आप यहाँ है :

उत्कल अनुज हिंदी वाचनालय, भुवनेश्वर द्वारा हिन्दी हास्य -व्यंग्य कवि सम्मेलन आयोजित

भुवनेश्वर। स्थानीय तेरापंथ भवन में उत्कल अनुज हिंदी वाचनालय भुवनेश्वर की ओर से हिन्दी हास्य व्यंग कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया था। आयोजन में जैन मुनि डॉ ज्ञानेन्द्र कुमार ने बतौर मुख्य अतिथि कवि सम्मेलन को संबोधित किया और यह बताया कि सामाजिक अव्यवस्था देखकर उन जैसे सभी मुनियों और संतों को भी पीड़ा होती है। लेकिन उनमें और आज के हरियाणा से आमंत्रित राष्ट्रीय कवि महेंद्र शर्मा में यही अंतर है कि शर्मा जी अपने हृदय की पीड़ा व्यक्त करते हैं । ये अपनी पीड़ा को अपनी कविता के माध्यम से सरलता के साथ हंसाकर और गुदगुदाकर व्यक्त कर देते हैं। इसलिए ये एक सफल कवि हैं।

जैन मुनि डा ज्ञानेन्द्र कुमार ने यह भी बताया कि विदेशों में‌ कवि सम्मेलन का प्रचलन नहीं है। आमंत्रित कवि महेंद्र शर्मा ने जैन मुनि का आशीर्वाद लेकर कुछ क्षणिकाएं जैन धर्म को समर्पित की। उसके उपरांत वे पति-पत्नी – संबंध, दोनों के आपसी प्रेम, नोंकझोंक, पारिवारिक व्यवस्था,बेटी,बेटा,सास -बहू जैसे अनेक प्रसंगों पर अपनी क्षणिकाएं प्रस्तुत कर श्रोताओं से खचाखच भरे लोगों का भरपूर मनोरंजन किया। कवि महेंद्र शर्मा का स्वागत वाचनालय के मुख्य संरक्षक सुभाषचंद्र भुरा तथा श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथ सभा भुवनेश्वर के अध्यक्ष बच्छराज बेताला ने किया। आयोजन की प्रारंभिक जानकारी वाचनालय के संगठन सचिव अशोक पाण्डेय ने दी। स्थानीय कवियों में रामकिशोर शर्मा, विक्रमादित्य सिंह, विनोद कुमार, अनूप अग्रवाल तथा किशन खंडेलवाल ने अपनी-अपनी स्वरचित कविताओं का सस्वर वाचनकर आगत सभी का दिल जीत लिया।

इस अवसर पर लक्ष्मण महिपाल जैसे अनेक गणमान्य लोग, स्थानीय हिन्दी समाचार पत्रों के सम्पादगण , न्यूज चीफ़ ब्यूरो, भुवनेश्वर मारवाड़ी , भुवनेश्वर जैन समाज, परशुराम मित्र मण्डल भुवनेश्वर तथा उसके घटक संगठनों के सैकड़ों हिन्दी कविता प्रेमी उपस्थित थे। आभार प्रदर्शन वाचनालय के मुख्य संरक्षक सुभाषचंद्र भुरा ने किया।
अशोक पाण्डेय

image_pdfimage_print


Get in Touch

Back to Top