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भारतीय संस्कृति को अक्षुण्ण रखने में हिंदी का महत्वपूर्ण योगदान – डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव

लखनऊ। भारतीय संस्कृति को अक्षुण्ण रखने में हिंदी का बहुत बड़ा योगदान है। जरूरत इस बात की है कि हम इसके प्रचार-प्रसार और विकास के क्रम में आयोजनों से परे अपनी दैनिक दिनचर्या से भी जोड़ें। उक्त उद्गार लखनऊ मुख्यालय परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएँ एवं चर्चित साहित्यकार व् ब्लॉगर श्री कृष्ण कुमार यादव ने पोस्टमास्टर जनरल, लखनऊ कार्यालय में “हिंदी पखवाड़ा” का शुभारम्भ करते हुए व्यक्त किये।

डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि हिंदी हमारी मातृ भाषा के साथ-साथ राजभाषा भी है और लोगों तक पहुँच स्थापित करने के लिए टेक्नॅालाजी स्तर पर इसका व्यापक प्रयोग करने की जरूरत है। आज परिवर्तन और विकास की भाषा के रूप में हिन्दी के महत्व को नये सिरे से रेखांकित किया जा रहा है।

लखनऊ जीपीओ के चीफ पोस्टमास्टर आर एन यादव ने कहा कि हिंदी पूरे देश को जोड़ने वाली भाषा है और सरकारी कामकाज में भी इसे बहुतायत में अपनाया जाना चाहिये।

सहायक निदेशक (राजभाषा) आई के शुक्ला ने इस अवसर पर हिंदी पखवाड़ा के दौरान डाक विभाग द्वारा मनाये जाने वाले कार्यक्रमों के बारे में विस्तार से बताते हुए ज्यादा से ज्यादा लोगों से भागीदारी की अपील की। सहायक निदेशक एपी अस्थाना ने बताया कि इस दौरान हिंदी श्रुतलेखन, निबंध लेखन, टंकण प्रतियोगिता, पत्र लेखन, वाद-विवाद प्रतियोगिता, काव्य पाठ जैसी तमाम प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएँगी।

कार्यक्रम में आरएन यादव, चीफ पोस्टमास्टर लखनऊ जीपीओ, जेबी दुर्गापाल, प्रवर अधीक्षक डाकघर फैजाबाद, एचके यादव, अधीक्षक डाकघर सीतापुर, एसके सक्सेना, अधीक्षक डाकघर, रायबरेली, टीपी सिंह, अधीक्षक डाकघर बाराबंकी, एबी सिंह, डाक उपाधीक्षक लखनऊ सहायक डाक अधीक्षक उमेश कुमार, सुनील कुमार, प्रियम गुप्ता, प्रभाकर वर्मा, अखंड प्रताप सिंह सहित डाक विभाग के तमाम अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन विजय कुमार और आभार ज्ञापन सहायक निदेशक एपी अस्थाना ने किया।

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