आप यहाँ है :

पीओजेके को को वापस लेगा हिंदुस्तान-डॉ.जितेन्द्र सिंह

-महाराजा हरि सिंह के कश्मीर वाले स्वरूप को वापस लाना है- डॉ. जितेन्द्र सिंह
-‘काश्मीर के हालात के लिए अलगाववादी कम,राजनीतिक मुख्यधारा के लोग ज्यादा जिम्मेदार’
-‘कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है-पाक अधिकृत हिस्सा जल्द वापस लाने जा रहे हैं’
-सरदार पटेल होते तो कश्मीर समस्या ही नहीं होती-डॉ. जितेन्द्र सिंह
-अलगाववादियों का असली चेहरा बेनकाब हो गया है-डॉ जितेन्द्र सिंह

नई दिल्ली। पाक अधिकृत जम्मू कश्मीर को भारत सरकार जल्द वापस लेने जा रही है। ये कहना है पीएमओ के राज्यमंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह का। राजधानी दिल्ली के जनकपुरी में कारगिल शहीदों की याद में आयोजित किए गए कार्यक्रम में डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि सरदार पटेल की अगर चली होती तो आज कश्मीर की तस्वीर दूसरी होती। साथ ही उन्होंने कहा कि भारत को वो पूरा कश्मीर चाहिए जो हमें महाराजा हरि सिंह ने सौंपा था और भारत सरकार इसी एजेंडे पर काम भी कर रही है..। इस मौके पर केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि घाटी के अलगाववादियों के चेहरे बेनकाब हो गए हैं…और कश्मीर के वर्तमान हालात के लिए अलगाववादियों से ज्यादा सूबे की राजनीति के मुख्यधारा से जुड़े हुए लोग जिम्मेदार हैं।

जम्मू-कश्मीर स्टडी सेंटर के रिसर्च फेलो रंजन कुमार ने जम्मू कश्मीर की भौगोलिक, सामाजिक और आर्थिक पहलुओँ पर प्रजेंटेशन दिया। समारोह में मुख्य वक्ता रक्षा विशेषज्ञ आलोक बंसल ने गिलगित-बालिस्टान के अहमियत पर विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में जहां शहीद सैनकों के परिजनों का सम्मान किया गया, वहीं लोकप्रिय कवि गजेन्द्र सोलंकी ने देशभक्ति वाली रचनाएं सुनाईं। कार्यक्रम का संचालन आभा खन्ना और राकेश कुमार ने किया।

इससे पहले अकादमिक सत्र में जम्मू-कश्मीर के मामलों के जानकार और वरिष्ठ पत्रकार आशुतोष भटनागर ने जम्मू कश्मीर पर अपना व्याख्यान दिया। इसी सत्र में सुप्रीमकोर्ट के वरिष्ठ वकील डीके दुबे ने धारा 370 की वर्तमान प्रासंगिकता पर सवाल उठाए।

कार्यक्रम का आयोजन सामाजिक संस्था “समविकास” और “जम्मू-कश्मीर पीपुल्स फोरम” की द्वारा किया गया था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों के साथ-साथ सामाजिक कार्यकर्ता, पत्रकार और बुद्द्जीवी शामिल हुए। सामाजिक संस्था समविकास की अध्यक्ष आभा खन्ना ने समारोह में आए हुए लोगों का आभार जताया।

Print Friendly, PDF & Email


Leave a Reply
 

Your email address will not be published. Required fields are marked (*)

You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <s> <strike> <strong>

सम्बंधित लेख
 

ईमेल सबस्क्रिप्शन

PHOTOS

VIDEOS

Back to Top