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अपने नाम को चरितार्थ कर रही है प्रतिभास्थली – डॉ. चन्द्रकुमार जैन

प्रतिभास्थली के वार्षिकोत्सव सृजन 2016 में मुख्य अतिथि
डॉ.चन्द्रकुमार जैन ने प्रतिभास्थली की छात्राओं को किया सम्मानित

राजनांदगांव। प्रतिभास्थली की होनहार बालिकाओं ने अपनी मनोहारी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और अपनी प्रतिभा के उत्कृष्ट प्रदर्शन की अमिट छाप छोड़ी। साथ ही, सबकी सराहना की हक़दार बनी। डोंगरगढ़ में ज्ञानोदय विद्यापीठ, चंद्रगिरि परिसर में आयोजित संस्था के भव्य वार्षिकोत्सव सृजन 2016 के मुख्य अतिथि ख्याति प्राप्त प्रेरक वक्ता, कलमकार और दिग्विजय कालेज के राष्टपति सम्मानित प्रोफ़ेसर डॉ.चन्द्रकुमार जैन थे। अध्यक्षता रायसेन मध्यप्रदेश की प्रमुख शिक्षाविद डॉ. इंदु जैन ने की।

प्रारम्भ मेंअतिथियों ने दीप प्रज्जवलन किया। ट्रस्ट के पदाधिकारियों किशोर जैन, पप्पू जैन और विनोद बड़जात्या ने उनका आत्मीय स्वागत और सम्मान किया। संस्था की दीदियों के साथ समारोह का ओजस्वी संचालन करते प्रतिभास्थली के महामंत्री चंद्रकांत जैन ने मुख्य अतिथि डॉ. चंद्रकुमार जैन और समारोह अध्यक्ष श्रीमती इंदु जैन का परिचय दिया। नन्हीं बालिकाओं के सुमधुर मंगलाचरण के साथ, स्नेही दर्शकों, अभिभावकों और गणमान्य जनों से खचाखच भरे परिसर में श्रेष्ठ, संदेशवाहक और मनोरंजक कार्यक्रमों की श्रृंखला प्रारम्भ हुई।

गरिमामय समारोह में मुख्य अतिथि डॉ. चंद्रकुमार जैन ने कहा कि संत शिरोमणि मूकमाटी महाकाव्य के महाशिल्पी आचार्य विद्यासागर जी महाराज की दिव्य प्रेरणा से संचालित प्रतिभास्थली अपने नाम को चरितार्थ कर रही है। यहां ट्रस्ट के सेवाभावी कर्मठ व्यक्तित्वों के साथ-साथ संस्था की उच्च शिक्षित और संयमित, शैक्षणिक जीवन को समर्पित दीदियों ने एक नया इतिहास रचने का बीड़ा उठाया है। डॉ. जैन ने कहा प्रतिभास्थली प्रमुख रूप से राष्ट्रभाषा हिंदी के सम्मान के अतिरिक्त जिस तरह संस्कृत और अंगेजी और विविध विषयों में अपनी छात्राओं को दक्ष बना रही है, जीवन के निर्वाह से आगे बढ़कर उसके निर्माण की चेतना जगा रही है उसे देखकर भावी भारत की सुन्दर तस्वीर उभर आती है। डॉ.जैन ने छात्राओं को प्रेरणा देते हुए कहा कि जिस प्रकार धागों को जोड़ने पर परिधान बनता है, ईंटों के जुड़ जाने से मकान बनता है उसी तरह प्रतिभा के बिखरे कणों को संजोने से आदमी एक अदद इंसान बन जाता है। डॉ. जैन ने कहा कि यह जीवन वतन से जुड़ जाये और चेतन की तरफ मुड़ जाये तो अभूतपूर्व क्रांति संभव है।

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प्रतिभास्थली की बालिकाओं ने समसामयिक प्रस्तुति सर्जिकल स्टैक, नोटबंदी से लेकर गांधी दर्शन और संस्था के एक पक्ष हथकरघा सहित प्रभावीशाली सामूहिक डिबेट, गीत-नृत्य के जरिये अपनी बहुआयामी क्षमता का परिचय दिया और लगातार शाबासी हासिल की। मुख्य अतिथि डॉ.चंद्रकुमार जैन ने होनहार छात्राओं को पुरस्कृत किया। कार्यक्रम में सप्रेम जैन, पूनम जैन, सुधेश जैन, राजकुमार जैन, सुभाष जैन, मनोज जैन आदि पदाधिकारियों का सक्रिय सहयोग प्राप्त हुआ। इस अवसर पर सुधीर जैन, अशोक पंचरतन, सुभाष जैन, सुशील छोटे, अमित जैन, अशोक झांझरी और राजनांदगांव के लायन राजेश जैन ख़ास तौर पर उपस्थित थे। कार्यक्रम का टीवी चैनलों से दीधे प्रसारण भी किया गया। अन्य प्रदेशों सहित दुर्ग, भिलाई, रायपुर, राजनांदगांव, डोंगरगांव आदि स्थानों से लोग विशेष बसों में पहुंचकर आयोजन में शामिल हुए। आयोजन समिति ने अंत में सबका आभार माना।



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