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दिल्ली में हुआ भारत का सबसे बड़ा शिक्षा महोत्सव, ज़ी एजुकेयर

वर्कशॉप्स व एक्जिबिटर्स, प्रबुद्ध वक्ताओं व पैनलिस्ट्स संग चर्चाओं में युवाओं को मिला अद्भुत अनुभव।

नई दिल्ली। नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इनडोर स्टेडियम में दो दिन से जारी भारत का सबसे बड़ा शिक्षा महोत्सव एचपी प्रजेन्ट्स जी एजुकेयर आज सम्पन्न हुआ। विद्यार्थी समुदाय के लिये एक रोचक सर्वांगीण शिक्षा महोत्सव का लक्ष्य शोधकर्ताओं, उद्योग विशेषज्ञों, प्राध्यापकों और भूतपूर्व विद्यार्थियों को एक छत के नीचे लाकर युवाओं की उच्च शिक्षा सम्बंधी आवश्यकताओं की कमी को पूरा करना रहा, ताकि वे अपने कैरियर के सम्बंध में सही सूझ-बूझ के साथ निर्णय कर सकें।

दो दिवसीय इस शैक्षणिक महोत्सव में दोनों ही दिन प्रतिभा प्रदर्शन, पैनल चर्चा, प्रदर्शनी, भारत के संगीतकारों, कलाकारों और थियेटर कलाकारों की प्रस्तुतियाँ जैसी गतिविधियां शामिल रहीं, जिसने मौजूदा पेशेवरों को कैरियर में आगे बढ़ने और अभिभावकों/विद्यार्थियों को अलग विकल्प तलाशने में सहयोग दिया साथ ही इसने पारंपरिक और गैर-परंपरागत शैक्षणिक प्रारूपों को सम्बोधित करते हुए नये युग के टूल्स तथा कार्यप्रणाली पर जोर दिया।

आज के जाने-माने युवाओं और अपने क्षेत्रों में धूम मचा रही प्रतिभाओं के साथ आयोजित विभिन्न सत्र महोत्सव के मुख्य आकर्षण रहे। अशोक फेलोशिप सत्र द्वारा बसित जमाल, समिना बानो व सारांश वासवानी को ‘इनोवेशन इन एजुकेशन’, अयाज बसरई, नेहा डूडल्स व श्रृष्टि बजाज का ‘मेथड टू मेडनेसः कनवरसेशन अबाउट डिजाइन एंड आर्कटेक्चर, सुप्रिया पॉल, रितेश मल्होत्रा, प्रनब पुंज व गुरमीत सिंह के साथ पावर ऑफ मीडिया इन एजुकेशनः वाट यू सी इज़ वाट यू बीलीव। जाने माने कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा के साथ ‘द क्राफ्ट ऑफ कास्टिंग फॉर मूवीज़’, कैरी मीनाती, गौरव तनेजा व रिशसोम के साथ ‘यूट्यूब एज़ ए कैरियर’ और म्यूज़िक कम्पोज़र, सिंगर जसलीन रॉयल की एनर्जेटिक प्रस्तुति पहले दिन का प्रमुख आकर्षण रहीं।

दिनभर के उत्साहवर्द्धक टॉक सेशन के बाद जसलीन का एनर्जेटिक परफॉर्मेंस लाइव वायर जैसा रहा जिसने युवाओं की शनिवार की शाम को मस्तीभरा बनाया। अपनी प्रस्तुति में जसलीन ने ‘लव यू ज़िंदगी, जहां तू चला, पानी द रंग देखके, साडी गली आजा, दिन सग्ना दा, इलाही, गुलाबी आंखे, नचदे ने सारे, लिम्बरगिनी चलायी जांदे ओ..’ आदि प्रस्तुत किये और सभी को मस्ती में झूमने नाचने गाने पर मजबूर किया।

वहीं दूसरे दिन के विभिन्न सेशन्स में रविवार को युवाओं का भूरपूर जोश देखने को मिला। लगभग सभी सेशन में उनका उत्साह और जानने की लालसा जबरदस्त थी। दूसरे दिन के सत्रों में रॉब के साथ ‘द आर्ट ऑफ फेलयरः इग्ज़ाम आर नॉट द एंड ऑफ द वर्ल्ड’, यूथ की आवाज़ के प्रशांत झा के साथ ‘बिल्डिंग प्लेटफॉर्मस दैट अलाउ यूथ टू वायस देयर आपीनियन्स’, सारांश गोइला व अनाहिता ढोंढी के साथ ‘एजुकेशन वर्सेस स्किलः स्ट्राइकिंग द राइट बैंलेंस फॉर द एफ एंड बी इंडस्ट्री’ आदि प्रमुख रहे। इन सभी के बीच प्रतिभाशाली गायक परमीश वर्मा के हाइलाइट एक्ट ने उपस्थित युवाओं व अन्य को झूमने नाचने गाने पर मजबूर किया।

भारत के सबसे बड़े शैक्षणिक महोत्सव में कला और डिजाइन, संगीत, कानून, कृषि, चिकित्सा विज्ञान, आर्किटेक्चर, फैशन, फिल्म और मास कम्यूनिकेशन, इंजिनियरिंग और इवेंट मैनेजमेन्ट सहित विभिन्न विषयों को सम्मिलित किया गया था। ज़ी एजुकेयर इसी तरह के महोत्सवों को पूरे देश में आयोजित करने जा रहा है जो विद्यार्थियों को प्रेरित, जागरूक और तीक्ष्ण करेंगे और निर्णय लेने की प्रक्रिया में उनकी मदद करेंगे।

महोत्सव के बारे में स्वरूप बनर्जी, मुख्य परिचालन अधिकारी, ज़ी लाइव, ने कहा, “हम शिक्षा क्षेत्र को बड़ा महत्व देते हैं। ज़ी एजुकेयर के माध्यम से हमने युवाओं को एकत्र करने का प्रयास किया है, जो शिक्षा की दुनिया की ओर देख रहे हैं। पैनलिस्ट्स ने खरी बात कही और अपने अनुभवों को साझा किया। विश्व में प्रतिदिन बनने वाले सूचना और टूल्स के माध्यम से शिक्षा का पारंपरिक मॉडल चर्चा में युवाओं की प्रतिभागिता प्रमुख रही। दिल्ली में मौजूदगी दर्ज कराने के बाद हम मुंबई और बैंगलोर में इसका आयोजन करेंगे, जो विद्यार्थियों की आवश्यकताओं पर केन्द्रित होगा।’’

अपने सत्र में मुकेश छाबड़ा ने अपनी प्रतिभा पर ध्यान देते हुए, लगातार प्रयास करते रहना और खुद को जानने व लगन के साथ मेहनत करने की सलाह की। मुकेश ने बताया कि दिल्ली में बहुत सारी प्रतिभायें हैं और हम लगातार दिल्ली से अपने काम के लिए प्रतिभायें चुन रहे हैं, यहां का टैलेंट सशक्त है।

वहीं रॉब ने सभी को काफी प्रभावित किया, उन्होंने अपने कैरियर में आगे बढ़ने के टिप्स दिये, मेहनत, लगन और अपने पैशन के आधार पर आगे बढ़ने की बात कही।

सारांश गोइला ने अपने ड्रीम को फालो करें और लगातार प्रयास करें, जिसके चलते आपको पता लगेगा कि आपका इंटरेस्ट क्या है और आपको क्या करना है। यह आपको अपना पैशन ही नहीं आंतरेप्रेन्यरशिप के सपने का सच करने में मदद करेगा। सारांश, अनाहिता दोनों ने ही शिक्षा और स्किल दोनो की महत्ता पर जोर दिया।



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