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व्यक्ति को संमोहित कर अपराध कर सकते हैं, यह सिद्ध करें, अन्यथा क्षमायाचना करें !

मुंबई : सनातन संस्था के प्रवक्ता श्री. अभय वर्तक ने महाराष्ट्र शासन को यह आवाहन किया है कि, ‘प्रा. श्याम मानवद्वारा किए गए सर्व आरोप तथ्यहीन हैं। उसे विज्ञान का प्रमाण नहीं है। उन के कथनानुसार इरेक्शन हिप्नोसिसद्वारा मानवी बम बनाया जा सकता है, यह पूर्णत: असत्य है। इस प्रकार की कोई भी बात संभव नहीं है। संमोहन शास्त्र में ऐसी क्षमता है ही नहीं, ऐसा विज्ञान एवं संमोहन तज्ञ कहतें हैं। सनातन संस्था संमोहन के दमपर ब्रेन वॉशिंगद्वारा मानवी बम निर्माण कर सकती है, सनातनवाले (संमोहन के दमपर) मानवी हत्त्याएं भी कर सकती हैं, ऐसा केवल द्वेषभावना से आरोप कर प्रा. श्याम मानव समाज का दिशाभ्रम कर रहे हैं तथा संस्था की अपकीर्ती कर रहे हैं; इस लिए प्रा. श्याम मानवपर ड्रग्ज अ‍ॅण्ड मेडिकल अ‍ॅक्ट के अंतर्गत ‘विज्ञान शाखा’ के संदर्भ में लोगोंके मन में भय उत्पन्न करना, लोंगों के मन में संदेह उत्पन्न करना, इस धारा के नीचे अपराध प्रविष्ट कर उन्हें बंदी बनाने की मांग हम कर रहे हैं।’

मुंबई पत्रकार संघ में सनातन संस्थाद्वारा आयोजित पत्रकार परिषद में उन्होंने यह वक्तव्य किया।

प्रा. श्याम मानव गत कुछ दिनोंसे सनातन संस्था तथा परात्पर गुरु डॉ. जयंत आठवलेपर निरर्थक आरोप कर रहे हैं। इन आरोपोंका विज्ञान के आधारपर खण्डन किया गया। आधुनिक वैद्या श्रीमती आशा ठक्कर की, जिनका २४ वर्षोंका अनुभव हैं, ऐसी मानसोपचार तज्ञ की संमोहन शास्त्र की मर्यादा स्पष्ट करनेवाली ध्वनिचित्र-चक्रिका (सीडी) प्रसारित की गई।

साथ ही उस समय हिन्दू विधीज्ञ परिषद के अधिवक्ता श्री. संजीव पुनाळेकर ने भी श्री. समीर गायकवाड के संदर्भ में निश्चित सूत्र प्रस्तुत कर पत्रकारोंकी संदेहोंका निरसन किया।

श्री. वर्तक ने आगे कहा कि, ‘आज के विज्ञान युग में प्रा. मानव पूरी तरह से झूठा वक्तव्य कर संमोहनशास्त्र के संदर्भ में अंधश्रद्धा फैलाने का अपराध कर रहें हैं। यदि प्रा. मानव की दृष्टिकोण से उनके वक्तव्य में सत्यता है, तो वह सिद्ध करने का दायित्व भी उनपर आता है; इस लिए स्वयं को ‘संमोहन तज्ञ’ कहलवानेवाले प्रा. मानव के कथनानुसार ‘अपरिचित अथवा दूर अंतरपर होनेवाली व्यक्ति को संमोहित कर उस व्यक्तिद्वारा किसी भी प्रकार का अपराध करवा सकते हैं’, यह सिद्ध करने का जाहीर आव्हान हम संस्थाद्वारा प्रा. मानव को कर रहे हैं।

तदनुसार, सनातन संस्था, साधक न होनेवाले समाज के १० प्रतिष्ठित नागरिक प्रा. मानव को उपलब्ध करवाएगी। प्रा. श्याम मानव उन्हें संमोहित कर उनकेद्वारा अपराधी कृत्य करवाए तथा पश्चात उन के स्मृति से वह अपराधी कृत्य निकाल कर दिखाएं, अन्यथा दिशाभ्रम कर अंधश्रद्धा फैलाने के संदर्भ में पूरे समाज से जाहीर क्षमा मांगे !

पहले ही एक बार, प्रा. श्याम मानवपर झूठे वक्तव्य करने का अपराध प्रविष्ट कर उन्हें एक दिन के लिए बंदी बनाया गया था !

१ लक्ष ४० सहस्त्रोंसे अधिक ‘संमोहन-शास्त्र’ के विषयपर संकेतस्थल उपलब्ध हैं। वह आप देख सकते हैं। उस से संमोहनद्वारा इस प्रकार का कृत्य करना असंभव है, यह आप के ध्यान में आएगा।

श्री. अभय वर्तक ने आगे यह भी वक्तव्य किया कि,

१. सनातन संस्थापर निरर्थक आरोप लगाकर वे संस्था को नष्ट करने का प्रयास कर रहे हैं, यह बात अत्यंत गंभीर है।

२. किसी भी व्यक्ति की इच्छा के विरुद्ध उसे संमोहित करना संभव नहीं है तथा सामने उपस्थित नहीं ऐसे व्यक्ति को तो संमोहित करना असंभव ही है ! एक ही समयपर किसी समुदाय को भी संमोहित नहीं कर सकते। संमोहन के आधारपर किसी की विवेकबुद्धि अथवा तर्कबुद्धि प्रभावित नहीं हो सकती।

३. संमोहन-शास्त्र में इतनी क्षमता ही नहीं है कि, उस के आधारपर किसी भी व्यक्ति को संमोहित कर उसकेद्वारा किसी भी प्रकार का हिंसात्मक कार्य करवा सकें !

४. किसी को संमोहित कर, उसकेद्वारा हिंसात्मक कार्य करवाकर पश्चात उस की मेमरी डीलीट कर सकते हैं, ऐसा बताकर किसी अंग्रेजी चित्रपट के दिग्दर्शक के भी ध्यान में न आनेवाली इस प्रकार की अगम्य कल्पना प्रा. मानव यहां प्रस्तुत कर रहे हैं। किसी की स्मृति कोई संगणक नहीं, जो डिलिट का बटन दबाने से नष्ट हो जाएगी ! स्मृतिभ्रंश करने के लिए, ‘मानवी मेंदू’ कोई संगणक नहीं। किसी से ‘हत्या’ समान गंभीर बात हुई, तो उस के ‘मन’पर हुआ हत्त्या का संस्कार नष्ट करना असंभव है !

५. यदि प्रा. मानव का कहना एक पल के लिए सत्य है, ऐसा स्वीकार किया गया, तो इस शास्त्र का उपयोग आतंकवादी संगठन, कुख्यात माफिया डॉन जैसे लोगोंने, साथ ही चीन, पाकिस्तान जैसे राष्टोंने भी किया होता ! आर्मी रखने की अपेक्षा तथा भारत में आतंकवादी भेजने की अपेक्षा वे संमोहन का ही उपयोग करते ! और ऐसा ‘विज्ञान’ उजागर होने से आतंकवादी आक्रमणोंकी संख्या भी बढ़ गई होती !

६. ‘अंधश्रद्धा निर्मूलन’ का बहाना करनेवाले प्रा. श्याम मानव आज आधी-अधूरी जानकारीद्वारा स्वयं ही वैद्यकीय एवं संमोहन-शास्त्र के संदर्भ में अंधश्रद्धा फैलाने का कार्य कर रहे हैं !

७. भारत के प्रधानमंत्री वर्तमान में अमरिका में गए हैं। वहां उन्होंने संमोहन शास्त्र का उपयोग कर लोगोंको संमोहित किया, यदि ऐसा किसी ने कहा, तो वह भी संभव नहीं है !

अधिवक्ता श्री. संजीव पुनाळेकरद्वारा प्रस्तुत किए गए कुछ सूत्र इस प्रकार हैं ….

संमोहनद्वारा इस प्रकार का अपराध हो सकता है, यह अनुचित बात है – अधिवक्ता श्री. संजीव पुनाळेकर, हिन्दू विधीज्ञ परिषद

१. हम ने श्री. समीर गायकवाड इस निर्धन युवक को सहायता करने का आवाहन किया, तब १४ अभिवक्ता ३०८ हस्ताक्षरोंका पत्र लेकर न्यायालय में उपस्थित हुए।

२. पुलिस को उन के पास कोई हथियार अथवा वाहन नहीं प्राप्त हुआ।

३. रिमांड रिपोर्ट में उन के छोटा राजन के साथ संबंध थे, ऐसा कहीं भी उल्लेख नहीं।

४. संमोहन-शास्त्रद्वारा किसी भी प्रकार का अपराध करना असंभव है।

५. प्रा. श्याम मानव शासन के २ करोड रुपएं लेकर घूम रहे हैं तथा सभी को यह झूठ बताते जा रहें हैं !

आप देख सकते हैं . . .

‘संमोहन-शास्त्रद्वारा किसीपर अधिकार प्राप्त कर उसकेद्वारा अपराधी कृत्य करवाना, असंभव है’, यह सत्य कथन करनेवाले संमोहन-शास्त्र विषयक संदर्भग्रंथ तथा संकेतस्थल !

१. हिप्नोसिस : डिव्हलोपमेंट्स इन रिसर्च अ‍ॅण्ड न्यू पर्सपेक्टिव, लेखक : एरिका फ्रोम और रोनाल्ड इ शॉर (२००९)

२. हिप्नोसिस टुडे : लुकिंग बियोंड मिडिया पोट्रेयल, अमेरिकन सायकोलॉजिकल असोसिएशन

३. स्टेज हिप्नोसिस : ट्रान्सवर्क : एन इन्ट्रोडक्शन टू प्रेक्टीस ऑफ क्लिनिकल हिप्नोसिस, न्यू यॉर्क, लेखक : यापको और मायकल (१९९०); हिप्नोसिस काँप्लायन्स अ‍ॅण्ड बिलिफ, लेखक : वॉगस्टाफ और ग्रॅहम (१९८१)

४. मायो क्लिनिक अभ्यास गुंठ ने इस सदंर्भ में www.mayoclinic.org उन के इस संकेतस्थलपर महत्वपूर्ण जानकारी रखी है।

५. अमेरिकन सोसायटी ऑफ क्लिनिकल हिप्नोसिस इस संस्था के संकेतस्थलपर आगे की लिंक पर इस संदर्भ की जानकारी है।
http://www.asch.net/Public/GeneralInfoonHypnosis/FAQsAboutHypnosis/tabid/161/Default.aspx

६. संमोहन के अभ्यासक डॉ. स्टीफन वॉल्कीन ने इस संदर्भ में स्पष्ट अभ्यासपूर्ण मत प्रस्तुत किया है।

इस समय मानसोपचारतज्ञ डॉ. श्रीमती आशा ठक्कर की ध्वनीचित्र चक्रिका का प्रसारण किया गया। उस में उन्होंने यह बात बताई कि, संमोहनद्वारा किसी व्यक्ति का मन तनाव से शिथिल कर सकते हैं; किंतु संमोहनद्वारा कोई अल्पबुद्धि अथवा कोई दुर्बल व्यक्ति संमोहित हो सकती है, यह असभंव है ! कोई भी व्यक्ति अपने मन के विरुद्ध किसी आदेश का पालन नहीं करती ! संमोहन संदर्भ में अधिक मात्रा में अज्ञान होने के कारण वर्तमान में हेतुपुरस्सर अनुचित जानकारी समाचारप्रणालोंके माध्यम से प्रसारित की जा रही है। संमोहनद्वारा किसी बडे गुंठ को संमोहित करना, केवल असंभव है। काफी देर तक कोई भी संमोहित नहीं रह सकता और थोड़े से समय में संमोहित रखकर किसी के मन को खाली नहीं किया जा सकता !

इस संदर्भ में प्रसारित की गई संमोहन की जानकारी का उपयोग मन को शिथिल करना, तनाव मुक्त करना, इस के लिए किया जा सकता है।

सनातन संस्था का आव्हान

सनातन संस्था, ‘साधक’ न होनेवाले समाज के १० प्रतिष्ठित नागरिक प्रा. मानव को उपलब्ध करा देगी। प्रा. श्याम मानव को उन्हें संमोहित कर उनकेद्वारा अपराधी कृत्य करवाना है और पश्चात उन के स्मृति से वह अपराधी कृत्य संपूर्णत: हटा कर दिखाना है, अन्यथा वो, ‘दिशाभ्रम कर अंधश्रद्धा फैलाने के संदर्भ में’ पूरे समाज से जाहीर क्षमा मांगे !

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