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हिंदी अकादमी दिल्ली द्वारा सलिल चतुर्वेदी को हिंदी सेवा सम्मान

नयी दिल्ली: दिल्ली सरकार की हिंदी अकादमी द्वारा कवि, लेखक और सामाजिक कार्यकर्ता सलिल चतुर्वेदी को हिंदी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया. यह सम्मान कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया द्वारा सलिल चतुर्वेदी को उनकी काव्य पुस्तक ‘य र ल व श स ह’ के लिए दिया गया.

हिंदी अकादमी राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लेखकों, साहित्यकारों, पत्रकारों और कवियो को हिंदी साहित्य में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित करती है। इस साल इस सम्मान के लिए चुने गए 15 लोगों को सोमवार शाम को कमानी सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम में सम्मानित किया गया.

सलिल चतुर्वेदी ने हिंदी सेवा सम्मान से नवाजे जाने पर अपने उदगार व्यक्त करते हुए कहा “सम्मान दिये जाने पर बेहद खुशी है. यह समाज के हित में है कि साहित्यकारों की आवाजें जनता तक पहुंचें. हिंदी अकादमी के इस पुरस्कार श्रिंखला के माध्यम से निश्चय ही पाठक समकालीन लेखकों और कवियों की रचनाओं से अवगत होते रहेंगे.”

सलिल चतुर्वेदी जब सोलह साल के थे, एक रोड ऐक्सिडेंट में उनकी रीढ़ की हड्डी फ़्रैक्चर हुई और तब से वे व्हील्चैर का प्रयोग करते हैं ।अपना व्यवसायिक जीवन उन्होंने एक फीचर सर्विस में बतौर एडिटर के रूप में शुरू किया . 2007 में ही उन्हें यूनिसन/ब्रिटिश काउन्सिल शॉर्ट स्टोरी कॉम्पटिशन का पुरस्कार मिला । 2008 में उन्हें कामन्वेल्थ शॉर्ट स्टोरी प्रतियोगिता में एशिया क्षेत्र का विजेता घोषित किया गया । 2015 में उन्होंने वर्ड-वीवर पोयट्री कॉम्पटिशन जीता । उनकी कवितायें एवं कहानियाँ अनेक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रिय स्तर की पत्रिकाओं में छप चुकी हैं । 2015 में उन्होंने कोंकनी भाषा में पहली बार नेत्रहीन पाठकों के लिए डिजिटल किताब निकाली । इस के अलावा उन्होंने व्हीलचेर टेनिस प्रतियोगिताओं में जापान और ऑस्ट्रेल्या में भारत का प्रतिनिधित्व किया । 2009 में उन्होंने एक नाँव से मुंबई से गोवा का समुद्री रास्ता तय किया जिससे लोगों में विक्लाँगता के प्रति जागरूकता बढ़े । ‘गली गली सिम सिम’ नामक लोकप्रिय सीरीयल में उन्होंने पाँच साल तक ‘जुगाड़ू’ के किरदार की भूमिका निभायी

इसके अलावा उप मुख्यमंत्री द्वारा प्रख्यात हिंदी साहित्यकार एवं आलोचक डॉ. विश्वनाथ त्रिपाठी को को 2018-19 शलाका सम्मान से नवाजा .इस बार हिंदी अकादमी के ‘शिखर सम्मान’ शीला झुनझुनवाला को दिया गया, ‘विशिष्ट योगदान’ सम्मान सुधाकर बाबू पाठक को दिया गया । काव्य सम्मान के लिए माणिक वर्मा, गद्य विद्या सम्मान के लिए डॉ. श्यौराज सिंह बैचेन, ज्ञान प्रौद्योगिकी सम्मान के लिए डॉ. यतीश अग्रवाल, बाल साहित्य सम्मान के लिए घमंडी लाल अग्रवाल, नाट्य सम्मान के लिए राधावल्लभ त्रिपाठी, हास्य व्यंग्य सम्मान के लिए वरुण ग्रोवर, अनुवाद सम्मान के लिए हरजेंद्र चौधरी, पत्रकारिता सम्मान के लिए सुप्रिय प्रसाद और सहभाषा सम्मान के लिए डॉ. पृथ्वी सिंह को चुना है।

कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के अलावा हिंदी अकादमी के अध्यक्ष सुरेंद्र शर्मा और दिल्ली सरकार के कला, संस्कृति एवं भाषा विभाग की सचिव मनीषा सक्सेना उपस्थित थे .

Warm regards,
Santosh Kumar
Zimisha Communications
M -9990937676

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