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हिन्दी महोत्सव-2018

यूनाइटेड किंगडम
ऑक्सफोर्ड | लन्दन | बर्मिंघम

दूसरा दिन
‘हिन्दी महोत्सव’ के तत्त्वावधान में दूसरे दिन ‘वातायन’ पुरस्कार दिए गए जिसमें पहला पुरस्कार ‘लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड’ कुसुम अंसल को तथा दूसरा पुरस्कार ‘वातायन कविता सम्मान’ यतीन्द्र मिश्र को। तीसरा ‘संस्कृति सम्मान’ कृष्ण कुमार गौर को और चौथा ‘वातायन विशेष सम्मान’ सरोज शर्मा को प्रदान किया गया ।

पुरस्कार प्राप्त करते हुए यतीन्द्र मिश्र ने वाणी फ़ाउंडेशन, यू.के. हिन्दी समिति, वातायन और कृति यू. के. का विशेष आभार प्रकट किया और कहा कि उनके कविता कौशल को उन्होंने पहचाना और इस अन्तर्राष्ट्रीय मंच पर उनको सम्मानित किया।

कुसुम अंसल का कहना था उनका जीवन ही उनका साहित्य दर्पण है और उसी कि छवि वह अपने प्रवासी भाइयों और बहनों के साथ साझा करती आयी हैं और ऐसे में वातायन शिखर सम्मान और अन्तर्राष्ट्रीय शिखर सम्मान उनके जीवन की तपस्या के फलस्वरूप आज मिला है।

कृष्ण कुमार गौर और सरोज शर्मा ने पुरस्कार ग्रहण करते हुए ‘हिन्दी महोत्सव’ की सफलता पर सभी विद्वानों का धन्यवाद और आभार प्रकट किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि यू.के. के सांसद वीरेन्द्र शर्मा ने हिन्दी महोत्सव को बधाई देते हुए कहा कि विश्वभर के हिन्दीकर्मी खासकर यू.के. के साहित्यकार इस मंच पर इकट्ठे हैं और ये बहुत जरूरी है क्योंकि विदेश में रह रहे भारतीय बच्चों को हिन्दी भाषा और उनके देश की परम्परा भाषा सिखाने का इससे अच्छा माध्यम और कोई नहीं हो सकता। वीरेन्द्र शर्मा ने कहा कि वह आने वाले समय में अपना पूरा सहयोग हिन्दी महोत्सव को देंगे। उन्होंने अगला हिन्दी महोत्सव को करने का आग्रह भी किया है

‘वातायन’ संस्था की संस्थापक दिव्या माथुर ने कहा कि 2003 से वातायन सम्मान यू. के. में भरतीय लेखकों, कलाकारों और कवियों का सम्मान करता आया है। माथुर ने कहा इस वर्ष इस वर्ष हिन्दी महोत्सव के तत्वावधान से जुड़ कर इसका विस्तार स्वागत योग्य है।

कार्यक्रम का संचालन ऑक्सफ़ोर्ड बिज़नेस कॉलेज के प्रबन्ध निदेशक डॉ पद्मेश गुप्त ने किया।

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विस्तृत जानकारी के लिए सम्पर्क करें :
अदिति माहेश्वरी-गोयल( निदेशक वाणी प्रकाशन)
दीपा (मार्केटिंग टीम वाणी प्रकाशन) मो. 9643331304
ई-मेल : marketing@vaniprakashan.in



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