का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि सभी के लिए घर और रियायती दर पर घर मुहैया कराना सरकार का टारगेट है। वित्त मंत्री की इन घोषणाओं से कम आमदनी वाले लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।

देश को 100 नए सैनिक स्कूलों (Sanik Schools) की सौगात दी गई है। इसके अलावा एजुकेशन सेक्टर के लिए और भी घोषणाएं की गई हैं। जानिए इस बार बजट में शिक्षा के क्षेत्र (Budget for Education) को क्या-क्या मिला है?

देश में 100 नए सैनिक स्कूल खोले जाने की घोषणा की गई है। ये स्कूल निजी स्कूलों और गैर-सरकारी संगठनों (NGO) के साथ मिलकर पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप पर खोले जाएंगे।

नई शिक्षा नीति (NEP) की जरूरतों के अनुसार देशभर में 15 हजार स्कूलों को सुदृढ़ बनाया जाएगा। उनकी गुणवत्ता बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। लेह में नया केंद्रीय विश्वविद्यालय (Central University in Leh) खोले जाने की घोषणा की गई है।

देश में शोध को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय शोध प्रतिष्ठान (National Reseach Foundation) की स्थापना की जाएगी। इसके लिए 50 हजार करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा उच्च शिक्षा आयोग (Higher Education Commission) के गठन के लिए प्रावधान प्रस्तावित किए गए हैं।

पहली बार राष्ट्रीय भाषा अनुवाद मिशन (National Language Translation Mission) की घोषणा की गई है। सीतारमण ने बताया कि इसका काम होगा सरकारी दस्तावेजों को प्रमुख भारतीय भाषाओं में अनुवाद कर पब्लिक प्लेटफॉर्म पर लाना।

आदिवासी क्षेत्रों में 750 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय (Eklavya Model Residential School) की स्थापना की जाएगी। इसके लिए बजट राशि 20 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 38 करोड़ रुपये तक कर दी गई है। वहीं, पहाड़ी क्षेत्रों में आदिवासी छात्रों के लिए स्कूलों को 48 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

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